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    OUCH: इस सुपरस्टार की मानें तो 100 करोड़ वाले अक्षय बेकार!

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    Karan Johar says that Akshay Kumar is WORTHLESS; Here's Why | FilmiBeat

    अब पता नहीं करण जौहर हर बार कुछ अजीब बोलते हैं या फिर लोग बेवजह उनकी बातों का अजीब मतलब निकाल लेते हैं। लेकिन एक बार फिर करण जौहर के साथ यही हो गया है।

    गौरतलब है कि करण जौहर ने हाल ही में एक बिज़नेस स्कूल में करण जौहर स्पीच देने गए और वहां एक बात कही - सिनेमा का मतलब सपने होता है, सच्चाई नहीं।

    करण जौहर का ये भी मानना था कि ये सपनों की दुनिया ही है जिसकी वजह से बाहुबली इतनी कमाई कर गई। अब करण जौहर ये भूल गए कि अक्षय कुमार आजकल रियल फिल्में बनाकर ही 100 करोड़ कमा रहे हैं।

    बहरहाल, ये तो तय माना गया है कि आने वाले काफी समय तक बॉलीवुड में बाहुबली जैसी फिल्म नहीं बन सकती और इसके कई कारण हम आपको अभी ही बता देते हैं।

    100 करोड़ तो फीस ही है

    100 करोड़ तो फीस ही है

    कारण तो कई हैं लेकिन शुरूआत करते हैं हमारे आज के पांच सुपरस्टारर्स से। सलमान खान, आमिर खान, शाहरूख खान, अक्षय कुमार और अजय देवगन। इनकी फीस सुनकर किसी के भी होश उड़ जाएं। इन पर सबसे सटीक बात कही थी अनुराग कश्यप। जब कुछ स्टार्स हॉलीवुड के स्टार्स के साथ फोर्ब्स की लिस्ट में शामिल हुए थे, अनुराग कश्यप ने सीधा सवाल उठाया था। कि हॉलीवुड की फिल्में अरबों कमाती हैं तब ये स्टार्स इस लिस्ट में हैं।

    100 करोड़ तो फीस ही है

    100 करोड़ तो फीस ही है

    कारण तो कई हैं लेकिन शुरूआत करते हैं हमारे आज के पांच सुपरस्टारर्स से। सलमान खान, आमिर खान, शाहरूख खान, अक्षय कुमार और अजय देवगन। इनकी फीस सुनकर किसी के भी होश उड़ जाएं। इन पर सबसे सटीक बात कही थी अनुराग कश्यप। जब कुछ स्टार्स हॉलीवुड के स्टार्स के साथ फोर्ब्स की लिस्ट में शामिल हुए थे, अनुराग कश्यप ने सीधा सवाल उठाया था। कि हॉलीवुड की फिल्में अरबों कमाती हैं तब ये स्टार्स इस लिस्ट में हैं।

     एक फिल्म में पांच साल

    एक फिल्म में पांच साल

    बाहुबली बनाने में पांच साल का समय लगा। इतने में अक्षय कुमार 20 फिल्में कर जाते हैं। तो फिल्में भी अच्छी होने के बावजूद औसत ही रह जाती हैं। वहीं आमिर खान 2 साल लेकर फिल्म बनाते हैं तो वो मेहनत उनकी कमाई में दिखाई देती है।

    प्लान करके बनाया गया सीक्वल

    प्लान करके बनाया गया सीक्वल

    फिल्म का सीक्वल प्लान करके बनाया गया। यानि कि डायरेक्टर को पता था कि उसे फिल्म दो पार्ट में बनानी है। ये नहीं कि दबंग सुपरहिट हो गई तो चलो दबंग 2 बना लेते हैं। ऐसे में फिल्म का आईडिया इतने अच्छे से डेवेलप हो ही नहीं सकता। और ना ही फिल्म सीक्वल लग सकती है।

