For Quick Alerts
    ALLOW NOTIFICATIONS  
    For Daily Alerts

    मैं अब बहुत छोटे मोटे रोल कर चुका, अब CAMEO भी नहीं करूंगा

    |

    नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी स्टारर मंटो को कान्स फिल्म फेस्टिवल में काफी प्रशंसा मिल रही है। दिलचस्प ये है कि मंटो के तुरंत बाद, नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी बाला साहेब ठाकरे की बायोपिक में नज़र आएंगे।

    अपनी फिल्मों के बारे में बात करते हुए नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि मैं अपने जीवन में अपने हिस्से के छोटे मोटे रोल कर चुका हूं। अब मैं इन्हें कतई नहीं करने वाला हूं।

    जिन्हें ना याद हो, नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की शुरूआत, आमिर खान स्टारर सरफरोश में एक छोटे से रोल से हुई थी।कई फिल्मों में तमाम छोटे मोटे रोल में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी दिख चुके हैं लेकिन गैंग्स ऑफ वसेपुर ने उनकी किस्मत बदल दी थी।

    नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि गैंग्स ऑफ वसेपुर के हिट होतीे ही उनके पास, काफी फिल्मों के ऑफर थे। करीब 200 फिल्में। लेकिन सारी की सारी एक जैसे थीं। वैसे ही गैंगस्टर फिल्में। नवाज़ुद्दीन ने बताया कि मैं वो सारी फिल्में रिजेक्ट करता गया। उनका कहना था कि अगर मैं तब वो 200 फिल्में कर लेता तो आज यहां सबके सामने नहीं बैठा होता।

    नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि उस दौरान, मैंने कई लोगों को फिल्मों और काम की लालच में अपना करियर खत्म करते देखा है। बॉलीवुड में शानदार एक्टर देर से ही सही पर पहचाने ज़रूर जाते हैं। और जब उनके सितारे चमकते हैं तो बड़े से बड़े सितारों का स्टारडम धरा का धरा रह जाता है।

    पिछले कुछ सालों में आई कुछ फिल्मों को देखकर लगेगा कि वाकई ये कला है। जिसे सराहा जाना चाहिए पर उसे सहेजने की भी बहुत ज़रूरत है और अब धीरे धीरे ये 'नए सनीमा' की खेप शाहरूख, सलमान की हवा निकाल रहा है।

    नये सिनेमा का स्वागत

    नये सिनेमा का स्वागत

    कई ऐसे एक्टर्स हैं जिन्हें दर्शक अब सम्मान के साथ वो जगह दे रहे हैं जो एक कलाकार को मिलने चाहिए और इसका शाहरूख सलमान की स्टारडम से कोई लेना देना नहीं क्योंकि ये 'नया सनीमा' है!

    नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी

    नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी

    नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी भी उन चंद एक्टर्स में शामिल हो चुके हैं, जो कंटेंट के बल पर तारीफें बटोरते हैं। चाहे वो बॉम्बे टॉकीज़ की छोटी सी शॉर्ट फिल्म हो या फिर मांझी द माउंटेन मैन की बायोपिक हो। अब ज़माना आ चुका है 'नया सनीमा' का जहां स्टारडम नहीं अभिनय और कला परोसी जा रही है। और अब ये पूरी एक खेप हो चुकी है।

    इरफान खान

    इरफान खान

    इरफान खान ने अपने करियर की शुरआत, दूरदर्शन पर आने वाली रामायण में वाल्मीकि के किरदार से की थी। पिछले साल की सबसे ज़्यादा प्रॉफिट वाली बॉलीवुड फिल्म इरफान खान ने दी है।

    जिम्मी शेरगिल

    जिम्मी शेरगिल

    जिम्मी शेरगिल ने माचिस से ही अपना जलवा दिखा दिया था और यशराज फिल्म्स ने उन्हें अपना नया चेहरा बनाया। लेकिन इसके बाद उनकी सफलता में केवल उनकी काबिलियत का योगदान है। 'यहां' से लेकर साहेब बीवी और गैंगस्टर, अ वेडनेसडे से तनु वेड्स मनु तक उनका सर्वश्रेष्ठ दिखा है। और राजा अवस्थी तो अपने यूपी वाले किरदार ही हैं फिर ;)

    दिव्या दत्ता

    दिव्या दत्ता

    दिव्या दत्ता हमेशा लीक से हटकर चलीं और यही उनकी ताकत है और खासियत भी। दिल्ली 6 के एक छोटे से रोल में भी वो बाकियों को साईड कर अपना काम कर निकल गई थीं। इस साल दिव्या को इरादा नाम की फिल्म के लिए नेशनल अवार्ड भी मिला है।

