BUDGET 2018: अक्षय कुमार के भरोसे टैक्स का भी सीधा हिसाब - टिको और बिको
आज सबकी नज़रें केंद्रीय बजट 2018 पर टिकी हैं। और सबको पता है कि मनोरंजन के हिस्से ज़्यादा कुछ आना नहीं है। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी बजट से ठीक पहले वही एक मुद्दा सबने उठाया है - मनोरंजन कर।
मनोरंजन कर को लेकर बॉलीवुड दो हिस्सों में बंट गया है। एक वो जो चाहते हैं कि फिल्मों को टैक्स फ्री होना चाहिए जिनमें काजोल और रिचा चड्ढा जैसे लोग शामिल हैं।

वहीं दूसरी तरफ लोगों का मानना है कि मनोरंजन कभी टैक्स फ्री नहीं हो सकता। बॉलीवुड सरकार को सबसे ज़्यादा रेवेन्यू देने वाले इंडस्ट्री में शामिल है। ऐसे में मनोरंजन को टैक्स फ्री नहीं किया जा सकता है।
दोनों मतों के बावजूद, सिनेमा जगत को सरकार से इतनी उम्मीद ज़रूर है कि फिल्मों पर टैक्स को कम से कम रखा जा सके ताकि ये दर्शकों तक ज़्यादा से ज़्यादा पहुंच सके।
क्या है पैमाना
बॉलीवुड में फिल्मों को टैक्स फ्री करने का कोई पैमाना नहीं है। जिस राज्य सरकार को जो फिल्म अच्छी लग गई या उसका सामाजिक मुद्दा राज्य के हित में दिखा उसे टैक्स फ्री कर दिया जाता है। वर्तमान समय में तो एक अक्षय कुमार ही हैं जो ये टास्क कर पा रहे हैं।
देखा जाए तो फिल्में के टैक्स फ्री होने का हिसाब सीधा सा है - टिको और बिको। जैसा कि आजकल अक्षय की फिल्में कर रही हैं। इसी कारण, टॉयलेट एक प्रेम कथा यूपी में टैक्स फ्री कर दी गई।
जानिए पिछले कुछ सालों में टैक्स फ्री हुई फिल्मों की लिस्ट -


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