कैसा है सलमान खान की 'राधे' का रिलीज मॉडल? सिनेमाघर के मालिक और ट्रेड एनालिटिक्स की राय

कोरोना की दूसरी खतरनाक लहर को देखते हुए सलमान खान की फिल्म राधे योर मोस्ट वॉन्टे भाई का अचानक ओटीटी रिलीज को लेकर बड़ा ऐलान हुआ। ऐसी अचानक घोषणा ने सबको चौंकाया भी। ईद पर सलमान खान अपनी राधे को जी प्लैक्स पर पे पर व्यू और थिएटर्स में एक साथ रिलीज कर रहे हैं।

बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक, जी स्टूडियो के चीफ बिजनेस ऑफिसर शरीक पटेल ने कहा कि जहां भी देश में थिएटर्स के ऑप्शन हैं वहां पर राधे रिलीज हो रही है। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिनेमा वैसे भी खुले हैं। इसलिए जहां भी थिएटर काम कर रहे हैं, फिल्म को रिलीज किया जाएगा।

Radhe Your Most Wanted Bhai

सिनेमा और ओटीटी की रिलीज पर शरीक पटेल इस कदम को एकदम सही ठहराते हुए कहते हैं, "पिछले साल, हमने खली पीली की रिलीज में एक नया प्रयोग किया था जिसे PVOD (premium video on demand) के साथ रिलीज किया गया था। वहीं उन्होंने दिलजीत दोसांझ और मनोज बाजपेयी की फिल्म सूरज पे मंगल भारी फिल्म का जिक्र किया। जी स्टूडियो के चीफ का मानना है कि हमें बाजार की तरह बिजनेस को फॉलो करना चाहिए।

वह आगे कहते हैं कि हमें यह समझना होगा कि फिल्मों पर बहुत पैसा लगाया गया है। कोरोना कीलहर पिछले साल से जारी है और इसका कोई अंत भी नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में आगे इंतजार नहीं किया जा सकता। हमें ऐसी स्थिति में हमें विकसित होना है, हर कठिन स्थिति का हल खोजना है।

राधे की रिलीज पर ट्रेड एनालिटिक्स का क्या कहना है

राधे की रिलीज पर ट्रेड एनालिटिक्स का क्या कहना है

मशूहर फिल्म ट्रेड एनालिटिक्स तरण आदर्श का मानना है कि राधे की रिलीज पर फिल्ममेकर्स का एकदम सही फैसला है। इस बिग बजट फिल्म का एक साल से रिलीज का इंतजार किया जा रहा है। हमें कल्पना करनी चाहिए कि कब से इस भारी भरकम फिल्म का नुकसान हो रहा है। ऐसी स्थिति में भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था। किस अंत तक इसकी रिलीज के लिए इंतजार करना पड़ता।

इंतजार करना शायद सही फैसला नहीं होता।

इंतजार करना शायद सही फैसला नहीं होता।

तरण आदर्श का मानना ये भी है कि इस समय कोरोना के चलते लोग खासा परेशान है तो सिनेमा तो किसी के दिमाग में है ही नहीं, बल्कि सबसे अंतिम चीज है। सोशल मीडिया हो या अन्य प्लेटफॉर्म सब जगह महामारी की चर्चा है। ऐसे में सही समय कब आएगा कुछ नहीं पता। इसीलिए इंतजार करना शायद सही फैसला नहीं होता।

थिएटर्स के लिए एक बड़ा झटका

थिएटर्स के लिए एक बड़ा झटका


फिल्म प्रोड्यूसर और फिल्म बिजनेस विश्लेषक गिरीश जौहर इस विषय पर अपनी राय रखते हुए कहते हैं कि मौजूदा स्थिति को कई अलग अलग एंगल से देखना होगा। ये समय थिएटर्स के लिए एक बड़ा झटका है। पिछले साल से अब तक हम लोग करीब 1000 स्क्रीन को खो चुके हैं।

राधे ऑक्सीजन सिलेंडर की तरह

राधे ऑक्सीजन सिलेंडर की तरह

गिरीश जौहर का मानना है कि इस समय के लिए राधे फिल्म सिनेमाघरों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर की तरह था लेकिन अब ये भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर चला गया है। ये फैसला निश्चित ही एग्जीबिटर्स क्षेत्र को प्रभावित करेगा।

स्टार्स ने थिएटर्स के साथ अन्याय किया है

स्टार्स ने थिएटर्स के साथ अन्याय किया है

गिरीश जौहर का मानना है कि इन सिनेमाघरों ने ही इन स्टार्स को स्टार्स बनाया है। ऐसे मुश्किल समय में इन सेलिब्रेटिज ने एक ट्वीट तक इन थिएटर्स वालों के लिए नहीं किया। हां कुछ ने सिनेमाघर में जा कर टिकट तक जरूर बेची।

 सिनेमा मालिक की राय

सिनेमा मालिक की राय

बिहार में रूपाणी सिनेमा के मालिक विशेक चौहान कहते हैं, '' बहुत सही समय पर ये फैसला लिया गया है। ऐसी स्थिति में किसी को दोष नहीं दिया जा सकता। कब तक फिल्ममेकर्स इंतजार करते। सिनेमाघरों की तरह यह सभी के लिए संकट की स्थिति है।सब मर रहे हैं। हर कोई पीड़ित है। Zee ने लगभग 230 करोड़ का निवेश किया है तो कब तक वह इंतजार करते।

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