#MeToo मूवमेंट में इतने बड़े लोगों का नाम आया लेकिन सब काम पर लौट गए, ये गलत है - रिचा चड्ढा
रिचा चड्ढा की फिल्म सेक्शन 375 इस हफ्ते रिलीज़ हो रही है और फिल्म के प्रमोशन के दौरान, रिचा चड्ढा ने औरतों के हक के बारे में खुलकर बात की। उनका मानना है कि पिछले साल बॉलीवुड में यौन उत्पीड़न के खिलाफ जो #MeToo Movement शुरू हुआ है उसे इतनी जल्दी दबा नहीं दिया जाना चाहिए।
रिचा का कहना है कि जितने लोगों का नाम सामने आया था, उन्हें काम पर वापस आते देख मेरा दिल टूट गया। ऐसा नहीं होना चाहिए था। आलोक नाथ का रेप केस जानने के बाद मैंने उनकी जितनी फिल्में देखी थीं वो सब बेमानी लगने लगीं।

वहीं विकास के केस में ये मामला कोर्ट में निपट गया। हालांकि मैं ये मानती हूं कि औरतों ने इसका फायदा उठाकर करण ओबेरॉय और वरूण ग्रोवर जैसे लोगों को बदनाम करने की भी कोशिश की।
लेकिन फिर भी मैं मानती हूं कि मी टू औरतों को सशक्त करने का बहुत अहम माध्यम था और इसके परिणाम दिखने चाहिए थे। इसे केवल ट्विटर ट्रेंड बनकर नहीं रहना चाहिए बल्कि लोगों के दिल में एक डर पैदा करना चाहिए कि अगर उन्होंने किसी महिला के साथ बद्तमीज़ की तो परिणाम क्या हो सकते हैं।


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