स्टार्स भरोसेमंद साबित नहीं हुए
झारखण्ड चुनाव में इस बार प्रचार के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों ने फिल्मी कलाकारों पर नहीं बल्कि राजनेताओं पर भरोसा किया। झारखण्ड के राजनीतिक दलों को लगने लगा है कि जरूरी नहीं है कि सितारों की उपस्थिति उन्हें वोट दिला सके।
शुक्रवार को झारखण्ड विधानसभा चुनावों के लिए अंतिम चरण का मतदान हो रहा है और राजनेताओं का कहना है कि इस बात में कोई शक नहीं है कि फिल्मी कलाकार भीड़ को आकर्षित करते हैं लेकिन उनकी उपस्थिति से विजय सुनिश्चित नहीं होती। अप्रैल-मई में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान जीत के लिए सभी राजनीतिक दलों ने फिल्मी सितारों की मदद ली थी।
उस समय पूनम ढिल्लन, नग्मा, कुनिका और मिनिशा लांबा जैसी अभिनेत्रियों ने कांग्रेस के लिए प्रचार किया था। हेमा मालिनी और शत्रुघ्न सिन्हा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य आकर्षण थे। सेलिना जेटली ने झारखण्ड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक (जेवीएम-पी) के लिए प्रचार किया था लेकिन विधानसभा चुनाव होने तक प्रचार में शामिल होने वाले सितारों की संख्या तेजी से गिरी है।
भाजपा की झारखण्ड इकाई के महासचिव शैलेश सिन्हा ने कहा, "विधानसभा चुनावों में स्थानीय मुद्दों की प्रमुखता थी। स्थानीय नेता इन मुद्दों को ज्यादा अच्छे से समझ सकते थे और मतदाताओं से बात कर सकते थे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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