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INTERVIEW: मुझे नेशनल अवार्ड के लिए बुरा लगता है कि उसे मैं नहीं मिला अभी तक- शाहरुख खान

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सितारों के ख्वाब देखने वालों, हमने तो चांद को करीब से देखा है.. फिल्म ज़ीरो में शाहरुख खान जब कैटरीना की आंखों में डूबकर यह बात कहते हैं तो फैंस यूं ही उनके ख्वाबों में खो जाते हैं। यह है शाहरुख का स्टारडम। बॉलीवुड में 25 सालों से ज्यादा का समय गुजारने वाले सुपरस्टार शाहरुख खान की फिल्म ज़ीरो 21 दिसंबर को रिलीज होने वाली है। फिल्म का निर्देशन किया है आनंद एल राय ने।

डाइरेक्टर- एक्टर की इस हटके जोड़ी की वजह से ज़ीरो से उम्मीदें काफी बढ़ चुकी है। फिल्म के ट्रेलर और गानों को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। लेकिन असल परीक्षा तो 21 से शुरु होगी।

फिल्म जीरो के प्रमोशन शुरु हो चुके हैं। ऐसे में फिल्मीबीट ने सुपरस्टार शाहरुख खान से खास बातचीत की, जहां उन्होंने अपनी फिल्मों की सफलता- असफलता, सलमान खान के साथ अपनी दोस्ती और ज़ीरो पर खुलकर बातें की। शाहरुख कहते हैं, मुझे लगता है कि पर्दे पर जो भी क़िरदार निभाऊं, उसमें कुछ विशिष्ट बात हो। बउआ सिंह भी इसीलिए मेरे दिल के करीब है क्योंकि वह रियल है।

वहीं, नेशनल अवार्ड पाने की इच्छा पर शाहरुख खान ने कहा, मुझे बुरा नहीं लगता कि मुझे नेशनल अवार्ड नहीं मिलता। मैं इस मामले में बेहद संतुष्ट हूं।

यहां पढ़ें इंटरव्यू से कुछ प्रमुख अंश-

पर्दे पर आप बौने कद में नज़र आ रहे हैं, इस किरदार का चुनाव किस तरह किया?

पर्दे पर आप बौने कद में नज़र आ रहे हैं, इस किरदार का चुनाव किस तरह किया?

मुझे लगता है कि पर्दे पर जो भी क़िरदार निभाऊं, उसमें कुछ विशिष्ट बात हो। अब तक सबने, मैंने भी फिल्मों में जो हीरो दिखाया है वह सुपरहीरो होते हैं। हम larger than life हीरो बेचते हैं। वह सबसे हैंडसम होता है, बाइक सबसे तेज़ चलाता है, उसके 6 पैक एब्स होते हैं, सब औरतों की रक्षा करता है भले ही उससे रक्षा मांगी जाए या ना मांगी जाए। वह सब कुछ कर लेता है। लेकिन जो सच में हीरो होते हैं, वो ऐसे नहीं होते हैं।

अब जबकि मैं फिल्में बनाता भी हूं, तो मुझे एहसास हुआ कि ये राज, राहुल, बादशाह तो ठीक है, लेकिन हीरो को नॉर्मल आम आदमी की तरह होना चाहिए। जैसे कबीर खान का किरदार था, वह एक लूज़र था। मोहल्ले में लोग उसे गालियां देते थे। लेकिन वह अपनी माँ की आंखों में उदासी नहीं देख पाता। मेरे लिए वह किरदार ज़्यादा कनेक्टिंग था। बउआ सिंह भी इसीलिए मेरे दिल के करीब है क्योंकि वह रियल है।

फ़िल्म का ट्रेलर देखकर कहा जा सकता है कि यहां किरदार सहानुभूति नहीं चाहते हैं?

फ़िल्म का ट्रेलर देखकर कहा जा सकता है कि यहां किरदार सहानुभूति नहीं चाहते हैं?

