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थप्‍पड़

थप्‍पड़

Drama | 28 Feb 2020 |
Hindi

2.5 /5 Users

4 /5 Filmibeat

थप्‍पड़ कहानी

थप्पड़ एक बॉलीवुड ड्रामा है, जिसका निर्देशन अनुभव सिन्हा द्वारा किया जा रहा है। इस फिल्‍म में मुख्य भूमिका में फिल्म स्टार तापसी पन्नू नजर आने वाली हैं। फिल्म के निर्माता भूषण कुमार और अनुभव सिन्हा है।  कहानी   अमृता और विक्रम (पावेल गुलाटी) शादीशुदा कपल हैं और परिवार के बीच अपनी अपर-मिडिल-क्लास ज़िंदगी जी रहे हैं। जहां विक्रम करियर में आगे बढ़ने के सपने देख रहा है और काम में व्यस्त है। वहीं अमृता एक परफेक्ट पत्नी, बहू, बेटी और बहन है। वह क्लासिकल डांसर है और उसके पिता की मानें तो वह इसमें अपना करियर भी बना सकती थी। लेकिन गृहस्थी के लिए वह अपने सपनों को पीछे छोड़ देती है। वह पति की खुशी में ही खुशी ढूंढ़ लेती है.. कि तभी 'थप्पड़' पड़ता है। घर की पार्टी में तमाम मेहमानों के सामने पति के हाथों से एक जोरदार थप्पड़। इस घटना के साथ अमृता ठिठक जाती है। पति, सास, मां, भाई.. सभी सलाह देते हैं कि इस घटना को भूलकर उसे आगे बढ़ना चाहिए, move on करना चाहिए। लेकिन अमृता ऐसा नहीं करती है। वो इस घटना को भूलने से इंकार करती है। पिता हर कदम पर उसके साथ हैं। बेटी के गाल पर पड़े थप्पड़ से वो व्यथित हैं और क्रोधित भी। वह किसी भी प्रकार के घरेलू हिंसा के खिलाफ हैं, भले ही वह एक थप्पड़ क्यों ना हो। दामाद आकर उनसे कहता है- हो गई गलती.. अब मैं क्या करूं? आगे से कभी नहीं होगी। तो पिता कहते हैं- सवाल यह ज्यादा जरूरी है कि ऐसा हुआ क्यों?  कहानी सिर्फ अमृता की नहीं है। बल्कि अमृता से जुड़ी पांच और औरतों की भी है। तलाकशुदा पड़ोसी (दिया मिर्जा), सास (तन्वी आज़्मी), मां (रत्ना पाठक शाह), वकील नेत्रा जयसिंह (माया सराओ) और अमृता के घर की कामवाली बाई.. ये सभी किरदार कहानी में साथ साथ चलते जाते हैं.. एक अंतर्विरोध के साथ। सभी समाज की पुरुषवादी सोच से घिरी हुई हैं। लेकिन अमृता की लड़ाई इन्हें भी इस सोच से उबरने का मौका और हिम्मत देती है।
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थप्‍पड़ कास्ट एंड क्रू

थप्‍पड़ क्रू जानकारी

निर्देशक / डायरेक्टर अनुभव सिन्हा ए
छायाकार / सिनेमेटोग्राफर सौमिक मुखर्जी
संपादक यशा रामचंदानी
संगीत / म्यूजिक मंगेश धाकड़े
निर्माता / प्रोड्यूसर भूषण कुमार, अनुभव सिन्हा ए
बजट TBA
बॉक्स ऑफिस TBA
OTT प्लेटफार्म TBA
OTT रिलीज डेट TBA

थप्‍पड़ समीक्षक की समीक्षा

नवभारत टाइम्स
फिल्म का अंत उन सभी किरदारों के अच्छे और बुरे पहलू, मन में चलने वाली उलझनें, द्वंद्व और अंतरविरोधों को न सिर्फ सबके सामने रखती है बल्कि पूरे समाज को एक-एक ऑप्शन भी देकर जाती है, ताकि लाइफ जीने लायक बन सके।
फिल्मीबीट हिंदी
तापसी पन्नू की ये फिल्म पुरुषवादी सोच पर करारा तमाचा है...

थप्‍पड़ ट्रेलर

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थप्‍पड़ गाने

थप्‍पड़ फिल्म क्रिटिक्स रिव्यू

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