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    Funny Review- डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी शाहरुख की स्टाइल में विलेन ने बजाया वायलिन

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    सालों पहले छोटे परदे पर बच्चो से लेकर बड़े तक डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी टीवी सीरियल देखने बड़े चाव से बैठा करते थे। रजित कपूर की मुश्किल घड़ी में भी मुस्कुराहट और हर बड़े केस को भी सहजता से हल कर देने का जज्बा दर्शकों को काफी भाता था।

    डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी रिव्यू

    शो का बैकग्राउंड म्यूसिक था जो कि बच्चों को डरा देता था वरना जासूसी सीरियल में और डरने के लिए होता क्या है। दिबाकर बैनर्जी की डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी भी आज सिनेमाघरों में लग चुकी है। बच्चों से लेकर बड़े तक देखने को उत्साहित हैं कि दिबाकर ने किस तरह उनके पसंदीदा टीवी सीरियल को सिल्वर स्क्रीन पर उतारा है।

    खैर फिल्म बेहतरीन है और अपने परिवार के साथ जाकर आप सिल्वर स्क्रीन पर आनंद उठा सकते हैं। लेकिन हम यहां दिखाने जा रहे हैं आपको फिल्म का वो पहलू जिसे जानकर शायद फिल्म देखने का आपका नजरिया ही बदल जाए।

    होटल खोल लेते भुवन बाबू

    होटल खोल लेते भुवन बाबू

    अजीत के पिता भुवन बाबू को हाजमोल से लेकर पान के मसाले व दवाइयों में भी अफीम डालने की आदत थी जिससे लोगों को लत लग जाए और उनका बिजनेस चलता रहे। अरे तो वो इतने में ही क्यों सीमित थे एक होटल खोलते खाने में मिलाते अफीम और हो जाते करोड़पति।

    चाय को स्पेशल अटेंशन

    चाय को स्पेशल अटेंशन

    ब्योमकेश बख्शी के हर एक सीन में वो चाहे रोमांटिक सीन हो, क्लाइमेक्स हो चाय को स्पेशल अटेंशन दी गयी है।

    अंगूरी देवी के साथ बख्शी बाबू के रोमांटिक सीन जमे नहीं

    अंगूरी देवी के साथ बख्शी बाबू के रोमांटिक सीन जमे नहीं

    खूबसूरत हॉट अंगूरी देवी (स्वस्तिका मुखर्जी) के बाथरुम तक में चले आए ब्योमकेश बाबू। जब गजानन की मौत से पहले पहुंचे उनके घर तो भी अंगूरी देवी के साथ किसिंग सीन देते समय टाइम तो वेस्ट किया लेकिन फील नहीं लिया। अरे तो किस में समय बरबाद करने की जरुरत ही क्या थी सीधे गजानन से ही मिल लेते। काम और निजी जिंदगी को अलग अलग नहीं रख पाए।

    शाहरुख की स्टाइल में बजाया वायलिन

    शाहरुख की स्टाइल में बजाया वायलिन

    फिल्म के क्लाइमेक्स के दौरान एक सीन में विलेन को मस्ती करते हुए वायलिन बजाने के स्टाइल में दिखाया है। उसे देखकर तो एक पल को लगा मोहब्बतें फिल्म देख रहे हैं और शाहरुख खान बस गाने जा रहे हैं मर भी जाएं प्यार वाले जिंदा रहती हैं उनकी मोहब्बतें।

    ब्योमकेश बख्शी की प्रेम कहानी

    ब्योमकेश बख्शी की प्रेम कहानी

    पूरी फिल्म के दौरान एक पल भी नहीं लगा कि ब्योमकेश बाबू को सत्यवती से प्यार हो गया लेकिन फिल्म जैसे ही खत्म होती है जल्दी जल्दी में वो सत्यवती को प्रपोज कर देते हैं। अरे थोड़ा माहौल तो बनाते प्रपोज करने से पहले का।

    मालगुड़ी डेज के समय में पहुंच गये हम तो

    मालगुड़ी डेज के समय में पहुंच गये हम तो

    ब्योमकेश बख्शी फिल्म के दौरान कुछ कुछ दृष्य ऐसे थे जिनमें घर के बारमदे में बडे़ बड़े बर्तन रखे हैं और जमीन धुली हुई है, ऐसा महसूस हो रहा था कि हम आर के नारायण के टीवी सीरीज मालगुड़ी डेज की कोई कड़ी देख रहे हों।

    English summary
    Detective Byomkesh Bakshi movie made with loads of seriousness and logical approach to subject. Still there are few funny parts that will make you laugh while watching Detective Byomkesh Bakshi.
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