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    #OnPoint: संजय दत्त ने सलमान खान पर मारा करारा ताना!

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    संजय दत्त और सलमान खान में क्या चीज़ है जो उन्हें साथ जोड़ती है? नहीं नहीं, दोस्ती और दुश्मनी के अलावा। वो है जेल। सलमान खान का हिट एंड रन केस और काला हिरण शिकार मामला और संजय दत्त का 1993 बंबई बम ब्लास्ट मामला।

    दोनों ही जुर्म की अगर कोई तुलना नहीं है तो ये भी साफ है कि दोनों के ही जुर्म संगीन थे। दोनों के पास भरपूर स्टारडम और भरपूर फैन्स पर किसी ने साथ नहीं दिया। जो गलत है वो गलत है।

    लेकिन क्या चीज़ है जो दोनों में समान नहीं है? वो है सज़ा। जहां संजय दत्त जेल गए और अपनी सज़ा पूरी की वहीं सलमान खान बरी हो गए। सारे सुबूतों, गवाहों के बावजूद बरी हो गए।
    [#1993 बम बलास्ट - 'मेरी मां मुस्लिम थी इसलिए मेरी बहनों का रेप कर देते' - संजय दत्त]

    अब संजय दत्त ने हाल ही में अपनी सज़ा पर बात की लेकिन ऐसा लगा कि वो साथ में किसी और की सज़ा पर भी बात कर गए। वैसे भी हाल ही में सलमान खान के बरी होने के बाद संजय दत्त जेल Vs सलमान खान जेल वाले ट्विटर चुटकुले आपने पढ़े ही होंगे।

    संजय दत्त ने कहा कि "मुझसे एक गलती हुई क्योंकि मैं कानून नहीं जानता था। लेकिन मैंने उस गलती की सज़ा भुगती। और मुझे लगता है कि आज लोग मेरी इज़्जत इसलिए करते हैं क्योंकि मैं भागा नहीं था। मैंने अपनी सज़ा पूरी की आदमी की तरह और इज़्जत के साथ बाहर आया। "
    [ये 10 सवाल संजय दत्त को कभी सोने नहीं देंगे]

    गौरतलब है कि संजय दत्त को 1993 बंबई बम ब्लास्ट के मामले में गिरफ्तार किया गया था और उस दौरान सबने उनका साथ दिया था। संजय दत्त के समर्थन में पूरा बॉलीवुड उनके साथ खड़ा हो गया।
    [सलमान खान और दाउद इब्राहिम की ये तस्वीर देखी है?]

    ये तस्वीर भी तब की ही है जब संजय दत्त को पुलिस ने टाडा (आतंकी गतिविधि में शामिल) होने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया था।

    पहली बात संजय दत्त उस समय सुपरस्टार और दूसरी बात ये कि सुनील दत्त, यानि कि संजय दत्त के पिता कांग्रेस एमपी थे। इस एक केस ने संजय दत्त की ज़िंदगी बदल दी थी।

    12 मार्च 1993 को बम्बई में 13 बम धमाके हुए जिसके बाद मुंबई दहल गया था। इस बम ब्लास्ट में 257 जान गईं और 750 से ऊपर लोगों का सब कुछ लुट गया।अपनी फिल्म की शूट से मॉरीशस से लौटे संजय दत्त को पुलिस ने गिरफ्तार। उनके घर के दूसरे माले से एक एक 56 राइफल बरामद हुई जो उस जत्थे में थी, जिसका इस्तेमाल ब्लास्ट के दौरान हुआ।

    संजय दत्त ने पुलिस के सामने अपने सारे गुनाह कुबूल किए थे लेकिन इसके बाद वो अपने हर बयान से पीछे हट गए। अदालत में उन बयानों के कोई मायने नहीं थे जो पुलिस के सामने दिए गए।

    आतंकी गतिविधियों पर नज़र रखने वाली टाडा कोर्ड ने संजय दत्त को कोर्ट हाज़िरी का समन भेजा और उन्हें आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता का केस दर्ज हुआ। 28 नवंबर 2006 को संजय दत्त को गैर कानूनी हथियार रखने का दोषी पाया गया और 5 साल की सज़ा दी गई। वहीं उन पर आतंकवादी गतिविधियों के आरोपों से बरी कर दिया गया।

    संजय दत्त को पुणे के यरवदा जेल भेजा गया। फिर अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बेल पर छोड़ दिया। 2013 में वापस उन्हें सरेंडर करने को कहा गया और 4 हफ्तों का वक्त दिया। संजय दत्त ने वापस अपील की पर इस बार सुप्रीम कोर्ट ने उनकी बात नहीं मानी।
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    English summary
    Did Sanjay Dutt just took a dig at Salman Khan's Hit and Run case and the grand escape.
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