मान्यता की बीमारी पर सवालिया निशान, खतरे में संजय की पैरोल
राज्य सरकार ने शनिवार को इस मुद्दे पर रिपोर्ट मांगी। पुलिस अब मान्यता से बीमारी के बारे में पूछताछ कर सकती है। पुणे के मंडलायुक्त द्वारा मंजूर दत्त की एक महीने की पेरोल को लेकर विभिन्न तबकों में तीखी प्रतिक्रिया हुई है।
संजय दत्त की पेरोल पर संभावित रिहाई के विरोध में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के कुछ कार्यकर्ताओं ने शनिवार को यरवदा केंद्रीय कारागार पर प्रदर्शन किया। काले झंडे और बैनर लहरा रहे आरपीआई कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। उनकी मांग थी कि संजय दत्त को रिहा नहीं किया जाना चाहिए और उनसे भी अन्य कैदियों के समान व्यवहार होना चाहिए।
मान्यता का उपचार कर रहे हृदय रोग विशेषज्ञ अजय चौघुले ने मीडिया को बताया, "उनके (मान्यता) सीने में दर्द और तेजी से वजन कम होने की शिकायत है। चिकित्सकीय परीक्षणों में हमने पाया कि उनके लीवर में एक बड़ा ट्यूमर विकसित हो गया है।" चिकित्सक से पूछने पर कि क्या मान्यता की हालत चिंताजनक है, अजय ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया, लेकिन मान्यता के शीघ्र स्वस्थ होने की उम्मीद व्यक्त की।
मान्यता दत्त की बीमारी पर संशय इसलिए उत्पन्न हुआ क्योंकि गुरूवार को वह आर राजकुमार की स्पेशल स्क्रीनिंग में गयी थीं जिसकी तस्वीरों में वह स्वस्थ और खुश दिखायी पड़ रही हैं। यह तीसरी बार है कि जब दत्त को पेरोल मिली है।
गौरतलब है कि आर्म एक्ट के तहत दोषी करार दिये गये अभिनेता संजय दत्त को सुप्रीम कोर्ट ने 5 साल की सजा सुनायी है, जिनमें से करीब डेढ़ साल की सजा पहले ही काट चुके हैंइसलिए अब उन्हें साढ़े तीन साल की सजा काटनी है। संजय दत्त पुणे की यरवाडा जेल में बंद है।


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