Birthday Special : जब सिंदूर ना होने पर शम्मी कपूर ने पत्नी गीता बाली की मांग लिपस्टिक से भरी
पृथ्वीराज कपूर के बेटे शम्मी कपूर का असली नाम शमशेर राज कपूर था। उन्हें भारत का एल्विस प्रेस्ली कहा जाता था। शम्मी कपूर ने बतौर बाल कलाकार अपने कॅरियर की शुरुआत की थी। उस समय उन्हें सैलरी के तौर पर 150 रुपये दिये जाते थे। शम्मी ने एक्टिंग के गुर अपने पिता के पृथ्वी थिएटर में सीखे थे। शम्मी कपूर ने अपने फिल्मी कॅरियर में खूब शोहरत कमाई और एक से बढ़कर एक जबरदस्त हिट फिल्में दी। 21 अक्टूबर को शम्मी कपूर की जयंती मनायी जाती है। शम्मी कपूर अपने प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ अपने निजी जीवन को लेकर भी काफी चर्चाओं में रहे हैं।
आइए बर्थडे स्पेशल में जानते हैं शम्मी कपूर से जुड़ी कुछ खास बातें

पृथ्वी थिएटर में मिली पहली नौकरी :
घर में फिल्मी माहौल होने की वजह से शम्मी कपूर ने बचपन से ही पृथ्वी थिएटर में बतौर बाल कलाकार काम करना शुरू कर दिया था। उन्हें उस समय 150 रुपये सैलरी के तौर पर दिये जाते थे। शम्मी कपूर ने कई फिल्मों 'नकाब', 'तुमसा नहीं देखा', 'लैला मजनू', 'रात की रानी', 'बसंत' जैसी ब्लैक एंड व्हाइट फिल्मों में काम किया था। शम्मी कपूरी की पहली कलर फिल्म 'जंगली' थी। फिल्म का गाना 'याहू...' उनका सिग्नेचर स्टेप बन गया था। इसके बाद उन्होंने 'प्रोफेसर', 'राजकुमार', 'ब्रह्माचारी', 'प्रिंस' और 'अंदाज' जैसी कई कलर फिल्मों में काम किया। शम्मी कपूर आखिरी बार रणबीर कपूर के साथ फिल्म 'रॉकस्टार' में नजर आये थे।

'मिस कोका-कोला' के सेट पर हुई थी गीता बाली से मुलाकात :
शम्मी कपूर अपनी पहली पत्नी गीता बाली से फिल्म 'मिस कोका-कोला' के सेट पर मिले थे। गीता उस समय सफल एक्ट्रेस बन चुकी थी और शम्मी का स्ट्रगल पीरियड चल रहा था। खुद से 1 साल बड़ी गीता बाली को शादी के लिए बोलने से शम्मी डर रहे थे। आखिरकार शम्मी ने गीता बाली को शादी के लिए प्रपोज किया और गीता ने भी हां कह दी।

परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर दोनों ने की शादी :
शम्मी कपूर का परिवार गीता बाली से उनकी शादी के सख्त खिलाफ था। इसलिए दोनों ने आधी रात को भागकर शादी करने का फैसला लिया। दोनों आधी रात को बाणगंगा मंदिर पहुंचे। पुजारी ने आधीरात को उनकी शादी कराने से मना कर दिया था लेकिन अगले दिन उनकी शादी की तैयारियां पूरी की गयी। लेकिन अब शम्मी कपूर के सामने एक नयी मुश्किल खड़ी हो गयी थी। गीता बाली की मांग भरने के लिए शम्मी कपूर के पास सिंदूर नहीं था। आखिरकार उन्होंने गीता बाली की लिपस्टिक से ही उनकी मांग भरी।

दूसरी पत्नी के सामने रखी शर्त :
शादी के करीब 10 साल बाद शम्मी कपूरी की पहली पत्नी गीता बाली की चेचक की वजह से मौत हो गयी। इसके बाद शम्मी बिल्कुल अकेले पड़ गये थे। उस समय उनके दो बच्चे थे। इसलिए परिवार ने उनसे दूसरी शादी करने के लिए कहा लेकिन शम्मी ने शादी से पहले अपनी दूसरी पत्नी के सामने शर्त रख दी थी। उन्होंने अपनी दूसरी पत्नी नीला देवी के सामने शर्त रखी कि उनकी पहली पत्नी से हुए बच्चों कंचन और आदित्य राज कपूर को ही उन्हें अपने बच्चों की तरह मानना होगा। साथ ही यह भी शर्त रखी की नीला देवी कभी अपने खुद के बच्चों को जन्म नहीं देंगी। नीला देवी ने शम्मी कपूर की दोनों शर्तों को मान लिया और उन्होंने आजीवन गीता बाली के बच्चों को ही अपने बच्चों की तरह माना।


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