बर्थडे स्पेशल: 'चाहे कोई मुझे जंगली कहे', आज भी गाते हैं लोग
चाहे कोई मुझे जंगली कहे, गाना होठों पर आते ही, एक महान शख्सियत 'शम्मी कपूर' की तस्वीर आंखों के सामने उभर आती है। अपने रोमांटिक और चुलबुले अंदाज के लिए फेमस बाॅलीवुड के दिग्गज एक्टर शम्मी कपूर का आज 80वां जन्मदिन है। अपने दमदार अभिनय से उन्होंने बाॅलीवुड में अपने अदाकारी का लोहा मनवाया। शम्मी कपूर अपनी विशिष्ट शैली 'याहू' के लिए बेहद लोकप्रिय रहे। शम्मी कपूर और सायरा बानो अभिनीत फिल्म 'जंगली' (1961) ने बॉक्स आफिस को हिलाकर रख दिया था और शम्मी रातों रात 'स्टार' बन गए।

महान फिल्म अभिनेता और थिएटर कलाकार पृथ्वीराज कपूर और रामसरनी रमा मेहरा के दूसरे बेटे शम्मी सच्चे अर्थ में एक रॉकस्टार थे। उनका वास्तविक नाम शमशेर राज कपूर था। युवा होते ही शम्मी भी अभिनेता बनने का ख्वाब देखने लगे। शम्मी कपूर को घर में बचपन से ही फिल्मी माहौल मिला था। उन्होंने वर्ष 1953 में प्रदर्शित फिल्म 'जीवन ज्योति' से बतौर अभिनेता फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। शम्मी अपने पिता के साथ थिएटर में काम किया करते थे। 'जीवन-ज्योति' बॉक्स आ ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई। शम्मी ने अल्हड़-रोमांटिक अभिनेता की जो छवि निर्मित की, वह आज भी लोगों के जेहन में ताजा है।
शम्मी को मनचाही सफलता 'जंगली' से मिली। शम्मी कपूर और सायरा बानो अभिनीत फिल्म 'जंगली' (1961) ने बॉक्स आफिस को हिलाकर रख दिया था और शम्मी रातों रात 'स्टार' बन गए। उनके डांस करने का एक अलग ही अंदाज था, वह डांस से चाहने वालों का मन मोह लेते थे। वह अपनी फिल्मों में कभी लंबी टोपी पहनकर शैतानी करते, तो कभी कंबल लपेट कर फुदकते, कभी पहाड़ियों से लुढ़कते हुए 'याहू' चिल्लाते, तो कभी विचित्र शक्लों से हीरोइनों को चिढ़ाते। उनकी हर अदा अनूठी और हर बात निराली थी।
उनके करियर की सबसे सुपरहिट फिल्मों में एन इवनिंग इन पेरिस, 'चाइना टाउन, कश्मीर की कली, जानवर, जंगली, तुमसा नहीं देखा, प्रोफेसर, दिल तेरा दीवाना, 'बह्मचारी, तीसरी मंजिल का नाम शामिल है।


Click it and Unblock the Notifications











