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    मिर्जापुर 2 Exclusive Interview: 'इतने बेहतरीन कंटेंट का हिस्सा बनकर उम्मीदें बढ़ जाती हैं'

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    अमेज़न प्राइम वीडियो की चर्चित वेब सीरिज 'मिर्जापुर' अपने दूसरे सीज़न के साथ तैयार है। 23 अक्टूबर से यह स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध होगी। मिर्जापुर के पहले सीज़न को अपार सफलता मिली थी। इसके बहुचर्चित किरदारों को दर्शकों ने दिल में खास जगह दी।

    खासकर शो का आखिरी एपिसोड लोगों के मन में कई सवाल छोड़ गया था, जिसके जवाब इस सीजन में मिल सकते हैं। इसी एपिसोड में दिखे थे अभिनेता अंजुम शर्मा, जिन्होंने शरद शुक्ला (रति शंकर के बेटे) का किरदार निभाया था। पहले सीजन में इनके चंद सीन थे, लेकिन 'मिर्जापुर' जिस मोड़ पर खत्म किया गया था, वहां से यह किरदार काफी दिलचस्पी जगाता है। अब जबकि मिर्जापुर 2 की रिलीज में कुछ ही दिन रहे गए हैं, फिल्मीबीट ने अंजुम शर्मा से खास बातचीत की है, जहां उन्होंने अपने किरदार और मिर्जापुर से जुड़ी कई पक्षों पर खुलकर बातें की।

    मिर्जापुर 2 की रिलीज का मुझे भी बेसब्री से इंतज़ार है

    मिर्जापुर 2 की रिलीज का मुझे भी बेसब्री से इंतज़ार है

    शो में अपने अनुभव का जिक्र करते हुए अंजुम कहते हैं, "जिस तरह से पहले सीजन को खत्म किया गया था, इस किरदार को लेकर लोगों में जिज्ञासा बन गई। मैं अभी ज़्यादा तो नहीं बता सकता क्योंकि मेरा कोई भी ज़वाब spoiler होगा। लेकिन हां, बहुत ही ड्रामेटिक ग्राफ है इस किरदार का। इसकी एक अलग जर्नी होगी। कहना चाहूंगा कि मज़ा तो बहुत आया। लेकिन यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी थी। यदि आप पहले सीजन से हैं तो आपके किरदार का एक ग्राफ होता है, दर्शक आपसे जुड़े होते हैं। या आप सीधे दूसरे सीजन में ही एंट्री ले रहे हो, तो भी लोगों के मन में एक उत्सुकता होती है। लेकिन मेरा जो किरदार है, उसकी स्थिति त्रिशंकु वाली है। वो था भी, नहीं भी, वो क्या करेगा, नहीं करेगा, इन सब सवालों का जवाब उस किरदार के कंधों पर है। तो अब बस इंतेज़ार है की यह दर्शकों के सामने आए.. उम्मीद है कि उन्हें हमारा काम पसंद आएगा। मुझे खुद मिर्जापुर 2 की रिलीज का बेसब्री से इंतज़ार है।"

    इतने बड़े कास्ट के साथ काम करना चैलेंजिंग रहा

    इतने बड़े कास्ट के साथ काम करना चैलेंजिंग रहा

    साल 2018 नवंबर में आई मिर्जापुर सीरिज ने अपने लेखन के साथ साथ अपने कास्टिंग को लेकर काफी तारीफ बटोरी थी। पंकज त्रिपाठी, अली फज़ल, विक्रांत मैसे, दिव्येंदु शर्मा, अमित सियाल, रसिक दुग्गल, श्वेता त्रिपाठी, राजेश तेलांग जैसे एक से बढ़कर एक कलाकार इस सीरिज में मौजूद थे। इतने बड़े कास्ट के साथ काम करने के अनुभव को अंजुम शर्मा ने चैलेंजिंग बताया। उन्होंने कहा, इस सीरीज़ में जिस एक्टर ने जो किरदार निभाए हैं, वो एक समय के बाद लगता है कि वही हैं। दर्शकों से एक कनेक्शन बन जाता है। एक्टर की तैयारी, डायरेक्टर और राइटर की सोच.. ये सब का जब संगम होता है, तभी ऐसा कंटेंट निकल कर आता है।

