निजता मुझे प्रिय है: कैलाश खेर

By Super

'मिशन उस्ताद" में बतौर प्रतियोगी नज़र आ चुके कैलाश खेर आजकल टैलेंट शो 'इंडियन आइडल 4" में बतौर जज नज़र आ रहें हैं। अपनी इस नई भूमिका से बेहद खुश कैलाश का मानना है कि वह किसी को जज नहीं कर सकते क्योंकि इस दुनिया में कोई ऐसा शख्स नहीं जो किसी के टैलेंट को जज कर सके। कैलाश की बातें भले ही आपको विरोधाभासी लग रही हों मगर यही सच हैं।

प्रश्न - 'इंडियन आइडल 3" में बतौर गेस्ट जज नज़र आने के बाद 'इंडियन आइडल 4" में फुल टाइम जज बनना कैसा रहा ?
उत्तर - काफी अच्छा रहा। पिछले शो में भी मैं फुल टाइम जज के रूप में आना चाहता था मगर वक़्त की पाबंदी के कारण यह संभव नहीं हो सका। खुशी है इस बार वक़्त ने यह मौका दे दिया। रिएलिटी शो को लेकर अक्सर लोगों की राय यही होती है कि वहां सच को तोड मरोडकर दिखाया जाता है। मैं खुद इस बात का अनुभव करना चाहता था और अब तक जो अनुभव हुए हैं वह काफी अच्छे और यूनिक हैं।

प्रश्न - यानी कि आप मानते हैं रिएलिटी शो से जुडे लोगों के ख्यालात गलत हैं ?
उत्तर - जी हां बिल्कुल। दरअसल लोगों ने गलतफहमियां पाल रखी हैं। रिएलिटी शो को यदि हम रिएलिटी शो ना मानकर उस पर अपने कमेंट देने लगे, उसे अपनी नज़र से देखने लगें तो इसे मैं बिल्कुल न्यायसंगत नहीं कहूंगा।

प्रश्न - अभी हाल ही में कलकत्ता में रिएलिटी शो में जज के कमेंट सुनने के बाद एक प्रतियोगी ने आत्महत्या कर ली ?
उत्तर - देखिए यह तो ज़ाहिर सी बात है। लाखों लोगों में से कुछ लोगों का चुना जाना और उसके बाद जज के कमेंट से निपटते हुए खुद को निखारना बहुत जिगर वालों का काम है। कई लोगों को हमारे सामने एम्बुलेंस बुलाकर अस्पताल छोडना पडा। कुछ ऑडिशन के पहले तो कुछ ऑडिशन के बाद बेहोश होकर गिर पडे। कइयों को तो अस्पताल में जाकर बताना पडा कि हां वह चुन लिए गए हैं। मुझे लगता है रिएलिटी शो को रियल मानते हुए खुद अनुभव करें बजाय इसके कि घर बैठकर कमेंट करें।

प्रश्न - मगर चार घंटे की शूटिंग को एडिट करके आप हमें एक घंटा दिखाएंगे तो उसमें रिएलिटी कहां रह गई ?
उत्तर - देखिए आप यह भी नहीं भूल सकती कि यह शो लोगों के मनोरंजन के लिए है। अब गली के नुक्कड में जिस तरह बातें होती है उस तरह भी हम आपको नहीं बता सकते है ना। हम तो वही बताएंगे जो अधिक से अधिक लोगों को पसंद आए। सब कुछ दिखाने लगेंगे तो आप खुद ऊब जाएंगी।

प्रश्न - रिएलिटी शो में संवाद लेखक की क्या भूमिका होती है क्योंकि खास तौर से माना जाता है, जो विवाद होते हैं वह स्क्रिप्टेड होते हैं ?
उत्तर - देखिए सभी एक जैसे नहीं होते। किसी का हृदय अलग तरीके से चलता है तो किसी का मस्तिष्क अलग दिशा में। अब ऐसे में यह जान पाना बहुत मुश्किल है कि हम किस तरह से सोचें और किसकी बात से सहमत हों। ऐसे में अलग अलग मत हो जाते हैं और भावुक होकर व्यक्तिगत हो जाते हैं।

प्रश्न - लेकिन दर्शकों की भावुकता को कैश करना भी तो गलत बात है ?
उत्तर - मैं नहीं मानता क्योंकि वह दिखाना भी ज़रूरी है। इससे कुछ ऐसी बातें जानने मिलती हैं जो वह नहीं जानते। उदाहरण के तौर पर मुझे अपने संगीत से जाना जाता है मगर मुझे गुस्सा कितना आता है और किस बात पर आता है यह किसे पता।

