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    EXCLUSIVE: आदिपुरुष कंट्रोवर्सी पर बोले 'लक्ष्मण' सुनील लहरी- 'टेक्नोलॉजी नहीं, इमोशंस पर ध्यान दें मेकर्स'

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    ओम राउत के निर्देशन में बनी फिल्म 'आदिपुरुष' [Adipurush] का टीजर 2 अक्टूबर को काफी बड़े स्तर पर अयोध्या में रिलीज किया गया। लेकिन टीजर के आते ही फिल्म विवादों में धंसती चली गई। किसी ने वीएफएक्स को लेकर सवाल उठाया, तो किसी ने किरदारों के लुक को लेकर आपत्ति जताई। प्रभास, सैफ अली खान, कृति सैनन और सनी सिंह स्टारर ये फिल्म 12 जनवरी 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। लेकिन अभी से ही फिल्म को बायकॉट करने की बात सोशल मीडिया पर शुरु हो चुकी है।

    फिल्म को लेकर तमाम विवादों के बीच, फिल्मीबीट ने दूरदर्शन के बहुचर्चित शो 'रामायण' में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले अभिनेता सुनील लहरी से खास बातचीत की है, जहां उन्होंने फिल्म आदिपुरूष से जुड़े विवाद, रामायण की पॉपुलैरिटी और पौराणिक कथाओं पर बन रही फिल्मों पर अपने विचार साझा किये हैं।

    देश के लोग जागरूक हो गए हैं

    आदिपुरुष के टीजर पर अपनी प्रतिक्रया शेयर करते हुए सुनील लहरी ने कहा, "टीजर देखकर जो बात मुझे सबसे पहले समझ आई है कि कैरेक्टर के लुक पर उन्होंने ज्यादा फोकस किया है। टीजर देखकर मेरा पहला रिएक्शन ज्यादा पॉजिटिव भी नहीं था और निगेटिव भी नहीं। लेकिन मैं सच्चाई से आपको एक बात बताता हूं कि आज की तारीख में लोगों के बीच अपनी संस्कृति को लेकर जागरूकता बहुत ज्यादा फैल गई है। पिछले दिनों आप देख लीजिए कितनी ही फिल्मों को लोगों ने पूरी तरह से बायकॉट किया है। और आज भी मैं बोल रहा हूं कि यदि इन लोगों ने धर्म के विरुद्ध या हमारी संस्कृति के विरुद्ध कुछ भी कहा होगा तो ये फिल्म भी बायकॉट होगी क्योंकि अब हमारे देश के लोग जागरूक हो गए हैं इन बातों को लेकर। और वे किसी के भी द्वारा किसी भी तरह का बकवास बर्दाश्त नहीं करेंगे।"

    रामायण हमारी संस्कृति है

    रामायण हमारी संस्कृति है

    35 वर्ष के बाद भी रामानंद सागर की रामायण से लोगों के जुड़ाव पर बात करते हुए अभिनेता ने कहा, "रामायण हमारी संस्कृति है। पहले लोग रामायण को पढ़ते थे, समूह बनाकर रामायण का पाठ किया जाता था घरों में, फिर समय के साथ बदलाव आया और लोग टीवी के जरीए रामायण के जुड़ने लगे। रामायण को रामानंद सागर जी द्वारा इतने दिल से बनाया गया था, मुझे लगता है इसीलिए लोगों की भावनाएं उससे इतनी जुड़ जाती है। तकनीकी तौर पर भले वो सीरियल आज की फिल्मों के स्तर का ना हो, लेकिन वहां इमोशन का स्तर बहुत ऊंचा है। मुझे लगता है कि दिल से बनी चीजें दिल तक जरूर पहुंचती हैं। दिमाग पर कभी कभी दिल हावी हो जाता है। यही वजह है कि 35 साल के बाद भी उसकी इतनी चर्चा है।"

    सीरियल ने व्यूअरशिप के मामले में रिकॉर्ड स्थापित किया

    उन्होंने आगे कहा, "लॉकडाउन के दौरान रामायण को जब दोबारा दिखाया जा रहा था, तो हमें लगा था कि हो सकता है अब लोगों को ये पसंद ना आए क्योंकि आज की जेनरेशन की सोच अलग है। लेकिन सीरियल ने व्यूअरशिप के मामले में रिकॉर्ड स्थापित किया। जबकि लोगों के पास उस वक्त नेटफ्लिक्स, यूट्यूब, सोशल मीडिया से लेकर तमाम तरह के कंटेंट की च्वॉइस थी। लेकिन फिर भी लोगों ने रामायण को देखा। इससे आप समझ लीजिए कि कहीं ना कहीं ये हमारे अंदर एक इमोशनल तार को छेड़ती है।"

    टीजर को लेकर जबरदस्ती कंट्रोवर्सी बनाई जा रही है

    टीजर को लेकर जबरदस्ती कंट्रोवर्सी बनाई जा रही है

    सोशल मीडिया पर लगातार आदिपुरुष की तुलना रामानंद सागर की रामायण से की जा रही है। इस बार में अपने विचार शेयर करते हुए सुनील लहरी ने कहा, "मैं आदिपुरूष की तुलना रामायण सीरियल से नहीं करना चाहता। पहली बात तो ये कि जो ये टीजर है, इसमें कहीं पर भी ये नहीं कहा गया है कि ये रामायण है। किरदार को भले उन्होंने वहां से उठाने की कोशिश की है, प्रभास हो या सैफ अली खान हो.. परंतु टीजर में मुझे कहीं पर भी ऐसी बात नहीं लगी कि जिस वजह से इतनी कंट्रोवर्सी की जाए। हो सकता है कि जब ट्रेलर रिलीज हो, कुछ डायलॉग प्रोमो आए या फिर जब फिल्म रिलीज होगी, तब रियलिटी पता चलेगी ये है क्या! अभी तो किसी को पता है नहीं कि क्या है, बस जबरदस्ती उसे लेकर कंट्रोवर्सी बनाई जा रही है। उन्हें भी इससे फ्री पब्लिसिटी ही मिल रही है।"

