कोरोना का प्रभाव कम होने के बाद लोग फिर से सिनेमाघरों में लौट आएंगे- फिल्ममेकर मनीष शर्मा
साल 2020 ने भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री के सामने बहुत से सवाल खड़े किए हैं जिसकी वजह से अपने भीतर झांककर देखने की ज़रूरत महसूस हुई है। महामारी की वजह से परिस्थितियों में बदलाव आया है और लोगों ने पूरे साल अपने घरों पर रहकर कंटेंट्स देखने का आनंद लिया है, लिहाजा इस बात की चर्चा बढ़ रही है कि आने वाले दिनों में ओटीटी प्लेटफॉर्म का ही बोलबाला होगा और पहले की तरह लोगों की भीड़ को थिएटर की ओर आकर्षित करना काफी कठिन होगा।
इस बात की भी चर्चा हो रही है कि थियेटर्स में लोगों को सिर्फ बड़ी बजट वाली फ़िल्में ही देखने को मिलेंगी। इससे एक बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या विषय प्रधान फ़िल्मों को दर्शकों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल माध्यम अपनाना पड़ेगा। हमने इन मुद्दों पर फ़िल्ममेकर और वाईआरएफ के प्रोड्यूसर मनीष शर्मा के साथ बातचीत की।

मनीष कहते हैं, "मुझे लगता है कि इस महामारी का प्रभाव कम होने के बाद लोग फिर से सिनेमाघरों में लौट आएंगे। एक महीने पहले तक ऐसा लग रहा था मानो यह सिलसिला कभी ख़त्म नहीं होगा लेकिन अब हम अनुमान लगा सकते हैं कि कुछ समय बाद चीजें ठीक हो जाएंगी, या चीजें काफी हद तक कंट्रोल में होंगी। इसलिए, लोग थियेटर्स में ज़रूर वापस आएंगे और पहले की तरह ही फ़िल्म देखने का शानदार अनुभव हासिल करना चाहेंगे।"
मनीष इस पैन्डेमिक के दौरान यश राज फ़िल्म्स द्वारा उठाए गए कदम का पूरी तरह समर्थन करते हैं। आदित्य चोपड़ा की अगुवाई में भारत के सबसे बड़े प्रोडक्शन हाउस ने अपनी फ़िल्मों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ नहीं करने का फैसला लिया है। 'बंटी और बबली 2, 'शमशेरा' और 'जयेशभाई जोरदार' जैसी बड़ी फ़िल्में रिलीज़ के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन इसके बावजूद यह प्रोडक्शन हाउस अपने फैसले पर कायम है।
मनीष कहते हैं, "मुझे लगता है कि कोई भी अच्छी फ़िल्म ऑडियंस को सिनेमाघरों तक खींच लाएगी। मेरे ख़्याल से हम इस बात को एक निश्चित दायरे में नहीं रख सकते हैं कि अगर बड़ी बजट की फ़िल्म होगी तो लोग आएंगे, और छोटी बजट की फ़िल्म होगी तो लोग नहीं आएंगे। अगर कॉमेडी फ़िल्म होगी तो लोग आएंगे, और अगर यह ड्रामा होगी तो लोग नहीं आएंगे। मुझे नहीं लगता कि लोग जॉनर के आधार पर फ़िल्में देखने के लिए थिएटर आने का फैसला करेंगे। बल्कि उनका फैसला तो इस बात पर आधारित होगा कि फ़िल्म उन्हें कैसा अनुभव प्रदान करने वाली है। इसलिए, अच्छी फ़िल्में होंगी तो लोग ज़रूर आएंगे।"
मनीष आज दिल्ली में अपने परिवार के साथ अपना जन्मदिन मना रहे हैं। वह जल्द ही मुंबई वापस आकर अपनी अगली फ़िल्म पर काम करना शुरू करेंगे, जिसके बारे में अभी कुछ नहीं बताया गया है। बैंड बाजा बारात, शुद्ध देसी रोमांस, फैन जैसी फ़िल्मों को डायरेक्ट करने वाले फ़िल्म-मेकर मानते हैं कि, भारतीयों के लिए अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों और प्रियजनों के साथ सिनेमा जाना हमारे कल्चर का एक हिस्सा बन गया है।


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