गीतों से गुम हुए सुर-तालः कुमार शानू

By Staff
Kumar Shanu

पीएम तिवारी, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए

लगातार पांच बार सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक के तौर पर फ़िल्म फ़ेयर पुरस्कार हासिल करने का कीर्तिमान हासिल कर चुके कुमार शानू कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान अपनी गायकी से श्रोताओं का मनोरंजन करेंगे. दुर्गापूजा के मौके पर अपना नया अलबम 'केनो ऐले ना" (क्यों नहीं आए) जारी करने के लिए कोलकाता आए कुमार शानू ने अपने अब तक के सफ़र और हिंदी फिल्मोद्योग के बारे में कई सवालों के जवाब दिए. पेश हैं प्रमुख अंशः-

आपके नए एलबम में कैसे गाने हैं?

यह एलबम शास्त्रीय, आधुनिक और लोकसंगीत का मिश्रण है. इस समय बढ़िया गीत नहीं लिखे जाते. गीतों के स्तर में भी काफी गिरावट आई है. मैंने इस एलबम के ज़रिए श्रोताओं को अतीत के सुनहरे दौर का सैर कराने की कोशिश की है.

आजकल आप ज़्यादा फिल्मों में गाने नहीं गा रहे हैं?

मैं अपने काम के बारे में काफी सावधानी बरतता हूं. बेहद सोच-समझ कर ही फ़िल्मों का चयन करता हूं. फ़िलहाल मैं अमृता फिल्म के लिए गीत लिख रहा हूं. मुझे क्षेत्रीय गीत बेहद पसंद हैं. इन दिनों तमिल, तेलुगू और पंजाबी गानों में व्यस्त हूं.

आपको किस तरह के गीत पसंद हैं?

कोई ख़ास नहीं. मैंने आधुनिक गीतों से लेकर रवींद्र संगीत तक सब कुछ गाया है. मुझे ऐसे गीत पसंद हैं जिनकी धुन दिल को छू लेती हो. मुझे लगता है कि गीत वही है जिससे श्रोताओं को ख़ुशी और संतोष की अनुभूति हो. मेरी राय में एक बढ़िया गीत बीमार लोगों की सेहत सुधार सुकता है.

मौजूदा दौर के गीत-संगीत के बारे में आपकी क्या राय है?

गीतों की धुन अच्छी होनी चाहिए. हर गीत में एक कहानी गुथी होनी चाहिए. लेकिन मौजूदा दौर में गीतों से धुन और संगीत लगातार खोता जा रहा है. अब ज़्यादातर गीतों का संगीत कर्णप्रिय नहीं लगता. इसकी जगह शोर ने ले ली है. यही वजह है कि अब ज़्यादातर गीत लोगों को याद नहीं रहते. जबकि तीस-चालीस साल पहले की फ़िल्मों के गीत अब भी लोगों की ज़ुबान पर हैं.

उभरते गायकों में से किसमें उम्मीद नज़र आती है?

नए गायकों में शान, श्रेया घोषाल, और अन्येषा बेहतर काम कर रहे हैं. लेकिन बहुत कम गीतकार ही संगीत पर ध्यान देते हैं. गीतकारों को गीतों के बोल के साथ ही संगीत और धुन पर भी ध्यान देना चाहिए.

आप किस संगीतकार को बेहतर मानते हैं?

मैंने जितने लोगों के साथ काम किया है उन सबको प्रतिभावान मानता हूं. संगीत क्षेत्र में बिना प्रतिभा के कोई टिक ही नहीं सकता. जहां तक पसंदीदा संगीतकार का सवाल है तो आरडी बर्मन का नाम सबसे ऊपर है. मेरे जीवन में उनकी ख़ास जगह है. उनके संगीत में वह करिश्मा है जिसकी दूसरी कोई मिसाल नहीं मिलती.

नई पीढ़ी के संगीतकारों में एआर रहमान बहुत प्रतिभावान हैं. उनके संगीत में नयापन और ताज़गी होती है. रहमान के लिए अवार्ड कोई मायने नहीं रखता. वह सही मायने में एक ऐसे कलाकार हैं जिनकी सांसों में संगीत बसता है.

आप कॉमनवेल्थ खेलों के समापन के मौके पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी शिरकत करेंगे. उसके लिए कोई ख़ास तैयारी?

कॉमनवेल्थ खेलों में प्रदर्शन का मौका मिलना मेरे लिए बेहद गर्व की बात है. वहां मैं अपने लोकप्रिय गीतों को अपने तरीके से गाऊंगा.

आपकी भावी योजना?

फिलहाल तो कॉमनवेल्थ खेलों के लिए गीतों के चयन और रिहर्सल में जुटा हूं. उसके बाद मुंबई समेत कई शहरों में मेरे शो होने हैं.

More from Filmibeat

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+
X