घोष संग काम करने का ख्वाब अधूरा रह गया: विद्या बालन
मात्र 49 साल में दुनिया को अलविदा कहने वाले रितुपर्णो घोष के अकस्मात निधन से बॉलीवुड काफी दुखी हैं। बंगाली फिल्मों से अपना करियर शुरू करने वाली बॉलीवुड की चौथी खान विद्या बालन ने भी बहुमुखी प्रतिभा के धनी रितुपर्णो घोष के लिए कहा कि मैं कभी सोच भी नहीं सकती थी कि रितुपर्णो जी इस तरह हमें छोड़कर चले जायेंगे। यह हमारा दुर्भाग्य है कि हमने उन्हें इतनी जल्दी खो दिया। मैं औऱ रितुपर्णो ने तो हाल ही में एक फिल्म के सिलसिले में फोन पर बात की थी। उनकी बातें अभी भी मेरे कानों में गूंज रही हैं। अब मेरी घोष संग काम करने की ख्वाहिश अधूरी रह गयी। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें। उनकी कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता है।
विद्या बालन ने यह बात अपनी आने वाली पहली कॉमेडी फिल्म घनचक्कर के म्यूजिक लांचिंग के सेट पर कही। विद्या एक बार फिर से इस फिल्म में इमरान हाशमी के साथ नजर आने वाली हैं। विद्या की यह पहली फिल्म है जो उनकी शादी के बाद रिलीज होगी। फिल्म के निर्देशक राजकुमार गुप्ता है।
गौरतलब है कि रितुपर्णो घोष पैंक्रियासं की बीमारी से लंबे समय से ग्रसित थे। बंगाली समेत हिंदी फिल्मों में भी अभूतपूर्व योगदान देने वाले रितुपर्णो घोष को लोग लीक से हटकर फिल्म बनाने वाले डायरेक्टर कहते थे। रितुपर्णो घोष ने बंगाली, हिंदी, उड़िया और अंग्रेजी में फिल्में बनायी हैं। उनका इस तरह से जाना निसंदेह फिल्म जगत के लिए खासा नुकसान हैं।
आईये आपको बताते हैं कि रितुपर्णो घोष को लोगों ने किस तरह से याद किया...


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