    बेहतरीन कंटेंट का हिस्सा बनते हैं तो जिम्मेदारी बढ़ जाती है

    बेहतरीन कंटेंट का हिस्सा बनते हैं तो जिम्मेदारी बढ़ जाती है

    मिर्जापुर के दोनों सीजन के बीच दो सालों का अंतर रहा है। ऐसे में अपने किरदार के सुर को वापस पकड़ना कलाकारों के लिए कितना आसान या मुश्किल रहता है.. इस बारे में बात करते हुए अभिनेता ने कहा कि, "अपनी तैयारी के अलावा, किरदार को कैसा होना है, उसका क्या ग्राफ होगा, क्या मूड होगा, यह सब निर्देशक ने समझाया था। जिम्मेदारी तो होती ही है। जब आप इतने बेहतरीन कंटेंट का हिस्सा बनने जा रहे हैं तो आपकी खुद से भी बहुत अपेक्षाएं होती हैं कि खुद का सर्वश्रेष्ठ देना है।"

    "मिर्ज़ापुर की दुनिया ऐसी है कि किरदार के दिमाग में घुसना बहुत ज़रूरी था। जैसा कि हमने देखा पहले सीजन में कि ये एकलौता ऐसा किरदार था, जो उस दुनिया में रहकर भी वहां का हिस्सा नहीं बनना चाहता था। तो वो जब इससे अलग निर्णय लेता है तो फिर क्या होगा.. यही देखना है.." उन्होंने आगे कहा।

    थिएटर करना मैंने बहुत एन्जॉय किया है

    थिएटर करना मैंने बहुत एन्जॉय किया है

    लंबे समय तक थियेटर से जुड़े रहने के बाद अंजुम शर्मा स्लमडॉग मिलियनेयर, वज़ीर, वन्स ऑपन ए टाइम इन मुंबई जैसी कई फिल्मों का हिस्सा भी बने। इन्होंने टेलीविजन में भी काम किया और अब वेब सीरिज में भी नाम कमा रहे हैं।

    अपने सफर पर अभिनेता साझा करते हैं, "थिएटर एक अलग अनुभव रहा है। थिएटर के बारे में कहा भी जाता है कि It's an actor's medium. उसका एक अलग सुर है और थिएटर आपको बहुत आकर्षित करता है। वहां आपको अपने किरदार के साथ समय बिताने का, अलग अलग स्तर पर उसे explore करने का बहुत मौका मिलता है। और मुझे लगता है कि यदि थिएटर का अनुभव जल्दी आ जाये आपके जीवन में तो वो सदा के लिए रहता है। फिर आप आगे भी उसके मूल मंत्रों का इस्तेमाल करते हैं। फ़िल्म या सीरीज़ , ये सब बिल्कुल अलग मीडियम होते हैं, यहां detailing पर काम होती है। यहां आप निर्देशक, राइटर, डीओपी, को एक्टर्स, सभी से जुड़कर एक किरदार बुनते हैं। एक समय पर थिएटर करना मैंने बहुत एन्जॉय किया है और अब सीरीज़ करके भी अलग मज़ा आ रहा है।"

    अच्छी सीरीज़ के छोटे से छोटे किरदार भी याद रहते हैं

    अच्छी सीरीज़ के छोटे से छोटे किरदार भी याद रहते हैं

    "ओटीटी की मूल ज़रूरत ही कंटेंट और किरदारों के लिए सही एक्टर्स है, तभी बात बनेगी"; अंजुम शर्मा ने आगे कहा। वेब सीरिज और फिल्मों के बीच के अंतर को बताते हुए उन्होंने कहा, सीरिज में एक एक किरदार की layering पर बहुत काम किया जाता है क्योंकि उसे 8 से 10 एपिसोड्स तक ले जाना होता है। किसी अच्छी सीरीज़ के छोटे छोटे किरदार भी आपको याद रहते हैं। वो इसीलिए याद रहते हैं क्योंकि उसे लिखने और अभिनय के दौरान एक ग्राफ दिया जाता है। यह काफी चैलेंजिंग है।

    लोग मिर्जापुर 2 देखेंगे ही देखेंगे

    लोग मिर्जापुर 2 देखेंगे ही देखेंगे

    मिर्जापुर 2 के ट्रेलर को लोगों से मिल रहे प्यार और उम्मीद से अंजुम शर्मा अभिभूत हैं। सोशल मीडिया पर शो को मिल रही कुछ निगेटिव ट्रेंड पर उन्होंने कहा, इतने प्यार और उम्मीदों के बीच दो चार ने बॉयकॉट करने की बात कही भी है तो वो करें। मुझे पता है लोग मिर्जापुर 2 देखेंगे ही देखेंगे।

    मिर्जापुर 2 INTERVIEW- 'फिल्मों से भी मुझे तालियां मिली, लेकिन सफलता और पहचान OTT से मिली है'- अमित सियाल

    English summary
    In an exclusive interview with Filmibeat, actor Anjum Sharma opens up on his role in Mirzapur 2 as Sharad Shukla, his experience working with other actors and much more.
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