गुलशन कुमार मर्डर केस- बॉम्बे HC ने अब्दुल रऊफ की उम्रकैद की सजा को रखा बरकरार, गोलियों से भूनकर की थी हत्या
गुलशन कुमार मर्डर केस मामले में गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने दोषी अब्दुल रऊफ मर्चेंट की याचिका खारिज कर दी। अदालत ने मुंबई सेशन कोर्ट की ओर से रऊफ को सुनाई गई उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। 12 अगस्त 1997 को मुंबई के साउथ अंधेरी इलाके में जीतेश्वर महादेव मंदिर के बाहर गुलशन कुमार की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी।
हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि अब्दुल रऊफ किसी तरह की उदारता का हकदार नहीं है क्योंकि वह पहले भी पैरोल के बहाने बांग्लादेश भाग गया था।

अदालत ने इस मामले में रमेश तौरानी को बरी कर दिया है। उनपर हत्या के लिए उकसाने का आरोप था। उसके बरी होने पर महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि तौरानी को बरी करने के खिलाफ वे फिर से अदालत में अपील करेंगे।
बता दें, मर्चेंट को गुलशन कुमार हत्या के केस में कोर्ट ने दोषी ठहराया था। अप्रैल 2002 में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। 2009 में उसे बीमार मां से मिलने के लिए पैरोल मिली थी। इसी दौरान वह बांग्लादेश भाग गया था।भारत-बांग्लादेश सीमा से फिर से गिरफ्तारी के बाद रऊफ मर्चेंट को साल 2016 में एक सत्र अदालत ने मुंबई के आर्थर रोड जेल भेज दिया था।


Click it and Unblock the Notifications











