»   » #Khulaasa: मैं उसी टाइप का आदमी था....अवार्ड खरीदने वाला...खरीद भी लिया!

#Khulaasa: मैं उसी टाइप का आदमी था....अवार्ड खरीदने वाला...खरीद भी लिया!

Written By:
Subscribe to Filmibeat Hindi

ऋषि कपूर बॉलीवुड के उन चंद लोगों में से हैं जो जब भी बोलते हैं, बेबाक बोलते हैं और इसके लिए उनकी जितनी तारीफ की जाए कम है। हालांकि इस वजह से कभी कभी वो कंट्रोवर्सी में भी फंस जाते हैं।

जागरण फिल्म फेस्टिवल के दौरान भी ऋषि कपूर ने जमकर कुछ चीज़ों पर बातें की। जिनमें उनका करियर, रणबीर कपूर का करियर, आजकल की जेनरेशन और हीरो पर चर्चा हुई। और ऋषि कपूर सच कहने से नहीं कतराए।

rishi-kapoor-opens-up-on-his-career-ranbir-kapoor-today-generation

रणबीर कपूर के बारे में ऋषि कपूर सेे पूछा गया कि क्या वो उनके करियर में सलाह देते हैं। इस पर ऋषि कपूर का कहना था कि मैं रणबीर का पापा हूं, सेक्रेटरी नहीं।

उन्होंने अपने करियर के बारे में बात करते हुए कहा कि मैं करियर में बड़ी जल्दी मुंह के बल गिरा था। लेकिन मैंने उतनी ही जल्दी उठना सीख लिया। 

उस ज़माने में जो गलतियां हुईं, उनसे काफी कुछ सीखा भी और सुधारा भी। जैसे मैंने बेस्ट एक्टर का अवार्ड खरीदा था और मैं ये बात मानता हूं। उस ज़मानें में मैं इस किस्म का आदमी हुआ करता था।

वहीं आज के दौर के एक्टर्स के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे अभी भी समझ नहीं आता है कि जिम का एक्टिंग से क्या लेना देना है।

वैसे ऋषि कपूर ने अपनी किताब में भी कई धमाकेदार खुलासे किए हैं -

कभी फीस नहीं ली

कभी फीस नहीं ली

ऋषि कपूर ने अपनी किताब खुल्लम खुल्ला में राज कपूर के साथ काम करने का अनुभव बांटा। उनसे एक बार पूछा गया था कि वो अपने पापा से फीस कैसे लेते हैं या फिर क्या राज कपूर उन्हें फीस देते हैं। इसी का जवाब देते हुए ऋषि कपूर ने लिखा कि मैंने आज तक राज साहब से कोई फीस नहीं ली। ना ही उन्होंने मुझे कभी कोई फीस दी। ये तो घर की बात होती थी। और वैसे भी उनके साथ काम कर लेना ही सबसे बड़ी फीस होती थी।

मान लो अवार्ड खरीदा

मान लो अवार्ड खरीदा

ऋषि कपूर का कहना था कि मान लो मैंने अवार्ड खरीदा ही था क्योंकि एक आदमी ने मुझसे कहा था कि मुझे अवार्ड दिलवा देगा। बदले में तीस हज़ार लेगा। अब मैंने पैसे दे दिए और बाद में मुझे अवार्ड मिल गया तो मैं आज तक यही मानता हूं कि मैंने अवार्ड खरीदा था।

राज कपूर के अफेयर

राज कपूर के अफेयर

मेरे पिता के अपनी हर हीरोइन के साथ कुछ ना कुछ ताल्लुक रहते थे। इतना ही नहीं नरगिस के साथ तो उनका अफेयर भी था। यहां तक कि मेरे होने तक भी वो मेरी मां से प्यार नहीं करते थे।

 अमिताभ बच्चन का घमंड

अमिताभ बच्चन का घमंड

ऋषि कपूर का कहना है कि अमिताभ बच्चन अपने किसी भी को स्टार को फिल्म का क्रेडिट नहीं देते थे। चाहे वो शशि कपूर हों, धर्मेंद्र हो, विनोद मेहरा हों या फिर मैं। उन्हें हर वक्त यही लगता था कि फिल्म में उनके अलावा और कोई ज़रूरी नहीं है।

