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    Exclusive: फोन पर पूछते थे न्यूडिटी चलेगी, ये सवाल लड़की के लिए होता था एक्ट्रेस के लिए नहीं- दलजीत कौर

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    एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लिए कोरोना कमाई के लिहाज से शून्य लेकर आया है। कोरोना के कारण इंडस्ट्री के तारे जमीन पर हैं। अगर किसी नए शो की कास्टिंग हो भी रही है तो चुनिंदा कलाकारों के साथ। इन सारी दिक्कतों को पीछे छोड़ एक नाम मजबूती से इन दिनों उभर कर सामने आ रहा है वो है 'बिग बॅास 13', 'काला टीका','गुड्डन तुमसे ना हो पाएगा' की लोकप्रिय एक्ट्रेस दलजीत कौर का।

    बिग बॅास 13 के बाद दलजीत कौर के लिए बतौर एक्ट्रेस मौके खुले हैं। वह अपने बेटे की परवरिश को पहले से अधिक बेहतर बनाने की योजना में लगी थीं। इस बीच कोरोना महामारी ने उनके हाथ पकड़ लिए। शो की शूटिंग बंद, काम मिलना बंद, सिंगल पेरेंट्स होने की चुनौती, अब आगे क्या? इन सब सवालों के बीच दलजीत कौर ने छोटी सी कोशिश से मिसाल कायम की है। खुद के साथ इंडस्ट्री से जुड़े उन सभी लोगों के लिए रास्ता खोला है जो कि कमाई की तलाश में हैं।

    दलजीत ने खुद का प्रोडक्शन हाउस खोलने की हिम्मत दिखाई है ताकि वह अपने घर की रोटी का इंतजाम करने के साथ किसी जरूरतमंद के घर भी राशन पहुंचा सकें। इन सभी को लेकर दलजीत कौर ने फिल्मीबीट हिंदी से खास बातचीत की और साथ ही ये भी बताया कि कैसे वेब शो के लिए उन्हें न्यूडिटी वाले सीरीज के फोन आते थे, जो उनकी फटकार सुनने के बाद अब बंद हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनका ध्यान इस तरह की वेब सीरीज के निर्माण में है जो कि बिना न्यूडिटी के प्रभावी कंटेंट पर आधारित हो।

    महामारी में जहां सभी पैसे को सावधानी से खर्च कर रहे हैं, आपने प्रोडक्शन हाउस के लिए कैसे सोचा?

    महामारी में जहां सभी पैसे को सावधानी से खर्च कर रहे हैं, आपने प्रोडक्शन हाउस के लिए कैसे सोचा?

    महामारी में काम थम गया है। एक्टर होने के नाते मैंने सोचा कि क्रिएटिव काम शुरू करते हैं।जहां पर खुद के साथ दूसरे लोगों के लिए भी मौके होंगे।इसी सोच के साथ निर्माण कंपनी शुरू की है। इसे अच्छी शुरुआत मिली है। कोरोना के दौरान मेरे मन में कई सवाल उभरा। कमाई से की गई बचत को हर कोई बचा कर रखता है।

    जो एक महीने या दो महीने तक चलती है। कोरोना में साल भर के लिए कोई तैयारी नहीं थी। महामारी के कारण काम बंद हो गया। एक एक्टर के लिए ये कठिन है। और दूसरी बात ये की अगर एक्टिंग नहीं तो क्या? तो मैंने लेखन शुरू किया। अपने दोस्तयूट्यूबर वर्तिका चौहान और शुभम गर्ग के साथ मिलकरखुद का प्रोडक्शन हाउस खोला। इसके तहत म्यूजिक वीडियो, वेब सीरीज आदि का निर्माण किया जाएगा।

    कोरोना के कारण निर्माण कंपनी का विचार आया ?

    कोरोना के कारण निर्माण कंपनी का विचार आया ?

    मेरे लिए चुनातियां एक खत्म होती हैं तो दूसरी तैयार रहती है। मेरे लिए लॉकडाउन बहुत मुश्किल रहा। शुरुआत में ये महसूस होने में समय लग गया लगा कि अब क्या ? मेरे पास वर्क फार्म होम वाला पर्याय भी नहीं था। संंभावना मेरे लिए शून्य थीं। फिर ये भी अचानक से अहसास हुआ कि घर का किराया, ईएमआई भी चल रही है, घर का राशन भी लाना है,एक मां होने के नाते फीस भी बच्चे की देनी है। मतलब कई सारी चीज़ें। ये काफी डरावना था।

    मैंने सोचा कि ऐसा कुछ काम शुरू करते हैं जहां थोड़े बहुत मौके खुद के लिए बनाए जाएं। ऐसे में निर्माण कंपनी इंक इम्पायर खड़ा किया। इंडस्ट्री में भी कई लोग ऐसे हैं जिन्हें काम की जरूरत है। हमारा विचार इसी पर रहा है कि एक प्रोजेक्ट से 80 से 90 लोगों को काम दिया जा सकता है। ऐसे हमारे साथ कई लोगों के लिए कमाई का जरिया बढ़ेगा। पहला म्यूजिक वीडियो 'बेफिकर रहो' है। इसमें असिम रियाज के भाई उमर रियाज हैं।

    आप खुद कोरोना झेल चुकी हैं। कितना डरावना था ये आपके लिए एक मां होने के नाते भी?

    आप खुद कोरोना झेल चुकी हैं। कितना डरावना था ये आपके लिए एक मां होने के नाते भी?

