होली के हुल्लड़ में बॉलीवुड गीतों का तड़का
नई दिल्ली। होली के दिन उत्तर भारत में कोई ऐसा शहर, कसबा या गांव नहीं होता, जहां चौराहों और नुक्कड़ों पर होली के गीत नहीं बज रहे हों। होलिका दहन के बाद रात भर डांस और फिर दूसरे दिन होली के रंग खेलने की परंपरा। इस परंपरा के साथ ही जुड़े हैं होली के बॉलीवुड गीत।
होली पर बॉलीवुड की भव्यतापूर्ण होली का जिक्र न हो, यह भला कैसे हो सकता है। यह आधुनिकता की रौ में बह रहे हमारे समाज को रंग, राग और संस्कृति की महत्ता से जोड़े हुए है। आज भी पारंपरिक रूप से होली पर फगवा गाने का रिवाज है, लेकिन बॉलीवुड के गाने समाज के बदलते स्वरूप के साथ फगवा का रूप लेते जा रहे हैं। होली स्पेशल।

बात 1960 के दशक की श्वेत श्याम फिल्म 'कोहिनूर' की करते हैं। फिल्म का गाना 'तन रंग लो मन रंग लो' में बॉलीवुड की ट्रेजेडी क्वीन मीना कुमारी और शो मैन राज कपूर पर फिल्माई गई है। गाना श्वेत-श्याम होने की वजह से पर्दे पर होली के रंग भले ना दिखे हों, लेकिन इसमें होली की मस्ती को आसानी से महसूस किया जा सकता है। भारतीय सिनेमा ने अपने 100 साल के सफर में होली के गाने के जरिये समाज और संस्कृति की खूबसूरत तस्वीर पेश की है और इनमें से कुछ बेहद चर्चित गाने होली का पर्याय बन चुके हैं।
होली के दिन दिल खिल जाते हैं
वर्ष 1975 की फिल्म 'शोले' का मशहूर गाना 'होली के दिन दिल खिल जाते हैं', इन्हीं में से एक है। फिल्म के इस गीत में उस सच्चाई को दिखाया गया है कि जीवन में चाहे कितनी ही परेशानी या निराशा क्यों न हो, इंसान-हंसने मुस्कराने का अवसर ढूंढ ही लेता है। इस अवसर पर 1970 के ही दशक में आई फिल्म 'सिलसिला' का गाना 'रंग बरसे' पर अमिताभ बच्चन और रेखा का थिरकना कोई नहीं भूल सकता। होली का यह सबसे चर्चित गाना त्योहार के दौरान हर गली-मोहल्ले में सुना जा सकता है।
वर्ष 1990 के दशक के आते-आते कई फिल्मों में होली के गीत सुनने को मिले। इन्हीं में से एक है वर्ष 1993 में प्रदर्शित हुई फिल्म 'डर' का गाना 'अंग से अंग लगाना सजन हमें ऐसे रंग लगाना', जिसे सुनकर लोग आज भी झूमते हैं। वर्ष 1990 के दशक तक होली जहां ग्रामीण पृष्ठभूमि तक सिमटी रही, वहीं नई सदी के आगमन के बाद होली का त्योहार बॉलीवुड में गांवों से निकल कर शहर में दिखने लगा।
साल 2000 की फिल्म 'मोहब्बतें' का गाना इसी के इर्द-गिर्द बुना गया था। होली पर आधारित गाना 'सोनी सोनी अंखियों वाली' आज भी युवा वर्ग खास कर प्रेमी-प्रेमिकाओं के बीच काफी लोकप्रिय है। होली बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी को एक रंग में रंग देता और सभी एक जैसे नजर आते हैं और इसी को दर्शाता है 'बागबान' फिल्म का काना 'होली खेले रघुवीरा', जिसमें युवा, बच्चे व बूढ़े सभी को नाचते-गाते दिखाया गया है।
खास बात यह है कि जब तक ये गानें नहीं बजते, तब तक होली को अधूरा माना जाता है। आखिर क्यों न हो, होली है ही मस्ती भरा त्योहार।


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