शाहरुख़ और आमिर ख़ान एक साथ आए

By Staff
शाहरुख़ और आमिर ख़ान एक साथ आए

ये दोनों इन दिनों प्रोड्यूसर और मल्टीप्लैक्स मालिकों के बीच राजस्व बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद के विषय में प्रोड्यूसरों के समर्थन में आगे आए.

आमिर और शाहरुख़ ने दोनों पक्षों के बीच बराबरी की हिस्सेदारी की वकालत की.

मुंबई के एक पांच सितारा होटल में जब शाहरुख़ ख़ान और आमिर ख़ान एक साथ बांहों में बाहें डाले आए तो मीडिया कैमरों की फ्लैशलाइट्स तेजी से चमकने लगीं.

वहां उपस्थित मीडिया कर्मियों में हलचल शुरु हो गई.

आमतौर पर एक दूसरे की टांग खींचने वाले शाहरुख़ और आमिर को एक साथ देखकर हर व्यक्ति थोड़ा आश्चर्य में था.

जैसा कि आपको पता है कि पिछले कुछ महीनों से ये दोनों एक दूसरे के ख़िलाफ़ काफ़ी बयानबाजी के कारण खासे चर्चा में रहे हैं.

मेरा ऐसा मानना है कि दोनों के बीच बराबरी की हिस्सेदारी होनी चाहिए. वितरक और एक्जिबीटर्स को अपने पचास फ़ीसदी हिस्सेदारी में से ही धंधा चलाने के बारे में रास्ता निकालना चाहिए आमिर ख़ान

मेरा ऐसा मानना है कि दोनों के बीच बराबरी की हिस्सेदारी होनी चाहिए. वितरक और एक्जिबीटर्स को अपने पचास फ़ीसदी हिस्सेदारी में से ही धंधा चलाने के बारे में रास्ता निकालना चाहिए

पत्रकारवार्ता की शुरुआत करते हुए निर्माता-निर्देशक करण जौहर ने मंच पर आमिर ख़ान को आमंत्रित किया.

आमिर ने प्रोड्यूसर फोरम के नुमाइंदगी करते हुए कहा,'' मेरा ऐसा मानना है कि दोनों के बीच बराबरी की हिस्सेदारी होनी चाहिए. वितरक और एक्जिबीटर्स को अपने पचास फ़ीसदी हिस्सेदारी में से ही धंधा चलाने के बारे में रास्ता निकालना चाहिए.''

आमिर ने कहा,'' हमारी फ़िल्म इंडस्ट्री एक है और हम सभी लोग तब ही गुजारा कर सकते हैं जब कि हर सेक्टर को उसका अच्छा हिस्सा मिले. हम आज यहां, इस मसले के हल के लिए इकट्ठा हुए हैं.''

एक साथ बिरादरी

आमिर के अलावा फ़िल्म इंडस्ट्री के कई नामीगिरामी निर्माता-निर्देशक जैसे कि मुकेश भट्ट, यश चोपड़ा, राकेश रोशन, आशुतोष गोवारिकर और करण जौहर उपस्थित थे.

इस मौक़े पर शाहरुख़ ख़ान ने कहा,'' ये कोई पावर गेम का शो नहीं है और हम यहां मल्टीप्लैक्स वालों को डराने-धमकाने नहीं आए हैं.''

ये कोई पावर गेम का शो नहीं है और हम यहां मल्टीप्लैक्स वालों को डराने-धमकाने नहीं आए हैं शाहरुख़ ख़ान

ये कोई पावर गेम का शो नहीं है और हम यहां मल्टीप्लैक्स वालों को डराने-धमकाने नहीं आए हैं

शाहरुख़ का भी मानना था कि मल्टीप्लैक्स और निर्माताओं के बीच बराबर की हिस्सेदारी होनी चाहिए.

शाहरुख़ ने कहा कि हम यहां फेयर राइट्स फॉर फ्राईडे नाइट्स यानि शुक्रवार की शाम बराबरी का हक़ के मुद्दे पर बातचीत करने आए हैं.

इससे पहले बॉलीवुड फ़िल्म निर्माताओं और मल्टीस्क्रीन सिनेमाघर मालिकों के बीच टिकट बिक्री से मिलने वाले पैसे के बँटवारे को लेकर ठन गई है.

इस मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बनने के बाद फ़िल्म निर्माता पिछले शनिवार से हड़ताल पर चले गए हैं जिसका मतलब ये हुआ कि मल्टीस्क्रीन सिनेमाघरों में कोई भी नई फ़िल्म रिलीज़ नहीं होगी.

निर्माताओं की माँग है कि सिनेमाघर मालिक टिकट बिक्री से मिलने वाला पैसा आधा-आधा बाँटे.

लेकिन मालिकों का कहना है कि अगर कोई फ़िल्म बढ़िया कारोबार नहीं करती है तो ये हिस्सा कम होना चाहिए.

बॉलीवुड दुनिया की सबसे बड़ी फ़िल्म इंडस्ट्री है और वैश्विक मंदी की मार इस पर भी पड़ी है.

ताज़ा विवाद को देखते हुए मल्टीप्लेक्स मालिकों ने फिलहाल पुरानी फ़िल्में दिखाने का फ़ैसला किया है.

More from Filmibeat

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+
X