गुरु पूर्णिमा के दिन लता ने किया अपने पिता को याद

लता ने लिखा "नमस्कार आज गुरु पुर्णिमा है और मेरे पिताजी मेरे सबसे पहले गुरु थे, उन्होने मुझे मैं जब 5 साल की थी तब से गाना सिखाना शुरु किया और वही उनका सुर मेरे साथ है। मेरे पिताजी के बाद मैने अमन अली खान साहब और बाद में अमानत अली खान साहब देवसवाले उनसे गाना सीखा और मुझे जितना हो सकता उतनी मैंने गाने की कोशिश की है। ये मेरे गुरुओं का आशीर्वाद है मेरे बाबा हमेशा कहते थे कि इंसान को अगर किसी से कुछ भी अच्छा सीखने को मिले उसे भी गुरु बना लेना चाहिए तो आज के इस पावन अवसर पर मैं मेरे सभी गुरुजनों को नमस्कार करती हूं। और शिरडी वाले बाबा की कृपा हम सब पर ऐसे ही बनी रहे ये प्रार्थना करती हूं।"
लता मंगेशकर ने फिल्मों में गायिका से 1942 से अपने करियर की शुरुआत की थी। सन् 1974 से लेकर 1991 तक लगातार लता जी सबसे ज्यादा रिकार्डिंग करने वाली गायिका के रुप में गिनीज बुक ऑप वर्ल्ड रिकॉर्डस में शामिल रहीं। उन्होने 20 से भी ज्यादा भारतीय भाषाओं में 25 हजार से भी ज्यादा सोलो,डुएट और कोरस गाने गाए हैं।
ज्ञात हो कि गुरु पूर्णिमा हिन्दुओं द्वारा मनाया जाने वाला त्योहार है। यह त्योहार गुरुओं को समर्पित होता है। चूकि हिन्दुओं में गुरुओं को भगवान का दर्जा दिया जाता है इस लिए गुरुपूर्णिमा के दिन सभी लोग अपने अपने गुरुओं की पूजा करते हैं। जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है कि गुरु शब्द का अर्थ ही होता है अंधेरे को दूर करने वाला। यानि गुरु वो होता है जो अज्ञान का अंधेरा हटाकर ज्ञान के प्रकाश से जिंदगी रौशन करता है। जून-जूलाई के महीने में पूर्णिमा के दिन गुरु पूर्णिमा मनाया जाता है।
आज 3 जुलाई को गुरुपूर्णमा के दिन हम अपने और सभी के गुरुओं को साक्षात प्रणाम करते हुए सिर्फ यही कहना चाहते हैं-
गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु गुरु देवो महेश्वर:,
गुरु साक्षात् परमं ब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नम:।


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