मैं खुश हूं कि लोगों ने इस बात को नोटिस किया है। लेकिन फ़िल्म में कोई भी किरदार बेचारा नहीं है। हम जब ये फ़िल्म बना रहे थे तो हमने ध्यान रखा था कि यह equality की फ़िल्म है। अनुष्का भी उसको इसीलिए पसंद करती है क्योंकि वह उसपे तरस नहीं कहता है कि ओह ये तो व्हीलचेयर पर है। बउआ उससे नार्मल बात करता है। लड़की को अच्छा लगता है बउआ उसे बराबर का समझ रहा है, मुझे स्पेशल ट्रीट नहीं कर रहा।

मुझे लगता है कि कई बार हम लड़कियों के साथ भी खास करने की कोशिश करते हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि लड़कियों को भी इसकी ज़रूरत है। वो सिर्फ बराबरी चाहती हैं। हमें एक्स्ट्रा कोशिश करने की ज़रूरत नहीं है।

ज़ीरो की बात करें तो इसके हर किरदार में कमी है, लेकिन एक भी सीन ऐसी नहीं है जहाँ लोगों को हम कहेंगे कि इन पर तरस खा लो। यही बात फ़िल्म की खूबसूरती है।

आनंद एल राय का कहना है कि आप हमेशा खुद को चुनौती देना पसंद करते हैं। आपका क्या कहना है ?

आनंद एल राय का कहना है कि आप हमेशा खुद को चुनौती देना पसंद करते हैं। आपका क्या कहना है ?

मुझे लगता है कि नाम, पैसा और शोहरत के बारे में सोचकर हम उस excitement से वंचित रह जाते हैं। जिस चीज़ मुझे 30 साल पहले खुशी मिलती थी, जब मैंने फिल्मों में काम शुरू किया था, उस उत्साह को बनाये रखने के लिए ज़रूरी है कि आज मैं कुछ ऐसा अलग काम करूँ, जो मैंने नहीं किया है। तो कभी कभी चनौतीपूर्ण स्तिथि हो जाती है। मैंने कई फिल्मों में डांस किया है लेकिन बउआ की तरह डांस करना कुछ अलग था। इसीलिए कभी कभी मैं नाम, पैसे और शोहरत से अलग होकर कुछ अलग करने की कोशिश करता हूं।

अबराम ने फ़िल्म देखी? उसका कैसा रिएक्शन रहा?

अबराम ने फ़िल्म देखी? उसका कैसा रिएक्शन रहा?

(हँसते हुए) हां, एक दो दिन पहले ही घर पर सब फ़िल्म के गाने और ट्रेलर वैगेरह देख रहे थे तो वो भी आया। दो मिनट उसने देखा, उसका interest खत्म हो गया। जाते जाते उसने कहा, ये वही फ़िल्म है ना जिसमें आप मेरी तरह बनने की एक्टिंग कर रहे हो।

निगेटिव कमेंट्स को किस तरह से लेते हैं?

निगेटिव कमेंट्स को किस तरह से लेते हैं?

मुझे लगता है कि हर किसी की अपनी पसंद होती है, अपनी राय होती है। मुझे भी कई लोग अच्छे नहीं लगते, कई फिल्में अच्छी नहीं लगती। लेकिन जब खुद पर आता है तो हम पर्सनली ले लेते हैं। कहीं ना कहीं हमें भी पता होता है कि हम फ़िल्म किसके लिए बना रहे हैं। जैसे मुझे पता था कि फैन सबको पसंद नहीं आएगी। मैंने 10 में से 3 लोगों के लिये बनाई थी, लेकिन जब उन तीन लोगों को भी पसंद नहीं आती है, तो थोड़ा बुरा लगता है। लगता है कि गड़बड़ है। लेकिन ज़ीरो वैसी नहीं है। यह फुल कमर्शियल फ़िल्म है, लेकिन अलग है। हम बस मेहनत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि लोगों को फ़िल्म पसंद आएगी।

श्रीदेवी जी की आखिरी फ़िल्म है ये। उनके साथ क्या यादें रहीं?

श्रीदेवी जी की आखिरी फ़िल्म है ये। उनके साथ क्या यादें रहीं?

उनका जाना हम सबके लिए बहुत शॉकिंग था। हमें तो आज भी विश्वास नहीं होता है कि वो नहीं हैं। हम सालों से दोस्त थे और इस फ़िल्म में भी उनकी झलक है। हम ज़्यादा मिलते नहीं थे, लेकिन हमारी दोस्ती काफी अच्छी थी। ज़ीरो के रिलीज़ पर भी हम उन्हें बेहद मिस करेंगे।

सुहाना की तस्वीर आयी है, जहाँ वो जीरो के सेट पर दिख रहीं हैं। क्या आप सुहाना के लांच की तैयारी कर रहे हैं ?

सुहाना की तस्वीर आयी है, जहाँ वो जीरो के सेट पर दिख रहीं हैं। क्या आप सुहाना के लांच की तैयारी कर रहे हैं ?