    साकिब सलीम

    साकिब सलीम

    साकिब सलीम नए हैं और टैलेंटेड हैं और उतना उनके लिए काफी हैं। हवाहवाई को उनका करियर बेस्ट कहा जाए या बॉम्बे टॉकीज़ को इस बात पर थोड़ा डाउट है।

    स्वरा भास्कर

    स्वरा भास्कर

    स्वरा भास्कर के अभिनय में जितनी सच्चाई है वो शायद ही आज के किसी एक्टर में देखने को मिलेगी। सीधा, सहज और सरल अभिनय उनकी ताकत है। यही वजह है कि रांझणा की बिंदिया के आगे ज़ोया भी फीकी सी लगीं।

     दीपक डोबरियाल

    दीपक डोबरियाल

    आपको पप्पी और ओमकारा का रज्जू पसंद आया होगा पर उनका करियर बेस्ट नॉट अ लव स्टोरी और गुलाल जैसी फिल्मों को माना जाएगा। शायद आपसे ये फिल्में मिस हो गई होंगी।

    हुमा कुरैशी

    हुमा कुरैशी

    हुमा कुरैशी ने डेढ़ इश्किया जैसी फिल्म में माधुरी दीक्षित के सामने और साथ अपनी जगह बनाई और इसे अचीवमेंट कहते हैं जनाब।

    मोहम्मद ज़ीशान अयूब

    मोहम्मद ज़ीशान अयूब

    अगर आपने नो वन किल्ड जेसिका देखी है तो आप उनसे नफरत करते होंगे। लेकिन रांझणा के मुरारी ने दिल जीता तो तनु वेड्स मनु में उन्होंने दिल जलाया!

    रोनित रॉय

    रोनित रॉय

    रोनित रॉय की फैन फॉलोईंग आज की नहीं है। पर उनकी स्टारडम से ज़्यादा बड़ा है उनका अभिनय जो एक सीन से ही दिख जाता है। उनका करियर बेस्ट हम नहीं चुके सकते!

    रिचा चड्ढा

    रिचा चड्ढा

    रिचा चड्ढा ने भोली बनकर जो कमाल उसने फुकरे में जान डाल दी। पर वसेपुर की नगमा ज़्यादा बेहतर या राम लीला की रसीला पता नहीं।

    आयुष्मान खुराना

    आयुष्मान खुराना

    रोडीज़ से लेकर आरजे तक और विक्की डोनर से लेकर बरेली की बर्फी तक आयुष्मान खुराना का सफर काफी लंबा रहा है।

    विक्की कौशल

    विक्की कौशल

    विक्की कौशल की शुरूआत फिल्मों में असिस्टेंट डायरेक्टर बनने से हुई। मसान से वो सबका दिल जीत चुके थे। फिर रमन राघव और अब राज़ी। लेकिन अभी भी उन्होंने लीड और सोलो फिल्म साइन नहीं की है।

    पंकज त्रिपाठी

    पंकज त्रिपाठी

    निल बटे सन्नाटा से लेकर न्यूटन और बरेली की बर्फी तक पंकज त्रिपाठी पिछले दो सालों में दर्शकों के दिल में खूंटा गाड़ चुके हैं। लेकिन उनकी शुरूआत काफी काफी पहले हो चुकी थी।

    कंगना रनौत

    कंगना रनौत

    इस लिस्ट की क्वीन है कंगना रनौत। तनु और दत्तो को इतनी बेहतरी से निभाने की काबिलियत शायद कम लोगों में हो। फैशन की बिगड़ैल मॉडल से लेकर क्वीन की भोली सी रानी तक वो परफेक्ट हैं।

    राजकुमार राव

    राजकुमार राव

    अगर क्वीन की बात हो तो उनके राजकुमार की बात भी होनी चाहिए। नए जेनेरेशन के बेस्ट एक्टर का खिताब उन्हें ही मिलना चाहिए। क्योंकि जितने वास्तविक ढंग से उन्होंने डॉली की डोली जैसी फिल्म में भी अपना किरदार जिया वो काबिले तारीफ है।

    English summary
    Nawazuddin Siddiqui is done with his share of cameos and small roles. Nawazuddin Siddui starrer Manto biopic has been screened at Cannes Film Festival. He will be next seen in Thackaray Biopic.
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X