सलमान खान को सुपरस्टार बनाने वाले सूरज बड़जात्या की हर मूवी में किरदार का नाम प्रेम ही क्यों होता है

By Varsha Verma

आज बॉलीवुड में सलमान खान अलग ओहदा रखते हैं। उन्हें बॉलीवुड का दबंग, प्रेम, राधे, तमाम तरह से पुकारा जाता है। लेकिन 'प्रेम' वो नाम है जिसकी बदौलत सलमान खान बॉलीवुड के सलमान खान बने। इसके बाद ही उन्हें इंडस्ट्री में 'राधे' और 'चुलबुल पांडे' जैसे किरदार निभाने का उन्हें मौका मिला। बतौर अभिनेता सलमान खान ने अपने करियर की शुरुआत डायरेक्टर, राइटर, प्रोड्यूसर सूरज बड़जात्या की फिल्म 'मैंने प्यार किया' से की।

साल 1989 में आई फिल्म 'मैंने प्यार किया' को सूरज बड़जात्या ने डायरेक्ट किया। फिल्म में उन्होंने तमाम ऑडिशन और देख-परख के बाद सलमान खान को 'प्रेम' किरदार निभाने के लिए चुना। वहीं भाग्यश्री को उनके अपोसिट कास्ट किया गया। फिल्म की कहानी, कास्ट सब तैयार था लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि फिल्म जब रिलीज होगी तो एक नये अभिनेता का जन्म होगा और सूरज बड़जात्या जैसे डायरेक्टर का एक अहम रोल इस अभिनेता को बनाने में होगा।

maine pyar kiya

सभी जानते हैं कि सूरज बड़जात्या की फिल्मों में लीड कैरेक्टर का नाम 'प्रेम' ही होता है। फिर वो सलमान खान की फिल्म 'मैंने प्यार किया', 'हम साथ साथ' हो या फिर शाहिद कपूर के साथ 'विवाह' या ऋतिक रोशन संग 'मैं प्रेम दीवानी'। इन सभी फिल्मों में हम देखते हैं कि इन किरदारों का नाम 'प्रेम' ही रखा गया था।

सूरज बड़जात्या ने क्यों चुना प्रेम नाम

सूरज बड़जात्या ने क्यों चुना प्रेम नाम

सूरज बड़जात्या खुद बताते हैं कि उन्होंने इस नाम को क्यों चुना है। उन्होंने इस पहले राज, प्रताप और गौरव जैसे कई नाम पर विचार किया था लेकिन उन्हें 'प्रेम' नाम ज्यादा स्वाभाविक और ज्यादा टचिंग लगा।

'प्रेम' नाम के पीछे की कहानी

'प्रेम' नाम के पीछे की कहानी

सूरज बड़जात्या के राजश्री प्रोडक्शंस की साल 1977 में आई फिल्म 'दुल्हन वही जो पिया मन भाए' बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। फिल्म में प्रेम कृष्ण लीड एक्टर थे। फिल्म जब हिट हुई तो सूरज बड़जात्या को लगा कि अगर ये नाम हमारे लिए लकी साबित हुआ है तो क्यों न इसी नाम को आगे जारी रखा जाए।

इसी सोच के पीछे शुरू हुई 'प्रेम' नाम की जर्नी

इसी सोच के पीछे शुरू हुई 'प्रेम' नाम की जर्नी

इस सोच के चलते सूरज बड़जात्या ने अपनी फिल्मों में 'प्रेम' नाम रखना शुरू किया। इसका रिजल्ट भी उन्हें पॉजिटिव मिला।

'प्रेम' नाम से इतना अटैचमेंट क्यों है

'प्रेम' नाम से इतना अटैचमेंट क्यों है

सूरज बड़जात्या बताते हैं कि 'प्रेम' एक ऐसा नाम है जो पारंपरिक रूप से काफी जुड़ा हुआ लगता है। इस नाम में वह परिवार, प्यार, मस्ती सभी चीजों को देखते हैं। 'प्रेम' नाम से लगता है कि इंसान दिल का अच्छा है।

इस नाम ने सलमान खान को हीरो बना दिया

इस नाम ने सलमान खान को हीरो बना दिया

सलमान खान ने अपनी पहली फिल्म 'मैंने प्यार किया' फिल्म में 'प्रेम' किरदार निभाया। इस किरदार में वह फिट बैठे और उन्हें बॉलीवुड में इसी नाम एक नई पहचान दी। कहीं न कहीं आज भी सूरज बड़जात्या इस नाम पर गर्व करते हैं।

सलमान खान की बनी रोमांटिक छवि

सलमान खान की बनी रोमांटिक छवि

पहली ही फिल्म ने सलमान खान की जबरदस्त छवि इंडस्ट्री में गढ़ दी थी। फिल्म में 'प्रेम' किरदार वह है, जो दिल का अच्छा इंसान भी है तो प्यार करने वाला और माता पिता का दुलारा भी है। इस किरदार को संस्कारी बेटा, लवर और पति कहा जा सकता है। इसके बाद सलमान खान ने कई बैक टू बैक रोमांटिक फिल्में इंडस्ट्री में की।

रोमांटिक हीरो के तौर पर नहीं उभर पाते सलमान खान?

रोमांटिक हीरो के तौर पर नहीं उभर पाते सलमान खान?

सूरज बड़जात्या की फिल्म से पहली ही बार में सलमान खान ने अपनी जबरदस्त छवि बना ली थी। वरना वह आज शाहरुख खान व अन्य हीरो की तरह इस जॉनर में अपनी छवि इतनी जल्दी नहीं बना पाते।

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