(हँसते हुए) पहले मैं खुद को तो लांच कर लूं अच्छे से। फिर उसे करूँगा।

खैर, मुझे लगता है पहले उसे तीन चार साल एक्टिंग सीखनी चाहिए। मेरे परिवार से यदि कोई भी फिल्मों में आता है, भले ही किसी भी डिपार्टमेंट में आयें, उन्हें पढ़ाई तो करनी होगी। सुहाना की छुट्टियां थी अभी और उसे कहीं बाहर इंटर्न करने जाना था, तो मैंने ही सलाह दी कि जीरो के सेट पर चलो, काम भी सीखना हो जाएगा और घर पर भी रहोगी। मैं चाहता था कि वह अनुष्का और कैटरीना को भी देखे, उनसे कुछ सीखे। अनुष्का से तो उसकी अच्छी दोस्ती है। कैटरीना के साथ भी सेट पर उसकी बातचीत होती थी। लेकिन अभी फिलहाल उसके लांच में वक़्त है।

यह फ़िल्म अधूरेपन को सेलिब्रेट करती है। ऐसी कौन सी एक बात है, जो शाहरुख खान को अधूरा बनाती है ?

यह फ़िल्म अधूरेपन को सेलिब्रेट करती है। ऐसी कौन सी एक बात है, जो शाहरुख खान को अधूरा बनाती है ?

फिल्मों में मैं भले ही परफेक्ट दिखता हूँ, लेकिन रियल लाइफ में मैं हूँ नहीं। कोई भी नहीं होता। अधूरेपन की बात करें तो मुझे लगता है कि मैं परिवार को उतना समय नहीं दे पाता। मैं और अच्छा पति, पिता, भाई, दोस्त बन सकता हूँ। यहाँ तक मेरी फ़िल्म जब नहीं चलती तो भी मुझे बुरा लगता है कि मेरे फैंस को कितना बुरा लग रहा होगा। मैंने उन्हें निराश किया है। लेकिन मैं हमेशा इस बारे में सोचता भी नहीं रहता हूँ क्योंकि वह वक़्त की बर्बादी होगी।

सलमान खान ने भी फ़िल्म में आपके साथ एक गाना किया है। शूटिंग के वक़्त सेट पर कैसा माहौल रहता था?

सलमान खान ने भी फ़िल्म में आपके साथ एक गाना किया है। शूटिंग के वक़्त सेट पर कैसा माहौल रहता था?

इस गाने की शूटिंग में बहुत मज़ा आया था। हालांकि हमने जल्दी जल्दी शूट की थी क्योंकि सलमान ने डेट दी हुई थी। वह जब टाइम दे देते थे, तब शूटिंग हो जाती थी। हुआ ऐसा था कि उनके आने से मैं अच्छा दिखने लग गया था। वह लेट भी आते थे तो कोई उन्हें कुछ कहता नहीं था। तो मैं भी लेट आता था। हम दोनों लेट आते थे। तो कोई हमें कुछ बोलता ही नहीं था। सलमान ने गाना देखा भी और उन्हें बहुत पसंद आया।

तो आप और सलमान एक साथ एक फ़िल्म में कब नज़र आ सकते हैं?

तो आप और सलमान एक साथ एक फ़िल्म में कब नज़र आ सकते हैं?

अभी तो फिलहाल ऐसा कुछ नहीं है। अगर कोई ऐसी स्क्रिप्ट आये और कोई डायरेक्टर हमारे लेट आने की आदत का आदि हो जाये तो देखा जाएगा फिर।

आप कभी हीरो से जीरो होने के डर से गुजरते हैं?

आप कभी हीरो से जीरो होने के डर से गुजरते हैं?

मुझे लगता है उम्र के हर पड़ाव में लोगों की इच्छाएं बदलती हैं। अभी तक जिस पड़ाव में मुझे जो चाहिए था, मैंने पाया है। अब 52 की उम्र में मैं इच्छा रखता हूँ कि मैं अलग तरह की फिल्में करूँ, मेरा परिवार स्वस्थ रहे। और ये सब मुझे मिल रहा है। मुझे अलग तरह की फिल्में मिल रही हैं। आज के निर्देशकों के साथ काम करने का मौका मिल रहा है। और मुझे लगता है कि भगवान ने जितना मुझे दिया है, उतने के बाद भी मैं जीरो होने के डर में रहूं तो मैं अकृतज्ञ होंगा।

आप इतने सफल रहे हैं, इतनी फिल्में हिट रही हैं। ऐसे में इंतेज़ार है तो एक नेशनल अवार्ड का। एक इवेंट में आपने इसका जिक्र भी किया था। क्या लगता है कि बउआ में वह बात है जो नेशनल अवार्ड दिला सकता है?

