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    शाहरुख-सलमान-आमिर नरेंद्र मोदी से शेनाज ने मांगी मदद!

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    आप भी सोच रहे होंगे कि आखिर ये कैसी गुजारिश है जो कि एक्टर-एमटीवी होस्ट शेनाज बॉलीवुड के बड़े बड़े नामचीन सितारों और साथ ही अनिल अंबानी व देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कर रही हैं। तो आपको बता दें कि असल में शेनाज ने अपने बचपन की कुछ ऐसी यादें इन दिग्गजों के साथ पत्र द्वारा शेयर की हैं जिनसे देश की हर एक लड़की खुद को जोड़ सकेगी। शेनाज के दर्द को महसूस कर सकेगी।

    शेनाज ने इस पत्र द्वारा शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट में यात्रा के दौरान महसूस किये गये अपने बुरे अनुभवों को व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि जिस लड़की के साथ रास्ते में, बसों, ट्रेनों में लड़कों द्वारा इस तरह की हरकतें की जाती हैं उन लड़कियों को शर्मिंदा होनी की जरुरत नहीं है। क्योंकि इस बात पर लड़कों को शर्मिंदा होना चाहिए। शेनाज का पत्र इस तरह हैः

    "प्रिय नरेंद्र मोदी, अमिताभ बच्चन, सचिन तेंदुलकर, शाहरुख खान, सलमान खान, आमिर खान और अनिल अंबानी। मैं आप लोगों को खासतौर पर पत्र इसलिए लिख रही हूं क्योंकि आप लोग देश के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति हैं। मैं एक ऐसी महिला के रुप में ये पत्र लिख रही हूं जो कि मुंबई के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी है। मैं आप लोगों से मदद की गुजारिश करती हूं।

    मेरे माता-पिता शायद मेरे इस कदम से खुश ना हों। मैं उनसे माफी मांगना चाहती हूं लेकिन ये भी कहना चाहती हूं कि इन बातों को कहने पर मुझे शर्म नहीं आनी चाहिए बल्कि उन लोगों को आनी चाहिए जिन्होंने ऐसा किया। मुझे याद है मैं 13 साल की थी और सब्जी मार्केट अपनी मां के साथ गयी थी। मैंने एक खूबसूरत सी फ्रॉक पहनी थी और उसे पहनकर मैं घूम रही थी। कि अचानक ही एक आदमी ने जबरदस्ती मुझे छूआ। उस आदमी का छूना इतना गंदा था कि मैं कांप गयी।

    मैं रोने लगी और अपनी मां को बताया तो मेरी मां परेशान होकर देखने लगी कि वो आदमी कहां गया। उसके बाद मैं कई बार नहाकर उस एहसास को दूर करने की कोशिश करती रही लेकिन वो एहसास इतना गंदा था कि कई दिनों तक वो एहसास नहीं गया। उसके बाद जब मैं 15 साल की हुई तो तो मैंने सेंट जेवियर कॉलेज में एडमीशन लिया। मैं रोज बस या ट्रेन से जाती थी। उस दौरान अक्सर मेरे साथ लड़के इस तरह की हरकतें करते। इसी तरह मैं बड़ी हो गयी।

    ये सिर्फ मेरी कहानी नहीं है बल्कि देश की हर वो लड़की जिसके पास कार नहीं है या लक्जरी नहीं है वो इसी तरह की घटनाओं का शिकार होती है। मैंने खुद को बचाने के कई तरीके सोचे। मैं अपना बैग कसकर पकड़कर चलती। हर 20 मिनट में पीछे पलटकर देखती कि कौन मेरा पीछा कर रहा है। कई बार मैंने मुझे छूने वाले को थप्पड़ भी मारा लेकिन उसके बाद कई बार मुझे भी थप्पड़ पड़े। कई बार मुझे लोगों ने बचाया तो कई बार नहीं।

    मेरी मां ने मुझे समझाया कि मैं किसी पर हाथ ना उठाउं, उन्हें इस बात का डर है कि कहीं कोई मुझपर एसिड ना डाल दे और कोई मुझे मार ना दे। इस बात का डर उन्हें आज भी है। मेरी छोटी बहन का सोफिया कॉलेज में एडमीशन हुआ। वो पहले दिन कॉलेज गयी हम सभी बेहद उत्साहित थे। लेकिन जब वो घर आई तो बुरी तरह से सो रही थी। जब हमने पूछा तो पता चला कि बस में एक आदमी ने उसी शर्ट के बाजुओं से होकर अंदर हाथ डाल दिया था। पूरे बस के दौरान उसने ऐसा किया। मेरी बहन छोटी थी उसे तो ये समझ में भी नहीं आया कि उसके साथ क्या हुआ।

