रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट एक बॉलीवुड बायोग्राफिकल ड्रामा है, जिसका निर्देशन अनंत महादेवन करेंगे। फिल्म में आर माधवन मुख्य भूमिका में नजर आयें हैं। यह फिल्म भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व वैज्ञानिक और एयरोस्पेस इंजीनियर नंबी नारायणन के जीवन पर आधारित है। फिल्म में शाहरुख़ खान गेस्ट कैमियो ( जर्नलिस्ट) की भूमिका में नजर आयें हैं, और वहीँ तमिल वर्जन में सुपरस्टार सूर्या गेस्ट कैमियो ( जर्नलिस्ट) की भूमिका में नजर आयें हैं। कहानी फिल्म की कहानी इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन के जीवन पर आधारित एक बिओग्रफ़िकलड्रामा है, जिन पर जासूसी का झूठा आरोप लगने के बाद उन्होंने अपने आप को साबित करने के लिए वर्षों तक संघर्ष किया। फिल्म की कहानी शुरू होती है फ्लैशबैक से जहां ,नंबी नारायणन एक चैनल पर इंटरव्यू के दौरान सुपरस्टार शाहरुख खान को अपनी कहानी सुनाते हैं। बिना हड़बड़ी किये, हम फिल्म में देखते हैं, साल 1969 में नारायणन ने नासा फैलोशिप जीती और प्रिंसटन विश्वविद्यालय चले गए। वहां, उन्होंने दस महीने के रिकॉर्ड में प्रोफेसर लुइगी क्रोको के अंदर लिक्विड फ्यूल रॉकेट टेक्नोलॉजी में अपनी थिसीस को पूरा किया। नासा (NASA) में नौकरी की पेशकश के बावजूद, नारायणन भारत लौट आए क्योंकि वो अपनी योग्यता से अपने देश को आगे बढ़ाना चाहते थे। इसरो में उन्होंने विक्रम साराभाई, सतीश धवन और एपीजे अब्दुल कलाम के साथ मिलकर काम किया। 1970 में नंबी ने लिक्विड फ्यूल रॉकेट टेक्नोलॉजी की शुरुआत की, जिसका उपयोग ISRO ने अपने कई रॉकेट के लिए किया। रॉकेट्री से जुड़ी तकनीकों को समझने और अपने देश तक लाने के लिए वो फ्रांस से लेकर रूस तक गए। लेकिन 1994 में उनकी सारी उपलब्धियों पर पानी फेरते हुए उन पर जासूसी और देशद्रोह के झूठे आरोप लगाए गए, यही इस फिल्म की कहानी है जो हमे नंबी नारायण की संघर्ष के बारे में बताती है। फिल्म 1 जुलाई 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म में तमिल सुपरस्टार एक्टर सूर्या में गेस्ट कैमियो में नजर आयें हैं। इस फिल्म को हिंदी के अलावा, इंग्लिश, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में रिलीज की गयी है।
रॉकेट्री एक महत्वपूर्ण कहानी है, जो जरूरी ही कहनी और सुननी चाहिए। नंबी नारायणन की उपलब्धियों को जानने और आर माधवन के शानदार अभिनय को देखने के लिए 'रॉकेट्री' जरूरी देखी जानी चाहिए।