जेल में पहली रात आध्यात्मिक पुस्तकें पढ़ गुजारी संजय दत्त ने
मुंबई। 16 मई को टाडा कोर्ट में आत्मसमर्पण करने वाले अभिनेता संजय दत्त को वहां से आर्थर रोड जेल ले जाया गया। जहां पर उन्हें अंडा सेल में रखा गया। महाराष्ट्र पुलिस का कहना था कि संजय को किसी सुरक्षित जेल में ट्रांसफर करने के लिए उन्हें करीब 15 दिन का समय चाहिए लेकिन कल फाइनली उन्हें पुणे की यरवदा जेल में स्थानान्तरित कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि संजय जेल में अपनी पहली रात को सो नहीं सके। उन्होने आध्यात्मिक पुस्तकें पढ़कर रात गुजारी। वहीं उन्होने अंडा सेल में हवा और रोशनी की कमी के कारण सफोकेशन होने की भी शिकायत की थी। 21 मई को उन्हें यरवडा जेल भेज दिया गया। वह इसके पहले भी इस जेल में आ चुके हैं पर तब केस अंडर ट्रॉयल था लेकिन अब उन पर जुर्म साबित हो चुका है। संजय दत्त को 1993 में हुए बम ब्लास्ट में आर्म्स एक्ट के तहत पांच साल की सजा सुनाई गयी है। जिसमें से डेढ साल की सजा वह काट चुके हैं, बाकी साढ़े तीन साल की सजा उन्हें काटनी है।

सरेंडर करने से पहले संजय दत्त ने कहा था कि उनकी जिंदगी को खतरा है। जिसके बाद सुरक्षा के सारे मापदंडों पर विचार करने के बाद ही उन्हें यरवदा जेल भेजा गया है। हालांकि अभी भी इस पर कश्मकश कायम है कि संजय को इसी जेल में रखा जाएगा या फिर कहीं और भी शिफ्ट किया जा सकता है। एडीशनल पुलिस कमिश्नर मीरा बोरवांकर ने कहा है कि इस पर कोई ठोस निर्णय लेने में हमें वक्त लगेगा।


Click it and Unblock the Notifications











