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मद्रास कैफे से जॉन बने बेस्ट एक्टर और प्रोड्यूसर- क्रिटिक्स रिव्यू

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जॉन अब्राहम की बतौर निर्माता पहली फिल्म थी विकी डोनर। इस फिल्म को शुरुआत में बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास सफलता नहीं मिली लेकिन धीरे धीरे फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर पकड़ बनाई और सफल हो गयी। विकी डोनर को कई अवॉर्ड फंक्शन के दौरान भी कई अवॉर्ड्स से नवाजा गया। विकी डोनर की सफलता के बाद जॉन के प्रोडक्शन कंपनी ने दूसरी फिल्म मद्रास कैफे बनाई जो कि 23 अगस्त को सिनेमाहॉल में रिलीज हुई है। फिल्म को देखने के बाद सभी क्रिटिक्स ने फिल्म की दिल खोलकर तारीफ की है। जॉन अब्राहम की एक्टिंग से लेकर शुजीत सरकार के निर्देशन तक सब कुछ परफेक्ट था। मद्रास कैफे को बॉलीवुड सेलिब्रिटीज की तरफ से भी काफी तारीफें मिली हैं।

मद्रास कैफे का पहला दिन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कुल 4.5 करोड़ रुपये बताया जा रहा हैा। फिल्म को भले ही कमर्शियल सफलता ना मिले लेकिन जॉन और शुजीत सकार ने जिस मकसद ये फिल्म बनाई है वो जरुर पूरा होने वाला है। लोगों के लिए राजीव गांधी को लेकर जितनी इज्जत और जितना प्यार है उसके चलते लोग उनकी मौत से जुड़े हर एक सच को परदे पर देखने जरुर जाएंगे। मद्रास कैफे में एक बहुत ही सीरियस घटना को इतनी खूबसूरती और मनोरंजन के साथ परदे पर उतारा गया है कि कोई भी इँप्रेस हो जाए। जॉन अब्राहम की एक्टिगं ने भी लोगों को काफी इंप्रेस किया है।

फिल्मी क्रिटिक्स का कहना है कि मद्रास कैफे लोगों के अंदर एक सोच डेवलप करेगी। सिर्फ मसाला फिल्मों को पसंद करने वाली ऑडियंस को एक ऐसी फिल्म मिलेगी जो उन्हें एक ऐसी घटना से रुबरु कराएगी जिसका विवरण उन्हें किसी इतिहास की किताब में भी नहीं मिलेगा।

मद्रास कैफे एक बेहतरीन फिल्म है

मद्रास कैफे एक बेहतरीन फिल्म है

मद्रास कैफे एक बेहतरीन फिल्म है। क्रिटिक्स का कहना है कि मद्रास कैफे जैसी फिल्में बहुत कम बनती हैं लेकिन जॉन ने ऐसी फिल्म बनाकर ये प्रूफ कर दिया कि वो हिंदी सिनेमा को एक नयी सोच और एक नयी पहचान देना चाहते हैं। जॉन अब्राहम ने मद्रास कैफे बनाकर ये प्रूफ कर दिया कि टॉपिक सेलेक्शन में भी वो परफेक्ट हैं।

जॉन की ने प्रूफ किया वो एक बेहतर निर्माता

जॉन की ने प्रूफ किया वो एक बेहतर निर्माता

जॉन अब्राहम ने मद्रास कैफे फिल्म बनाकर ये प्रूफ कर दिया है कि वो एक बेहतरीन एक्टर के साथ ही साथ एक बेहतरीन निर्माता भी हैं। मद्रास कैफे में निर्दशन के साथ एक्टरों की एक्टिंग भी बेहतरीन है।

 जॉन की एक्टिंग भी आउट स्टैंडिंग

जॉन की एक्टिंग भी आउट स्टैंडिंग

मद्रास कैफे में निर्देशन और फिल्म की कहानी तो बेहतरीन है ही साथ ही क्रिटिक्स को फिल्म में जॉन अब्राहम की एक्टिंग भी काफी पसंद आई। जॉन अब्राहम को भले ही बॉलीवुड में बतौर एक्टर इस तरह के रोल ना मिलते हों लेकिन बतौर निर्माता वो खुद के लिए इस तरह की फिल्में बना रहे हैं जिनमें वो खुद ऐसे किरदार करेंगे।

मद्रास कैफे में इतिहास भी मनोरंजन भी

मद्रास कैफे में इतिहास भी मनोरंजन भी

मद्रास कैफे फिल्म में हमारे इतिहास की ऐसी घटना का विवरण दिखाया गया है जो कि सिर्फ लोगों के दिमाग में ही है लेकिन इस घटना को बोरिंग नहीं बनाया गया। बल्कि इस घटना को बहुत मनोंरजन के साथ परदे पर उतारा गया है।

 छोटी से छोटी घटना को दिखाया बारीकी से

छोटी से छोटी घटना को दिखाया बारीकी से

जॉन अब्राहम ने मद्रास कैफे फिल्म में उस बड़ी घटना से जुड़ी छोटी छोटी बात को भी बड़ी बारीकी से दिखाया है। मद्रास कैफे में दिखाया गया है कि किस तरह से इंडिया के सबसे यंग प्राइम मिनिस्टर राजीव गांधी को रैली के दौरान बम से उड़ा दिया गया था।

English summary
Madras Cafe is getting lots of positive response from critics. Madras Cafe is all about the assassination of Indian Prime Minister, Rajiv Gandhi. John Abraham's acting also praised by many critics.

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