Exclusive: प्रीति-नेस के विवाद पर बोले मनोचिकित्सक.. यह झगड़ा नहीं रगड़ा है
वाराणसी शहर के जाने-माने मनोचिकित्सक गिरजेश श्रीवास्तव ने वनइंडिया से खासी बातचीत में कहा कि आम तौर पर इस तरह के झगड़े को हम अवसादी घटना कहते हैं। हमें घटना के बारे में तो कुछ कहना नहीं है क्योंकि मामला कानून के पास है और वो उसकी छानबीन कर रहा है। लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि जिस व्यक्ति को आप सबसे ज्यादा प्यार करते हैं उसी से आपको नफरत भी सबसे ज्यादा होती है।
प्रीति के खिलाफ नेस वाडिया ने खड़े किये 9 गवाह
इसलिए प्रीति-नेस का मामला भी इस बात से अलग नहीं है। जैसा कि खुद प्रीति ने कहा है कि वो साल 2004 से साल 2009 तक नेस के साथ रिलेशनशिप में थीं, इसलिए इतने वक्त में प्रीति को वाडिया की पसंद-नापसंद उनकी मजबूती और कमजोरियों के बारे में अच्छे से पता चल ही गया होगा।
लेकिन जब दोनों का ब्रेकअप हुआ तो कुछ ना कुछ दोनों के बीच में ऐसा हुआ होगा जिसकी वजह से दोनों के बीच में दूरियां आ गई। आमतौर पर लंबे रिलेशनशिप जब ब्रेकअप होते हैं तो इसमें लोग कुठिंत मानसिकता के शिकार हो जाते हैं और पूर्वाग्रहों से ग्रसित होकर काम करने लग जाते हैं, जिसका असर अक्सर उन महिलाओं पर ज्यादा होता है जो कि 35 का आंकड़ा पार कर चुकी होती हैं।
शायद प्रीति भी इस दौर का शिकार हैं, हो सकता है कि प्रीति की बातों में पूरी तरह से सच्चाई हो। वाडिया (45) से उनका झगड़ा वानखेड़े स्टेडियम में सीट को लेकर हुआ हो और वाडिया ने उन्हें अपनी मां के चलते खरी खोटी सुनाई हों लेकिन शायद उन्हें खुद भी अंदाजा नहीं होगा कि प्रीति इस तरह का कोई कदम उठा लेंगी।
अगर शायद उस दिन प्रीति की टीम किंग्स इलेवन पंजाब जीतते-जीतते हारी नहीं होती बल्कि जीत गई होती तो शायद प्रीति का यह किस्सा याद ही नहीं रहता लेकिन एक तो झगड़े की वजह से मूड खराब ऊपर से टीम की फाइनल में अप्रत्यशित हार ने प्रीति के दिल-दिमाग पर ऐसी चोट कर दी जिसकी वजह से वो नेस के खिलाफ पुलिस थाने चली गईं।
इसलिए मेरी नजर में यह झगड़ा नहीं रगड़ा है जो शायद पिछले काफी समय से दोनों के बीच में चल रहा था और विस्फोट बनकर अब फूटा है।
खैर यह सोच तो एक मनोचिकित्सक की है देखते हैं कानून इस मामले को क्या मोड़ देता है और कौन सच्चा और कौन झूठा साबित होता है?


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