अभिनेता फारुख शेख का दुबई में निधन, अंतिम संस्कार मुंबई में

फारुख शेख 65 वर्ष के थे और उनकी तबीयत इससे पहले अच्छी थी और उन्होंने दो महीने पहले शारजाह पुस्तक मेले में शिरकत की थी। 25 मार्च 1948 को जन्में शेख ने 1973 में फिल्म 'गर्म हवा' से करियर की शुरुआत की थी और उसके बाद कला और मुख्यधारा की फिल्म में अपनी पहचान बनाई थी। उन्होंने चश्मेबद्दूर, उमराव जान, नूरी, किसी ने कहा, साथ-साथ, ये जवानी है दीवानी, आदि समेत तमाम फिल्में कीं।
शेख ने सत्यजीत रे के साथ भी लंबे समय तक काम किया। उनकी आखिरी फिल्म 'क्लब 60' थी। शेख को कला फिल्मों, रंगमंच और टेलीविजन में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। उन्होंने टेलीविजन पर प्रसिद्ध शो 'जीना इसी का नाम है' की मेजबानी भी की थी।
दीप्ती नवल ने शोक जताते हुए कहा, "मुझे अभी पूरी जानकारी नहीं है, और मैं अभी उनके परिवार के सदस्य से बात करने की स्थिति में नहीं हूं, लेकिन एक मित्र ने इसकी पुष्टि की है। मैंने शबाना आजमी से भी बात की है, जिन्हें इस अविश्यसनीय, दुखद और हैरानी भरी खबर की जानकारी थी। यह अविश्वसनीय है। मैं हैरान हूं। वह फिल्म उद्योग के एक बेहतरीन अभिनेता थे। वह एक ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने मुझे काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।"
उन्होंने कहा, "मुझे शबाना का फोन आया। उन्होंने बताया कि शेख को दुबई में दिल का दौरा पड़ा। वे उनका शव भारत लाएंगे। मैं अभी हिमाचल प्रदेश में हूं। मैं मुंबई वापस आ रही हूं।" नवल ने उस वादे को याद किया जो उन्होंने और शेख ने किए थे। उन्होंने कहा, "हमारी आखिरी फिल्म 'लिशन अमाया' के बाद उन्होंने और मैंने एक दूसरे से वादा किया था कि हम दोबारा साथ काम करेंगे और कई फिल्में कतार में थीं। हमने काम के संदर्भ में संपर्क में बने रहने का फैसला किया था।"


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