मन्ना डे जैसा ना कोई था और ना ही कोई होगा
तो वहीं अभिनेत्री अपर्णा सेन ने भी मन्ना डे के निधन पर गहरा शोक जताया है और कहा है कि मन्ना डे का जाना..भरोसा नहीं हो रहा है.. संगीत के जादूगर को मन्ना डे की आत्मा को ऊपरवाला शांति प्रदान करें..उनके जैसा कोई दूसरा नहीं हो सकता है।
मालूम हो कि मशहूर प्लेबैक सिंगर मन्ना डे का बुधवार देर रात करीब साढ़े तीन बजे बेंगलूर में निधन हो गया। वह 94 साल के थे, वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। उनकी किडनी ने काम करना बंद कर दिया था, उन्हें सांस लेने में दिक्कत में हो रही थी, 19 सिंतबर को भी उनकी हालत खराब हुई थी तो उन्हें बैंगलोर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मन्ना डे पिछले काफी समय से अपनी बेटियों के साथ बैंगलोर में रह रहे थे। मन्ना डे की पत्नी सुलोचना ने पिछले साल ही दुनिया को अलविदा कह दिया था, मन्ना डे के परिवार में दो बेटियां ही है। हिंदी और बंगाली समेत कई भाषाओं में 3500 से भी ज्यादा गाना गाने वाले गायक मन्ना डे को 2007 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया था। उनके गाये गाने जिनमें आनंद फिल्म का जिंदगी कैसी है पहेली....लागा चुनरी में दाग... इक चतुर नार...और ओ मेरी जोहराजवीं... आज भी लोग बड़े चाव से सुनते हैं।


Click it and Unblock the Notifications












