B'day Special : जिम इंस्ट्रक्टर से बने प्रभास की आवाज, हकलाने की वजह से शरद केलकर को निकाला गया था शो से
छोटे पर्दे के मंझे हुए एक्टर शरद केलकर की जितनी दमदार आवाज है उसे सुनकर कभी ऐसा नहीं लगता है कि वो स्पीच डिसऑर्डर के शिकार भी रहे होंगे। लेकिन शरद ने एक इंटरव्यू के दौरान खुद इस बात का खुलासा किया था कि स्पीच डिसऑर्डर की वजह से उन्हें एक टीवी शो से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। अपनी इस कमी को दूर करने की जिद्द के साथ शुरू हुआ शरद का यह सफर फिल्म 'बाहुबली' में प्रभास की दमदार आवाज बनने के साथ पूरा हुआ। शरद केलकर 7 अक्टूबर को अपना बर्थडे सेलिब्रेट करते हैं।
आइए आपको शरद केलकर के छोटे पर्दे से लेकर बड़े पर्दे तक के सफर की दिलचस्प बातें बताते हैं

टीवी शो से शुरू किया था एक्टिंग कॅरियर :
ग्वालियर में जन्मे शरद केलकर ने अपना कॅरियर बतौर जिम इंस्ट्रक्टर शुरू किया था। वो अपने कजिन से मिलने मुंबई आए थे। उनकी पर्सनैलिटी को देखकर उन्हें एक फैशन शो में रैंप वॉक करने का मौका दिया गया। इस तरह शरद ग्लैमर वर्ल्ड का हिस्सा बन गए। शरद ने टीवी शो 'आक्रोश' से अपना एक्टिंग कॅरियर शुरू किया। इसके बाद वह कई और शो जैसे 'झल्ली अंजली', 'सीआईडी', 'उतरन', 'सात फेरे : सलोनी का सफर', 'कोई लौट कर आया है' का हिस्सा बने।

हलचल से बने फिल्म उद्योग का हिस्सा :
शहर केलकर ने अपनी फिल्मी पारी फिल्म 'हलचल' से शुरू की थी। इसके बाद वह फिल्म 'गोलियों की रासलीला राम-लीला' में कैमियो में नजर आये थे। शरद ने 'हाउसफुल 4', 'मोहनजोदड़ो' जैसी फिल्में भी की लेकिन उन्हें पहचान फिल्म 'लक्ष्मी' में किन्नर लक्ष्मी के किरदार से मिली। अक्षय कुमार और कियारा आडवाणी स्टारर इस फिल्म में कई बार एक्टिंग के मामले में शरद, अक्षय कुमार पर भी भारी पड़ते नजर आये।

स्पीच डिसऑर्डर से वॉयस ओवर आर्टिस्ट तक का सफर :
शरद केलकर ने एक इंटरव्यू के दौरान इस बात का खुद ही खुलासा किया था कि वह स्पीच डिसऑर्डर के शिकार थे। शरद ने कहा था कि साल 2003 में उन्हें एक शो के लिए साइन किया गया था। शुरुआत में 2-3 दिन तो सब कुछ ठीक रहा लेकिन 5वें दिन उन्हें डेढ़ पेज का डायलॉग मिला। इसे बोलने के दौरान वह हकलाने लगे थे। तेजी से बोलते समय हकलाते हुए शरद को 1-2 नहीं बल्कि 30 रिटेक देने पड़े थे। नतीजा यह हुआ कि उन्हें शो से निकाल दिया गया। लेकिन इसके बाद शरद ने हार नहीं मानी। वह मेहनत करते रहे और उन्होंने साबित कर दिखाया कि अगर मन में कुछ करने की ठान ली जाए तो कोई काम मुश्किल नहीं होता है।

बाहुबली में बने प्रभास की आवाज :
फिल्म 'बाहुबली' के दोनों पार्ट में दमदार आवाज में प्रभास द्वारा बोले गये डायलॉग 'जो लोग औरत की इज्जत नहीं करते उनकी उंगलियां नहीं काटते, काटते हैं उनका गला' हो या फिर 'तुम जब तक मेरे पास हो, तब तक मुझे मारने वाला कोई पैदा नहीं हुआ मामा' सुनकर दर्शक सिनेमा हॉल में सीटियां बजाने पर मजबूर हो गये थे। इन डायलॉग्स में अपनी दमदार आवाज से जान फूंकने का काम शरद केलकर ने एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर किया था। सिर्फ 'बाहुबली' ही नहीं शरद ने केजीएफ: चैप्टर 1 में यश के कैरेक्टर को भी अपनी आवाज दी थी। इसके अलावा शरद ने कई हॉलीवुड फिल्मों में भी वॉयस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर काम किया है।


Click it and Unblock the Notifications