    मैं अपनी बहन से माफी मांगना चाहती हूं कि मैंने ये बात आज पूरी दुनिया को बता दी है लेकिन हमें शर्मिंदा होने की जरुरत नहीं है शर्मिंदा उन्हें होना चाहिए। मेरी कॉलेज की दोस्त की तबियत खराब होने के चलते वो रात को 11.30 बजे ट्रेन से बांद्रा जा रही थी। उस समय फर्स्ट क्लास के डिब्बे में कोई नहीं था। एक आदमी ने उसका रेप कर दिया और फिर वो कूद गया। मेरी दोस्त बुरी तरह से जख्मी होकर घर पहुंची और शर्म के मारे चुप रही। किसी को कुछ नहीं बताया। लेकिन इसपर उसे शर्म क्यों।

    मेरी मां हैदराबाद में एक शूट के दौरान मेरे साथ गयी थीं। चूड़ी बाजार में एक साइकिल सवाल ने मेरी मां को गंदी तरह से छुआ। मेरी मां जिनकी मैं इतनी इज्जत और इतना प्यार करती हूं। मां मुझे माफ करना कि मैं ये बात सबसे शेयर कर रही हूं। लेकिन हमें शर्मिंदा होने की जरुरत नहीं है।

    आप सोच रहे होंगे कि मैं आपको अपने घर की निजी बातें क्यों बता रही हूं। पहली बात तो ये है कि मैं चाहता हूं कि देश की हर एक महिला अपने साथ हो रहे इस व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाए। हमें शर्मिंदा नहीं होना चाहिए। शर्म तो उन्हें आनी चाहिए। अब ये उन्हें कौन हैं। ये हैं हमारे देश के मर्द। जिनमें हमारे पिता, रिश्तेदार, देश के जाने माने राजनेता, खिलाड़ी, बॉलीवुड सितारे भी शामिल हैं।

    हम महिला हैं तो क्या हमें हर पल डर कर जीना होगा। क्यों हमारे साथ इस तरह की हरकतें करने वालों को कड़ा दंड दिया जाता। सालों हो गये हैं। सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि मुंबई भी सुरक्षित नहीं है। आज भी मैं जब योगा क्लास से वापस लौटती हूं या किसी दोस्त के घर से वापस आती हूं तो डरती हूं कि कहीं कोई मेरे साथ रेप ना कर दे। आज भी मुझे लगता है कि काश मेरे पास मशीनगन होती तो मैं ऐसे लोगों को मार डालती।

    पीछले 4 सालों से मैं भारत के कई शहरों में रह चुकी हूं। साथ ही न्यूयॉर्क में भी। मैं बताना चाहूंगी कि हरलेम की सड़कों पर रात के 3 बजे मैं शॉर्ट स्कर्ट में जितना सुरक्षित महसूस करती हूं उतना आज भी बांद्रा की सड़कों पर पूरे कपड़े पहनकर भी रात के 10 बजे के बाद नहीं करती। आखिर क्यों।

    ऑस्ट्रेलिया और जापान और यूनाइटेड स्टेट्स में नमो द्वारा दिये गये भाषणों का क्या मतलब है। अगर हमारे देश की राजधानी में ही हम लड़कियां खुलकर..बिना डरे बाहर नहीं निकल सकते। हमं शर्म नहीं आनी चाहिए सर आपको आनी चाहिए। अब ये आपकी रिस्पॉसिबिलटी है कि आप हमारी सुरक्षा करें। आप सभी लोगों से जिन्हें मैंने ये पत्र लिखा है निवेदन है कि आप हमारे देश के कानून को बदलने में मदद करें।

    आप सभी के पास इतनी ताकत है कि आप ये कर सकते हैं। इस तरह की हरकतें करनेवालों को मौत की सजा दी जाए। अगर ये सजा ज्यादा बड़ी है तो इन्हें उम्र कैद की सजा दी जाए। मैं बहुत बड़ी सेलिब्रिटी नहीं हूं लेकिन आप सचिन तेंदुलकर, अमिताभ बच्चन, सलमान खान,शाहरुख खान, आमिर खान , अनिल अंबानी आपको इस बात पर आवाज उठानी चाहिए। हमारी मदद करिये। हमें बचाइये।

    शेनाज"

    English summary
    Shenaz Treasurywala wrote an open letter to the country's most popular and powerful men. The actor was particularly distressed when she wrote about her experiences with men on public transport and how she felt.
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