अभिषेक बच्चन ने दी दिलीप कुमार को श्रद्धांजलि, लिखा - सौभाग्यशाली हूं कि आपका बेटा बनने वाला था
अभिषेक बच्चन ने बॉलीवुड के महानतम अभिनेता दिलीप कुमार के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए उन्हें एक पोस्ट के ज़रिए श्रद्धांजलि दी। अभिषेक ने इस पोस्ट में बताया कि कैसे अगर उनके करियर में सब कुछ ठीक होता तो उनकी पहली फिल्म दिलीप कुमार के साथ होती। लेकिन शायद किस्मत को कुछ और मंज़ूर था।
दिलीप कुमार को श्रद्धांजलि देते हुए अभिषेक बच्चन ने साथ ही ये भी कहा - अच्छी बात ये है कि आने वाली सभी पीढ़ियां उनके काम को देख सकती हैं और उनसे सीखने का मौका उनके पास है। और इससे भी ज़्यादा अच्छी बात ये है कि दिलीप साहब की फिल्मों के ज़रिए आने वाली पीढ़ियां हमेशा सिनेमा का अच्छा अनुभव ले सकेंगी।

आपने अपने काम के ज़रिए, अपने अनुभव से, अपनी प्यार से, अपने टैलेंट से हम सबका ख्याल रखा, इसके लिए शुक्रिया। ईश्वर आपकी आत्मा को शांति दे। सायरा जी और पूरे परिवार के साथ मेरी सहानुभूति।

बनने वाले थे दिलीप साहब के बेटे
अभिषेक बच्चन ने इस पोस्ट में अपनी पहली फिल्म के बारे में जानकारी देते हुए बताया - मेरी पहली फिल्म का नाम था आखिरी मुग़ल और इस फिल्म में दिलीप साहब मेरे पिता की भूमिका निभाने वाले थे। अभिषेक बच्चन ने इस घटना का ज़िक्र करते हुए बताया - मुझे अच्छी तरह याद है, ये बात जानने के बाद मेरे पिता अमिताभ बच्चन ने मुझसे कहा था कि उन्हें दिलीप साहब के साथ काम करने का मौका मिलने में पूरा एक दशक लग गया था। मुझे ये मौका अपनी पहली ही फिल्म में मिल रहा है और इससे ज़्यादा भाग्यशाली कोई नहीं हो सकता है।

जितना हो सके, उतना सीखो
अमिताभ बच्चन ने अभिषेक बच्चन को सलाह देते हुए कहा था कि इस मौके का पूरी तरह फायदा उठाना और इस अनुभव को ज़िंदगी भर सहेज कर रखना। मुझे कहा गया कि मैं दिलीप साहब की एक एक बात सीखूं और जितना हो सके उतना उनकी सीख पर अमल करूं।

पिता के चहेते कलाकार दिलीप कुमार
अभिषेक बच्चन आगे लिखते हैं, वाकई इससे ज़्यादा भाग्यशाली कौन हो सकता था? मैं खुद अभिनय के मास्टर को अपनी आंखों के सामने अपनी कला दिखाते देखने वाला था। एक ऐसी फिल्म जिसमें मैं अपने चहेते कलाकार (मेरे पिता अमिताभ बच्चन) के चहेते कलाकार दिलीप साहब के साथ काम करने वाला था।

नहीं बन पाई फिल्म
अभिषेक ने खेद जताते हुए लिखा - दुखद था कि ये फिल्म कभी बन नहीं पाई और मुझे कभी भी ये कहना का सौभाग्य नहीं मिल पाया कि मैंने दिलीप कुमार साहब के साथ काम किया है। आज सिनेमा का एक पूरा ज़माना खत्म हो गया है।

अमिताभ बच्चन के शक्ति को स्टार
अमिताभ बच्चन ने अपने शक्ति को स्टार को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा था - एक महान सदी के परदे गिर चुके हैं। अब ऐसा दोबारा कभी नहीं होगा।

अभिनय का मतलब बदल गया
अमिताभ बच्चन ने दिलीप कुमार साहब को याद करते हुए आगे लिखा - अभिनय की परिभाषा ही आज बदल गई। जब भी भारतीय सिनेमा का इतिहास लिखा जाएगा तो उसे दो भागों में लिखा जाएगा - दिलीप कुमार साहब के पहले और दिलीप कुमार साहब के बाद। उनकी आत्मा की शांति के लिए मैं दुआ करता हूं और उनके परिवार के लिए इस दुख को सहने की शक्ति मांगता हूं। बहुत दुखी हूं।


Click it and Unblock the Notifications











