जब पाकिस्तान ने कहा- 'माधुरी दीक्षित हमें दे दो', फिर असली शेरशाह कैप्टन विक्रम बत्रा ने दिया मुंहतोड़ जवाब
कारगिल वॉर के हीरो शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा की कहानी पर आधारित सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म शेरशाह अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हो चुकी है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रिलीज होने वाली फिल्मों में शुमार शेरशार में कियारा आडवाणी भी लीड रोल में हैं। फिल्म को विष्णु वर्धन ने निर्देशित किया है जिसकी प्रशंसा जमकर हो रही है।
फिल्म शेरशाह के आने के साथ ही एक किस्सा जमकर छाया हुआ है। जब पाकिस्तान ने कहा था कि माधुरी दीक्षित को हमें दे दो तो हम यहां से चले जाएंगे। इस बकवास सी मांग पर असली हीरो कैप्टन विक्रम बत्रा ने जो जवाब पाकिस्तान को दिया था उसने पूरे भारत का दिल जीत लिया था।

परमवीर चक्र अवॉर्ड से सम्मानित विक्रम बत्रा ने कारगिल वॉर की पाकिस्तान के विरुद्ध लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी। साल 1999 में कैप्टन विक्रम बत्रा के जज्बे और हिम्मत के चलते ही पाकिस्तान को अपनी सेना को वापस खींच लेना पड़ा था। लेकिन इस वॉर में विक्रम बत्रा शहीद हो गए थे। विक्रम बत्रा का इस मिशन में गुप्त नाम शेरशाह होता है और इसी नाम को लेकर फिल्म का टाइटल रखा गया है।
उस जमाने में कैप्टन विक्रम बत्रा अपने बेबाक जवाब के चलते भी चर्चा में आए थे। न्यूजपेपर से लेकर टेलीविजन चेनल पर पाकिस्तान को दिया विक्रम बत्रा का जवाब छाया हुआ था। युद्ध के दौरान विक्रम बत्रा के शब्द 'यह दिल मांगे मोर' आज भी लोगों की जुबां पर रहते हैं। ठीक ऐसे ही उन्होंने पाकिस्तान को शानदार जवाब देते हुए पड़ोसी देश की बोलती बंद करवा दी थी।

विक्रम बत्रा के जुड़वा भाई
साल 2017 में विक्रम बत्रा के जुड़वा भाई विशाल बत्रा ने एक शो में बताया था कि कैसे पाकिस्तानी सेना विक्रम बत्रा के रोडियो कम्युनिकेशन को डिस्टर्ब करती थी और तमाम धमकियां देते थे।

"माधुरी दीक्षित तो शूटिंग में बिजी है तुम गोलियां लो"
एक बार पाकिस्तान की ओर से कहा गया, शेरशाह (विक्रम बत्रा का कोडनेम) यहां मत आना वरना तुम्हारी सबसे फेवरेट हीरोइन माधुरी दीक्षित को लेकर जाएंगे। साथ ही भारत को तगड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा।
इसे सुन विक्रम बत्रा ने पाकिस्तानी सेना की तरफ बढ़ते हुए कहा, माधुरी दीक्षित तो दूसरी फिल्म की शूटिंग में बिजी है। तुम फिलहाल इससे (गोलियों) से काम चला लो। ये शब्द कहते हुए विक्रम बत्रा ने दुश्मनों के तमाम बंकर्स उड़ा दिए। गोलियों से भूनते हुए विक्रम बत्रा की जुबां पर शब्द थे "ये हमारी ओर से, ये माधुरी दीक्षित की तरफ से"।

क्यों रखा गया शेरशाह नाम
फिल्म का नाम शेरशाह कैप्टन विक्रम बत्रा के मिलिट्री कोडनेम पर रखा गया है। दरअसल युद्ध में दुश्मन हमारे जवानों की असल पहचान न जान पाए इसीलिए हर सिपाही का एक गुप्त नाम होता है जिसे मिलिट्री कोड के नाम से जाना जाता है। कारगिल वॉर में विक्रम बत्रा का नाम शेरशाह था। इसी नाम को लेकर सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म का नाम भी रखा गया है।

विक्रम बत्रा देश के लिए हो गए शहीद
साल 1999 में करगिल युद्ध के दौरान 16 हजार फीट की ऊंचाई पर पाकिस्तान के खिलाफ लड़ते हुए शहीद विक्रम बत्रा शहीद हो गए थे। उन्हें मरणोपरांत परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया था।

शेरशाह फिल्म ने दिखा दिया कमाल
12 अगस्त को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर शेरशाह रिलीज हो गई है। रिलीज के साथ ही इस फिल्म पर अच्छे रिव्यू और फैंस का रिएक्शन भी रहा है। कैप्टन विक्रम बत्रा की शहादत की कहानी को सिद्धार्थ मल्होत्रा ने परफेक्ट तरीके से निभाया है।


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