एनएफडीसी नहीं होगा बंद

राज्यसभा में सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा, "हम एनएफडीसी को बंद करने का विचार कर रहे थे। अब हम एनएफडीसी में सुधार और इसके कायाकल्प के विषय में सोच रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "हमने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना भी शुरू की है और कर्मचारियों की संख्या 211 से 141 तक घटा सके हैं।"
उन्होंने कहा कि एनएफडीसी के सकल लाभ में आई कमी और दूरदर्शन के मुक्त वाणिज्यिक समय (एफसीटी) के विपणन कारोबार में हानि और दूरदर्शन के फिल्मों को लेना रोकने के बाद हुए राजस्व घाटे की वजह से यह घाटा हुआ था।
अंबिका सोनी का कहना है कि घाटे की वजह लंबे समय से एनएफडीसी के मुनाफे की ओर ध्यान ना दिये जाना है। उनके मुताबिक प्रसार भारती अधिनियम पारित होने के दौरान, एनएफडीसी को दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाली फिल्मों के बीच में आने वाले विज्ञापनों से पैसा बनाने के लिए कहा गया था।
सोनी ने कहा, "प्रसार भारती अधिनियम पारित होने के बाद दूरदर्शन को और अधिक अधिकार मिल गए और वह अपने निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हो गया।" इसलिए दूरदर्शन ने एनएफडीसी से फिल्में लेना बंद कर दिया।
सोनी के मुताबिक विज्ञापन एजेंटों के पास एनएफडीसी के 36,75,17,102 रुपये (36.75 लाख रुपये) बकाया हैं और ऐसी 16 कंपनियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
सोनी ने बताया, "हम बात कर रहे हैं। कानूनी कार्रवाई की गई है और पैसा मिल रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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