शोले रिलीज होने के 43 साल के बाद रमेश सिप्पी ने किया इतना बड़ा खुलासा
शोले के डायरेक्टर रमेश सिप्पी ने पुणे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में अपनी ऐतिहासिक फिल्म शोले के बारे में एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें शोले का क्लाईमैक्स बदलना पड़ा था क्योंकि सेंसर बोर्ड को क्लाइमैक्स नहीं पसंद आया था।
रमेश सिप्पी को पुणे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में 'PIFF Distinguished Personality Award' से सम्मानित किया हया। इसी दौरान उन्होंने इसका खुलासा किया। जब दर्शकों ने रमेश सिप्पी से पूछा गया कि आज की तारीख में फिल्म और सेंसर बोर्ड के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सेंसर बोर्ड को लेकर अपने अनुभव बांटे।

उन्होंने कहा कि "मैंने शोले का अंत अलग रखा था जिसमें गब्बर को ठाकुर मार देता है। लेकिन सेंसर बोर्ड को ये पसंद नहीं आया। उन्हें पसंद नहीं आा कि ठाकुर गब्बर को अपने पैरों तले कुचल के मार रहे हैं। मैं काफी कन्फ्यूज हो गया था कि ठाकुर और कैसे गब्बर को मार सकता है।वो अधिक हिंसा से नाराज थे।" उन्होंने कहा कि उन्हें काफी दुख हुआ था लेकिन क्लाईमैक्स बदलना पड़ा।


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