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#Shame: नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने जमकर लताड़ा...चाहे शाहरूख हों या कोई और!

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कहते हैं ना कि किसी के आने जाने से किसी को फर्क नहीं पड़ता और बॉलीवुड में तो बिल्कुल भी नहीं पड़ता। लेकिन 6 जनवरी को अचानक ओम पुरी की मौत ने अचानक सबको सदमा दे दिया था। हर किसी ने एक ट्विटर पर अपडेट ज़रूर किया होगा।

लेकिन 10 दिन भी नहीं बीते कि उन्हें सब भूल गए। 14 जनवरी को बॉलीवुड का सबसे बड़ा अवार्ड शो हुआ - फिल्मफेयर। शाहरूख खान, कपिल शर्मा और करण जौहर जैसे दिग्गजों ने होस्ट भी किया लेकिन किसी को एक सेकंड के लिए ओम पुरी की याद नहीं आई।

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और आज हॉलीवुड ने हमारे मुंह पर खींच कर तमाचा मारा। क्योंकि ऑस्कर में ओमपुरी जी को पूरे सम्मान के साथ ट्रिब्यूट दिया गया और नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने इसकी चर्चा करते हुए कहा कि बॉलीवुड को शर्म करनी चाहिए।
[#Pics: ट्यूबलाइट ओम पुरी की आखिरी फिल्म...सलमान ने किया था ये वादा] 

कुछ दिन पहले नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने ओमपुरी के बारे में बात करते हुए बताया कि बजरंगी भाईजान के सेट पर कभी कभी सबसे छोटे बच्चे वही होते थे। मैं, ओम पुरी और सलमान साहब बैठकर सुबह 4 बजे तक बातें कर लिया करते थे।

नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि वह 'मंटो' नाम की फिल्म में ओम पुरी के साथ काम करने वाले थे, लेकिन उनकी मौत की खबर से वो सकते में आ गए। फिल्म को नंदिता दास डायरेक्ट करने वाली थीं और ये पाकिस्तान के लेखक सआदत हसन मंटो के जीवन पर बन रही थी।

ओमपुरी ने अपने जीवन में भी कई ऐसी बातें कहीं जो कि काफी दिलचस्प थीं -

मेरी फिल्में देखेंगे विद्यार्थी

मेरी फिल्में देखेंगे विद्यार्थी

ओम पुरी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि मेरी कद्र दुनिया को तब होगी जब मैं यहां से चला जाउंगा। लोग तब मेरे काम की अहमियत जानेंगे। खासतौर से फिल्म पढ़ने वाले बच्चे मेरी फिल्में देखेंगे।

पूरा जीवन फिल्मों में

पूरा जीवन फिल्मों में

ओम पुरी ने अपना पूरा जीवन फिल्मों को समर्पित कर दिया था। इतना ही नहीं, वो फिल्मों में ही जीते थे। उनकी बातों में भी केवल फिल्मों का ज्ञान बाहर आता था।

बीमारी से डर लगता है

बीमारी से डर लगता है

एक इंटरव्यू में ओम पुरी ने कहा था, ''मृत्यु का भय नहीं होता, बीमारी का भय होता है। जब हम देखते हैं कि लोग लाचार हो जाते हैं बीमारी की वजह से और दूसरों पर निर्भर हो जाते हैं। उससे डर लगता है। मृत्यु से डर नहीं लगता।''

हंसते हंसते कह गए

हंसते हंसते कह गए

बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मृत्यु का तो आपको पता भी नहीं चलेगा। सोए-सोए चल देंगे। आपको पता चलेगा कि ओम पुरी का कल सुबह 7 बजकर 22 मिनट पर निधन हो गया।

मौत पर भी उठा दिए सवाल

मौत पर भी उठा दिए सवाल

ओमपुरी की मौत से पहले उनके साथ रहे उनके दोस्त खालिद का कहना है कि उस रात ओमपुरी जी ने कहा था कि सब कुछ मेरा... पैसा, कार सब। पर अपने बेटे से ही नहीं मिल पाता हूं, दस दिन हो गए हैं। खालिद ने कहा कि पुलिस ने मेरा स्टेटमेंट ले लिया है। आज डिटेल स्टेटमेंट देने जा रहा हूं।

आने वाली फिल्म

आने वाली फिल्म

खबरों के मुताबिक सुबह दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। वह 66 साल के थे। ओमपुरी का जन्म 18 अक्टूबर 1950 को हुआ था। बताया जा रहा है कि वह बीते कई दिनों से बीमार से और इसके बावजूद वह अपनी आने वाली फिल्म ‘रामभजन जिंदाबाद' के प्रमोशन में जुटे थे।

कई भाषाओं में की फिल्म

कई भाषाओं में की फिल्म

ओमपुरी ने कॉमिडी से लेकर गंभीर किरदारों को बखूबी निभाया। आक्रोश, आरोहन, अर्धसत्य, माचिस उनकी उन फिल्मों में है जिन्होंने हर शख्स के दिल को छुआ। उनका अभिनय काबिलेतारीफ रहा है। वह हिंदी के अलावा अंग्रेजी, कन्नड़ और पंजाबी भाषा की फिल्मों में भी काम कर चुके थे।

अचानक हुई मौत

अचानक हुई मौत

उनके पड़ोसियों के मुताबिक, ओम गुरुवार शाम एक फिल्म की शूटिंग खत्म कर घर लौटे थे। शुक्रवार सुबह उनके ड्राइवर ने घर का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा न खोले जाने पर ड्राइवर ने ही स्थानीय ओशिवारा पुलिस स्टेशन से संपर्क किया।

शराब पीने से सेहत खराब

शराब पीने से सेहत खराब

रज़ा मुराद ने उन्हें याद करते हुए कहा कि ज्यादा शराब पीने से ओम पुरी की सेहत खराब हो गई थी। बेहद आम शक्ल सूरत होने के बावजूद उन्होंने अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया था।

पूरे विश्व में मशहूर

पूरे विश्व में मशहूर

ओम पुरी को अपने अभिनय के लिए विश्व भर में कई पुरस्कारों से नवाज़ा गया है।

English summary
Nawazuddin Siddiqui slams Bollywood award shows for insulting Om Puri.
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