    पहले मुझे बुखार हुआ। मैंने कोरोना का टेस्ट करवाया। ये सच है कि रिपोर्ट पर पॉजिटिव देखने के बाद सोचने का पूरा नजरिया ही बदल जाता है। मेरे लिए ये काफी डरावना था। क्योंकि घर पर सिर्फ मेरा बच्चा है। मैं घर पर भी नहीं रह सकती थी क्योंकि बेटे की रिपोर्ट निगेटिव आयी थी। जब मैं गाड़ी में बैठी तो मेर मन मे ये ख्याल आया कि पता नहीं अगर मुझे कुछ हो गया तो मैं अपने बेटे को देख पाऊंगी या नहीं।

    एक सिंगल पेरेंट्स होने के नाते ये सोच बहुत डरावनी हैं। हालांकि जब मुझे कोरोना हुआ तो मेरी बहन दिल्ली से आयीं। उस वक्त मेरी सांस में सांस आयी। मुझे पता नहीं था कि मेरी तबीयत का क्या होगा? क्योंकि मुझे अस्थमा है। मेरे लिए तबीयत खराब होने का डर अधिक था। कोरोना के तीसरे दिन से मेरी तबीयत में थोड़ा सुधार था , तो ये हिम्मत आयी कि मैं कोरोना से ठीक हो जाऊंगी। लेकिन पहले 2 से 3 तीन कोरोना के बाद खुद को एडमिट करना।अस्पताल में सब पीपीई किट में घूम रहे होते हैं, ये सब भयावह हो जाता है।ऐसे में आप एक्टर हैं या फिर करोड़पति हैं आप अकेले ही हैं।

    खुद की आर्थिक समस्या के बीच पेंटिग बेच कर लोगों की मदद करने का हौसला कहां से आता है?

    खुद की आर्थिक समस्या के बीच पेंटिग बेच कर लोगों की मदद करने का हौसला कहां से आता है?

    मैंने अपनी पेटिंग को नीलामी में डाला हुआ है। मैं चाहती हूं कि मुझे सही कीमत मिल जाए तो मैं इससे किसी की मदद कर पाऊं। आर्थिक तौर पर मैं कई चीजों से जूझ रही हूं तो उस तरीके से मैं किसी की मदद नहीं कर सकती हूं। लेकिन मेरी पेटिंग को मैं बेचती हूं तो कई बार अधिक पैसे मिलते हैं। अगर इस बार भी कमाई हो जाए तो मैं कोरोना सहायता में लगा सकूं। एक रोटी से मैं खुद का और बेटा का पेट भर सकती हूं। अगर थोड़ा बहुत किसी और के साथ कर पाऊं, यही मेरी खुशी है। मेरी क्षमता नहीं है। मेरे पास पैसे नहीं हैं। लेकिन जो समस्या हमारे आस-पास चल रही है वो इतने अधिक स्तर पर है कि हर इंसान आगे आकर अपना छोटा-बड़ा योगदान दे रहा है।

    वेब के लिए आप कितना तैयार है, बोल्ड किरदार को लेकर क्या विचार हैं?

    वेब के लिए आप कितना तैयार है, बोल्ड किरदार को लेकर क्या विचार हैं?

    बोल्ड किरदार के लिए मुझे फोन आने बंद हो गए। क्योंकि उस चीज पर मैं यकीन नहीं करती कि कहानी बताने के लिए बोल्ड होना जरूरी है। एक समय पर मुझे कॅाल आता था। पूछा जाता था कि क्या आपको न्यूडिटी चलेगी। क्या आप बोल्ड सीन करेंगे। उस वक्त मैं यही सोचती थी कि क्या आप एक लड़की को पूछ रहे हैं या एक एक्टर को।

    अगर आप एक्टर को पूछ रहे हैं तो पहले आप स्टोरी बताइए। फिर मुझे समझ में आया कि पहली शर्त ही यह रख रहे हैं कि आपको स्टोरी तभी बतायेंगे जब आप न्यूडिटी के लिए हां बोलेंगे। इसका मतलब आपका सवाल तो लड़की के लिए है, एक्टर से कोई लेना देना नहीं है। धीरे-धीरे अब फोन आने बंद हो गए है। रहा सवाल काम का तो मैं एक वेब शो कर रही हूं।निर्माता के तौर पर एक दो सीरीज बनाऊंगी। मैं खुद भी सीरीज लिख रही हूं।

    कोरोना का तीसरा फेज बच्चों पर अधिक असर कर सकता है, मां होने के नाते क्या सोच रही हैं?

    कोरोना का तीसरा फेज बच्चों पर अधिक असर कर सकता है, मां होने के नाते क्या सोच रही हैं?

    कोरोना के पहले फेज में अधिक उम्र वाले लोगों पर असर हुआ। दूसरे फेज में 20 से 40 उम्र वालों पर कोरोना का प्रभाव गिरा। अब तीसरा फेज बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है। महामारी में कोई तय पैटर्न दिख नहीं रहा है। हां, मुझे बेटे के लिए डर लग रहा है। स्कूल तो बंद है। बाहर भी नहीं भेजते ज्यादा। लेकिन बच्चों को कितना घर में रख पायेंगे। लॅाकडाउन में मैंने 2 महीने निकलने नहीं दिया। मां होने के नाते क्या करें, समझ नहीं आता। बच्चों की वैक्सीनेशन आनी चाहिए इसकी उम्मीद है।

    English summary
    Exclusive Interview:Dalljiet Kaur talk about Become producer during corona pandemic, bold scene in web series and more
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