ऋषि कपूर जी, क्यों नहीं हैं मुगलई खाने में गोमांस के व्यंजन
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) ऋषि कपूर गोमांस खाते हैं और वे कट्टर हिंदू हैं। वे सरासर झूठ बोल रहे हैं। हिंदू की उनकी व्याख्या उनकी अपनी मनमर्जी की है। एक बात और। मुगलई व लखनवी खाने में गोमांस के व्यंजन क्यों नहीं है। लखनऊ में एक भी ऐसा व्यंजन बनाने की विधि नहीं बताई गई जो गाय के मांस से पकती हो।

शैव व वैष्णव की परंपरा
ऋषि कपूर जिस कपूर खानदान का प्रतिनिधित्व करते हैं वह एक तो उत्तर पश्चिमी भारत के मैदानी इलाके का था और जिस शैव व वैष्णव की मिली-जुली परंपरा को मानने वाला था उसमें गोवध निषेध है। बाबर ने लिखा है कि हिंदुस्तान एक गरम देश है यहां गोमांस नहीं खाना चाहिए।
मुसलमानों के भोजन में गाय नहीं
वरिष्ठ लेखक शंभूनाथ शुक्ल कहते हैं कि जिधर से कपूर कुनबे का संबंध है, उस इलाके के मुसलमानों के मुख्य भोजन में गाय नहीं है।
अकबर से बहादुरशाह जफर तक
अब कपूर को कौन बताए कि अगर गोमांस हिंदू खाते ही हैं तो महान मुगल अकबर से लेकर बहादुर शाह जफर तक भारत में हिंदुओं की भावनाओं का ख्याल रखते हुए इन शासकों ने गोवध निषेध की आज्ञा क्यों जारी की?
विवादित बयान
बता दें कि ऋषि ने हाल ही में गौ हत्या पर एक विवादित बयान दिया था जिसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें लोगों का विरोध सहना पड़ रहा है।गौ मांस पर बैन के खिलाफ ऋषि कपूर ने विरोध जाहिर किया था और ट्वीट करके लिखा था, "मैं नाराज हूं। कोई क्या खाता है, इससे उसके धर्म को क्यों जोड़ा जा रहा है। मैं हिंदू हूं और बीफ खाता हूं, क्या ऐसा करके मैं कम धार्मिक हो जाता हूं?"


Click it and Unblock the Notifications