 शाहरूख मुझे थैंक यू कहे

शाहरूख मुझे थैंक यू कहे

ऋषि कपूर कहते हैं कि शाहरूख को डर मेरी वजह से मिली। मैं उस दौरान निगेटिव रोल नहीं करना चाहता था। बाद में यशजी ने मुझे सनी वाला रोल करने को कहा पर मैंने मना कर दिया क्योंकि मुझे पता था कि दूसरा किरदार इस रोल को खा जाएगा।

दाउद इब्राहिम के साथ चाय

दाउद इब्राहिम के साथ चाय

मैं दाउद से मिलने पहुंचा तो बताया गया कि दाऊद ने कहा कि वह शराब न पीते हैं और न ही किसी को पिलाते हैं इसलिए उन्हें चाय पर बुलाया गया है। दाऊद ने कहा कि उन्हें 'तवायफ' काफी पसंद आई क्योंकि उसमें मेरा नाम दाऊद था!

रणबीर कपूर से रिश्ते

रणबीर कपूर से रिश्ते

मेरे और रणबीर के बीच एक कांच की दीवार है। हम एक-दूसरे को देखते हैं। मगर कुछ भी महसूस नहीं करते। इसे सुधारने को लेकर नीतू ने प्रयास किए और मुझे भी इस बात की चिंता थी। मगर जब तक बहुत देर हो चुकी थी।

मां का कितना ध्यान

मां का कितना ध्यान

मेरे पिता शराब और फिल्म की मुख्य हीरोईनों से बहुत प्यार करते थे। फिल्म जगत की जानीमानी एक्ट्रेस नरगिस और वैजयंती माला से उनका अफेयर भी रहा। एक मौका ऐसा भी आया जब इसके कारण मेरी मां कृष्णा कपूर मुझे लेकर घर छोड़कर भी चली गई थीं।

नीतू कपूर के साथ ज़िंदगी

नीतू कपूर के साथ ज़िंदगी

नीतू जब बीच में मेरी ज़िंदगी से चली गई तो मुझे समझ आया कि वो कितनी ज़रूरी है। मैंने तुरंत उससे शादी कर ली। और आज तक वो मुझे झेल रही है, इस काम के लिए उसे अवार्ड मिलना चाहिए।

सलीम - जावेद

सलीम - जावेद

ऋषि कपूर का मानना है कि सलीम जावेद उस दौर की सबसे ओवररेटेड जोड़ी थी। और आज तक इस जोड़ी ने ऋषि कपूर के लिए जितनी फिल्में लिखीं सब फ्लॉप हो गईं।

राजेश खन्ना का सपना तोड़ा

राजेश खन्ना का सपना तोड़ा

राजेश खन्ना का सपना था कि वो राज कपूर के साथ काम करें। सत्यम शिवम सुंदरम के लिए उन्हें फाइनल भी कर लिया गया था लेकिन ऋषि कपूर ने राज कपूर का दिमाग बदल दिया। और राजेश खन्ना का सपना सपना ही रह गया था।

गुलज़ार के साथ ख्वाहिश

गुलज़ार के साथ ख्वाहिश

ऋषि कपूर को मलाल है कि एक इंसान जिनके साथ वो अभी भी दिल से काम करना चाहते हैं वो हैं गुलज़ार। और बड़ी अजीब सी बात है कि आज तक गुलज़ार ने मेरे लिए एक लाइन तक नहीं लिखी है।

टीना मुनीम के साथ अफेयर

टीना मुनीम के साथ अफेयर

टीना मुनीम के साथ मेरी जोड़ी बड़ी अच्छी थी। मैंने उसके साथ जो भी फिल्में की वो काफी चलीं। उस दौरान वो संजय दत्त के साथ रिश्ते में थी और संजय दत्त को लगता था कि मेरे और टीना के बीच कुछ है। इस वजह से चीज़ें काफी अजीब हो गई थीं।

English summary
Rishi Kapoor opens up on his career, Ranbir Kapoor, Today's generation and a lot more.
Please Wait while comments are loading...