आप इतने सफल रहे हैं, इतनी फिल्में हिट रही हैं। ऐसे में इंतेज़ार है तो एक नेशनल अवार्ड का। एक इवेंट में आपने इसका जिक्र भी किया था। क्या लगता है कि बउआ में वह बात है जो नेशनल अवार्ड दिला सकता है?

(हँसते हुए) दरअसल मैं फ़िल्म फेस्टिवल में गया था तो ममता दीदी (ममता बनर्जी) ने मुझे कहा कि जीरो का भी ट्रेलर दिखा दो। मैंने उन्हें बहुत मना किया कि ऐसे थोड़ी न अच्छा लगता है, इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल में जीरो का ट्रेलर। लेकिन वो मुझे बहुत मानती हैं तो उन्होंने दिखाने की जिद की। तो मैंने वहां स्टेज पर मज़ाक में बोल दिया था कि वैसे तो मेरी फिल्मों को नेशनल अवार्ड नहीं मिलता, तो यहीं देख लेते हैं। मैंने एकदम मस्ती में ये बात कही थी, लेकिन बाद में आनंद एल राय ने भी मुझे कहा कि आपने मज़ाक में कहा लेकिन अब लोग इस बात को गंभीरता से लेंगे।

अब मैं कैसे कहूँ कि मुझे बुरा नहीं लगता कि मुझे नेशनल अवार्ड नहीं मिलता, मुझे नेशनल अवार्ड के लिए बुरा लगता है कि उसे मैं नहीं मिला अभी तक। मुझे नहीं लगता बउआ से भी मिलेगा क्योंकि ये बहुत ही कमर्शियल फ़िल्म है। मैं इस मामले में बहुत संतुष्ट हूँ।

रब ने बना दी जोड़ी को 10 साल हो गए हैं। अनुष्का के साथ एक बार फिर काम करना कैसा रहा और कैटरीना के साथ भी ये आपकी दूसरी फ़िल्म है?

रब ने बना दी जोड़ी को 10 साल हो गए हैं। अनुष्का के साथ एक बार फिर काम करना कैसा रहा और कैटरीना के साथ भी ये आपकी दूसरी फ़िल्म है?

अनुष्का बहुत ही इंटेलीजेंट और मेहनती एक्ट्रेस हैं। उनके होने से इस फ़िल्म को बहुत मदद मिली। उन्होंने अपने किरदार के ऊपर बहुत रिसर्च किया था। मेरे अनुसार फ़िल्म में उनका किरदार सबसे ज्यादा उठकर आएगा। और कैटरीना की बात करें तो उन्हें इस फ़िल्म के लिये मैंने बहुत मेहनत से मनाया था। वो इतनी खूबसूरत हैं कि लोगों ने उन्हें एक छवि से बांध दिया है, जैसे मुझे रोमांटिक का टैग दे दिया गया था। कैटरीना बहुत अलग तरह की भूमिकाएं करना चाहती हैं लेकिन रिस्क नहीं लेना चाहती थीं। लेकिन जब उन्होंने इस फ़िल्म को हां कहा तो बबीता के किरदार में जान डाल दी। इस फ़िल्म में भी वो डांस आदि करती दिख रहीं हैं लेकिन उनका किरदार बहुत ही अलग तरह का है।

जीरो के बाद अगली फ़िल्म आप राकेश शर्मा की बायोपिक कर रहे हैं। उस फिल्म के बारे में कुछ बताएं?

जीरो के बाद अगली फ़िल्म आप राकेश शर्मा की बायोपिक कर रहे हैं। उस फिल्म के बारे में कुछ बताएं?

अभी फिलहाल तो मैंने उस फिल्म पर काम शुरू नहीं की है। मैंने टीम से थोड़ा वक़्त मांगा था। अब ज़ीरो रिलीज़ के बाद मैं उस पर काम शुरू करूंगा। लेकिन हां, मैं खुद को खुशनसीब मानता हूं कि मुझे इस बायोपिक में काम करने का मौका मिल रहा है। मैं इसके लिए आमिर खान को धन्यवाद देना चाहूंगा। हमारे युवा दिनों की कुछ यादें आज भी ताज़ा हैं, जिनमें से एक राकेश शर्मा का अंतरिक्ष में जाना है। मेरे लिए यह बड़ी बात है कि मैं किसी living legend का किरदार निभाउंगा।

English summary
In an interview with Filmibeat, superstar Shahrukh Khan says, Zero is not national award kind of film. It is full commercial film.
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