    कितना करोगे प्रमोशन

    कितना करोगे प्रमोशन

    अगर आप ध्यान से देखें तो बाहुबली को प्रमोट करने ना ही कोई स्टार किसी सीरियल में गया और ना ही फिल्म को लेकर बहुत ज़्यादा प्रमोशन किया गया। फिल्म की केवल सोशल मार्केटिंग बड़े ही ध्यान से की गई। ऐसे में फिल्म की तरफ लोगों का ध्यान गया और इसके बारे में दिलचस्पी बढ़ी।

     स्टारडम पर टिकी हैं फिल्में

    स्टारडम पर टिकी हैं फिल्में

    हमारे यहां फिल्में स्टार के नाम पर बिक जाती है। इसलिए मोहनजोदड़ो जैसी शानदार फिल्म के लिए आशुतोष गोवारिकर ने कोई रिसर्च करना ज़रूरी नहीं समझा। नतीजा ये हुआ कि फिल्म में दिलचस्पी होने के बावजूद ये फिल्म दर्शकों को ज़्यादा खींच नहीं पाई। जबकि फिल्म के पास ऋतिक रोशन जैसा एक्टर था, मोहनजोदड़ो जैसी तगड़ी स्क्रिप्ट थी और एआर रहमान का म्यूज़िक था।

    कितना ज़्यादा मसाला

    कितना ज़्यादा मसाला

    बाहुबली मसाला, ड्रामा, रोमांस, एक्शन का भरपूर डोज़ थी। लेकिन हमारे यहां हर चीज़ की अति करने की आदत हो जाती है। अगर दबंग बन रही है तो सलमान की शर्ट अपने आप फट जाती है और अगर सिंघम बन रही है तो अजय देवगन की बाईक अपने आप उड़ जाती है।

    भंसाली को हम पीट देते हैं

    भंसाली को हम पीट देते हैं

    वास्तव में अगर बाहुबली से तुलना की जाए तो हमारे पास एक ही इंसान है जो हर फ्रेम को खूबसूरती से परदे पर उतारता है। वो है संजय लीला भंसाली लेकिन उन्हें हम आए दिन फिल्में बनाने पर या तो मारते पीटते हैं, या उनका सेट जला देते हैं या उनकी फिल्म बैन करवाने पर तुल जाते हैं।

     कंटेंट कहां है?

    कंटेंट कहां है?

    आजकल फिल्मों में कंटेंट कम और मसाला ज़्यादा बिक रहा है। जिन फिल्मों में कंटेंट है भी तो भी किसी ना किसी कारण से दर्शक उसे नकार ही देते हैं। पिछले साल अलीगढ़, धनक, वेटिंग जैसी शानदार फिल्मों को दर्शक ही नहीं मिले।

    हर किसी को चाहिए तारीख

    हर किसी को चाहिए तारीख

    हर स्टार को आजकल छुट्टी या त्योहार चाहिए। अब देश त्योहार ज़्यादा मनाना तो शुरू नहीं कर देगा। नतीजा हो रहा है कि फिल्में कम रिलीज़ हो रही हैं या फिर आगे बढ़ा दी जाती हैं। रईस तो सुलतान के साथ जुलाई 2016 में रिलीज़ होते होते जनवरी 2017 में खिसक गई। लिहाज़ा फिल्म में दर्शकों की दिलचस्पी घट गई।

    क्लैश पर क्लैश

    क्लैश पर क्लैश

    हमारे यहां आजकल वापस से हीरो और हीरो के लड़ने का चलन शुरू हो गया है। बाजीराव मस्तानी और दिलवाले जैसी फिल्मों के लिए तो ये क्लैश बहुत ही घाटे का सौदा रहा है। लेकिन फिर भी हमारे यहां क्लैश बंद नहीं हो रहे हैं।

     महंगी फीस

    महंगी फीस

    सलमान खान से लेकर शाहरूख खान तक और सुशांत सिंह राजपूत से लेकर करीना कपूर तक सबकी फीस अगर आप सुन लेंगे तो आपके होश उड़ जाएंगे। अक्षय कुमार हर दिन का एक करोड़ चार्ज करते हैं तो ऋतिक अपने 40 करोड़ की फीस के बाद, एक भी दिन ज़्यादा शूट करते पर हर रोज़ की फीस लेते हैं!

    English summary
    Karan Johar ecplains why Bollywood cant deliver a Baahubali.
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