रीना राय के जन्मदिन पर

रीना राय का जन्म 7 जनवरी 1957 को चेन्नई में एक मुस्लिम पिता और हिन्दू मां के घर हुआ। रीना ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत बी.आर. इशारा की फिल्म 'नई दुनिया नए लोग' से की। हालांकि अपने करियर के शु़रुआती दिनों में रीना को बुरे दिन भी देखने पड़े। उन्हें फिल्म 'मिलाप', 'जंगल में मंगल' और 'उम्रकैद' से कोई खास पहचान नहीं मिली।
वर्ष 1973 में आई फिल्म 'जैसे को तैसा' में जितेन्द्र के साथ रीना पर बारिश में फिल्माया गया गीत 'अब के सावन' खूब चर्चित रहा। बॉलीवुड में असली सफलता रीना को 1975 में सुभाष घई की फिल्म 'कालीचरण' से मिली। इस फिल्म में उनके साथ शत्रुध्न सिन्हा थे। यह फिल्म जबरदस्त हिट रही। उस दौर में रीना ने सुनील दत्त के साथ भी अनेक सफल फिल्मों में अभिनय किया।
वर्ष 1976 में राजकुमार कोहली की फिल्म 'नागिन' की सफलता के बाद तो रीना उस दौर में लाखों दिलों की धड़कन बन गई। इस फिल्म ने अनेक रिकॉर्ड कायम किए। इसमें उन्हें शानदार अभिनय के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामित किया गया।
नागिन की सफलता के बाद राजकुमार कोहली ने 1979 में फिल्म 'जानी दुश्मन' में एक बार फिर रीना को मौका दिया। यह फिल्म भी सुपरहिट रही। एक के बाद एक सफल हुई फिल्मों ने रीना को बॉलीवुड में सफल अभिनेत्री के रूप में स्थापित कर दिया
रीना राय को 1975 और 1980 के दौरान दर्शकों के बीच खूब प्रसिद्धि मिली। फिल्म 'आशा' का गीत 'शीशा हो या दिल' लोगों के बीच आज भी लोकप्रिय है। रीना ने उस दौर के सभी बड़े अभिनेताओं के साथ काम किया। राजेश खन्ना के साथ 'धनवान' फिल्म में उनके अभिनय को भला कौन भुला सकता है। इस फिल्म का दर्द भरा गीत 'प्यार भरा दिल तोड़ दिया' आज भी लोग गुनगुनाते हैं।
रीना ने अपने फिल्मी करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाई हैं। उनकी प्रमुख फिल्मों में 'गुमराह', 'नागिन', 'जानी दुश्मन', 'प्यासा' सावन','नसीब', 'सनम तेरी कसम', 'कर्मयोगी', 'मदहोश', 'बारूद', 'संग्राम','पापी', 'धर्म कांटा', 'प्रेम तपस्या', 'राजतिलक', 'हम दोनों', 'गुलामी', 'आदमी खिलौना है', 'कलयुग', 'जियो शान से', 'राजकुमार',' गैर', और 'रिफ्यूजी' शामिल हैं।
रीना के लिए अभिनय एक जुनून रहा है। हालांकि वह वर्तमान समय में फिल्मी दुनिया से दूर हैं। लेकिन उनकी लोकप्रियता लोगों के बीच आज भी कायम है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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