प्रश्न - क्या आपको नहीं लगता इस तरह के विवाद दिखाना गलत बात है ?
उत्तर - मुझे लगता है संसार में जीना मात्र अपने आप में विवाद है।

प्रश्न - अच्छा एस एम एस वोटिंग को कितना सही मानते हैं ?
उत्तर - एस एम एस वोटिंग के बारे में मेरे विचार ज़रा वाहियात है। एस एम एस प्रजातंत्र का प्रतीक है मगर कई बार वह लोग राय देते हैं जिन्हें संगीत का ज़रा भी ज्ञान नहीं होता। अगर आप गौर करेंगी तो पाएंगी कि पढे लिखे लोग कभी वोट नहीं करते। वह मतदान केन्द्र के बाहर खडे होकर सिर्फ राय देते हैं।

प्रश्न - तो इन सबमें आप जजेस की क्या भूमिका है ?
उत्तर - अगर प्रजा सुधार की उम्मीद करते हैं तो 80 प्रतिशत जनता कुछ गिने चुने लोगों को पालियामेंट में भेजती है। उसी तरह अस्सी प्रतिशत लोगों को हम चुनकर दर्शकों के हाथ में सौंप देते हैं।

प्रश्न - इससे पहले आप एक रिएलिटी शो में बतौर प्रतियोगी नज़र आ चुके हैं वहां पर जावेद साहब आपको जज कर रहे थे। साथ ही उन्होंने आपको काफी क्रिटिसाइज़ भी किया था सो इस बार उनके साथ आपके संबंध कैसे हैं ?
उत्तर - देखिए क्रिटिसिज़्म हमेशा अच्छा होता है। मैं प्रतियोगियों से यही कहता हूं कि कभी भी क्रिटिसिज़्म से निराश ना होते हुए उसे खुले दिल से अपनाना चाहिए। मेरी सोच में क्रिटिसिज़्म आपकी उन्नति में दिशा देता है। अपनी ज़िन्दगी में मैंने बहुत क्रिटिसिज़्म बर्दाश्त किए हैं। मुझे तो यहां तक कहां गया था कि मेरी आवाज़ ज़रा भी अच्छी नहीं है इसलिए गायकी में कोशिश ना करूं तो बेहतर है।

प्रश्न - 'इंडियन आइडल" में सभी के साथ का आपका अनुभव कैसा रहा ?
उत्तर - सोनाली को छोडकर मैं इन सभी को पहले से जानता हूं। सभी बहुत प्यारे इंसान हैं। जावेद साहब के बारे में मैं यही कहना चाहूंगा कि वह साठ साल के एक नटखट बच्चे हैं। सोनाली खूबसूरत तो हैं मगर कला के मामले में ठीक ठाक हैं। अनु मलिक के बारे में जितना कहा जाए उतना कम है सो उनके बारे में ना बोला जाए तो ही बेहतर है।

प्रश्न - 'इंडियन आइडल" में बतौर जज बनना कितना मुश्किल रहा ?
उत्तर - मुझे लगता है जज बनना ही अपने आपमें काफी मुश्किल काम है क्योंकि किसी के टैलेंट को कोई जज नहीं कर सकता। अब यह शो का फॉर्मेट है जहां चार जज और दर्शक किसी एक को चुनेंगे। सच कहें तो ना चाहते हुए हम सभी लोगों को तटस्थ भाव से ना देखते हुए एक दुसरे को जज ही करते रहते हैं।

प्रश्न - एक बार आपने कहा था कि रिएलिटी शो पर आप अधिक विश्वास नहीं करते हैं। इस शो के बारे में क्या कहेंगे ?
उत्तर - हो सकता है उस समय हालात कुछ ऐसे रहे हों जहां मुझे इस तरह की बात करनी पडी हो। मगर मुझे नहीं लगता कि मैंने ऐसा कुछ कहा हो। मैंने यह कहा होगा कि मुझे किसी को जज करना पसंद नहीं क्योंकि हमारे कमेंट पर कई बार किसी की पूरी ज़िन्दगी आधारित होती है।

प्रश्न - अच्छा यह बताइए कि आप शादी कब कर रहे हैं ?
उत्तर - फिलहाल अभी कुछ सोचा नहीं है। हमनें तो पहले ही कह दिया है जिन्हें घरवाले चुन लेंगे उन्हें हम अपनी जीवन संगिनी बना लेंगे।

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