    टेक्नोलॉजी से कोई चीज बेहतर नहीं बनती

    सुनील लहरी का कहना है कि पौराणिक कथाओं पर फिल्म बना रहे मेकर्स को ध्यान रखना चाहिए कि कोई भी ऐसी चीज ना करें जो अपनी ही संस्कृति या अपने ही देश के प्रति गलत हो। उन्होंने कहा, "टेक्नोलॉजी से कोई चीज बेहतर नहीं बनती है और उससे सफलता की भी कोई गारंटी नहीं है। इमोशंस होना जरूरी है। आज कोई भी मेकर जो रामायण को लेकर या महाभारत को लेकर फिल्म बना हे हैं, उनके लिए सबसे जरूरी है वो इमोशंस को लेकर आना। हमारे देश में जो हमारी संस्कृति रही है.. वो इमोशन पर ही चलती है। अभी भी हम एकता पर विश्वास करते हैं, एक दूसरे की इज्जत करते हैं। साथ ही आजकल लोगों का आउटलुक काफी बदल गया है। कुछ महीने पहले आई 'द कश्मीर फाइल्स' के बाद से चीजें बहुत बदल गई हैं। और सोशल मीडिया पर ये बदलाव दिख रहा है।"

    रामायण की मेकिंग मॉडर्न हो सकती है, अप्रोच नहीं

    रामायण की मेकिंग मॉडर्न हो सकती है, अप्रोच नहीं

    आदिपुरुष के निर्देशक ओम राउत ने कहा है कि वो इस फिल्म के द्वारा युवाओं और बच्चों को रामायण से जोड़ना चाहते हैं इसीलिए उन्होंने एक अलग अप्रोच लिया है। इस पर बात करते हुए सुनील कहते हैं, "मुझे लगता है कि रामायण की मेकिंग मॉडर्न हो सकती है, लेकिन अप्रोच मॉडर्न नहीं दे सकते हैं। आप किसी की शक्ल नहीं बदल सकते। एक कैरेक्टर की जो इमेज बनी हुई है उसके साथ छेड़छाड़ नहीं करना चाहिए। हां, इसका हमारे पास में कोई reference नहीं है कि श्रीराम कैसे लगते थे, रावण कैसे लगते थे.. परंतु एक धारणा चली आई है कि राम बहुत सौम्य होंगे, चेहरे पर एक मुस्कान होगी, ठहराव होगा उनके अंदर। लक्ष्मण है तो थोड़ा अग्रैसिव होगा। विष्णु के अवतार राम हैं और शेषनाग के अवतार हैं लक्ष्मण। मूल रूप से देखा जाए तो रामायण एक सीख है।"

    राम बनते अजय देवगन, ऋतिक हैं लक्ष्मण के लिए परफेक्ट

    आज के अभिनेताओं में कौन रामायण के पात्रों में फिट बैठता है, इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "यदि उम्र के फैक्टर को थोड़ा नजरअंदाज किया जाए तो राम के किरदार में अजय देवगन फिट होते हैं। उनके अंदर वो सरलता है और ठहराव भी है। वो मजबूत दिखते हैं और साथ ही उनकी आंखों में जो एक बात है वो बहुत सुलझे इंसान की झलक देती है। लक्ष्मण के लिए मुझे हर एंगल से ऋतिक रोशन परफेक्ट लगते हैं। हनुमान के रोल में तो दारा जी ही परफेक्ट थे। वहीं, रावण के किरदार में मुझे लगता है सोनू सूद अच्छे दिख सकते हैं। उनकी पर्सनालिटी भी काफी मजबूत है।"

    लोगों के प्यार का शुक्रगुजार हूं

    लोगों के प्यार का शुक्रगुजार हूं

    सुनील लहरी ने खुद लक्ष्मण के किरदार के लिए किस तरह से तैयारी की थी, इस पर बात करते हुए अभिनेता ने बताया, "दरअसल, रामानंद सागर जी ये मुझपर ही छोड़ दिया था कि तुम क्या सोचते हो लक्ष्मण के किरदार को लेकर और उस हिसाब से तुम तैयारी करके मेरे पास आओ। उन्होंने मुझ पर किसी प्रकार का कोई दवाब नहीं डाला था। लेकिन शेषनाग के अवतार हैं लक्ष्मण और नाग की प्रवृति होती है हुंकार मारने की, वो मैंने लक्ष्मण के किरदार में लाने की कोशिश की थी। वो किरदार ऐसा था कि जब भी कोई गलत बात होती है तो वो हमेशा उसके विरोध में आवाज उठाता है। जिन राम को वो अपना सबकुछ मानता था, पूज्य मानता था, वो उनके सामने भी खड़े हुए थे। तो उन सब चीजों को ध्यान में रखते हुए मैंने होमवर्क किया था और जब सागर जी के पास मैं गया था तो वो बहुत खुश हुए थे। फिर हाल ही में रामायण का दोबारा प्रसारण हुआ था और लोगों ने लक्ष्मण के किरदार को जितना प्यार दिया, मैं सबका बहुत बहुत शुक्रगुजार हूं। लोगों के प्यार से बहुत हिम्मत मिलती है।"

    English summary
    In an exclusive conversation with Filmibeat, Ramayana's Lakshman Sunil Lahiri reacted on Om Raut's Adipurush Teaser starring Prabhas and Saif Ali Khan.
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