रॉकी देखने के लिए तरसती रह गईं नरगिस, बेटे संजय दत्त के डेब्यू के ठीक 5 दिन पहले हो गई मौत- फिर सब कुछ खत्म
बॉलीवुड का बिगड़ा शहजादा यानी संजय दत्त के करियर को आज 40 साल हो गए हैं। उन्होंने आज के ही दिन बॉलीवुड में फिल्म 'रॉकी' से कदम रखा था। फिल्म 'रॉकी' एक फिल्म ही नहीं बल्कि दत्त खानदान के लिए नई किरण थी, परिवार ने बेटे के लिए जो सपने संजोए थे, उसकी शुरुआत थी। बेटे की पहली फिल्म देखने के लिए मां नरगिस व पिता सुनील दत्त ने क्या क्या नहीं किया, लेकिन संजय दत्त की मां की ख्वाहिश सिर्फ ख्वाहिश रह गई।
संजय दत्त की फिल्म 'रॉकी' देखने के लिए मां नरगिस ने पूरी तैयारी कर ली थी, बहुत खुश थीं इकलौते बेटे के डेब्यू को देखने के लिए, लेकिन 1 दर्दनाक किस्सा घटित हुआ और नरगिस की चाहत उनके साथ ही चली गई।

दअसल 'रॉकी' के रिलीज होने से ठीक 5 दिन पहले कैंसर से जूझ रहीं नरगिस का निधन हो गया। अमेरिका से इलाज करवा कर लौटीं नरगिस बेटे के डेब्यू के लिए काफी उत्साहित थीं। वह इस उम्मीद में एकदम ठीक भी हो गई थीं। सुनील दत्त भी पत्नी को बेटे की रॉकी दिखाने के लिए काफी खुश थे।
संजय दत्त के डेब्यू का दिन नजदीक आ रहा था। 'रॉकी' की रिलीज डेट 8 मई 1981 तय हुई। लेकिन 3 मई को संजय दत्त की मां नरगिस ने दम तोड़ दिया। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और फिल्म की रिलीज से 5 दिन पहले उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। बस नरगिस के जाने के बाद ये परिवार टूट गया, सुनील दत्त और संजय दत्त अकेले पड़ गए।
'रॉकी' फिल्म के बाद संजय दत्त करीब 100 फिल्मों में काम कर चुके हैं। उनके करियर में तमाम उतार चढ़ाव आए लेकिन आज वह सफल हीरो हैं जिन पर उनके मां नरगिस और पिता सुनील दत्त को जरूर नाज होता होगा। खैर सुनील दत्त और नरगिस अब दोनों ही इस दुनिया में नहीं हैं।

रॉकी एक फिल्म नहीं परिवार की मेहनत और प्यार है
'रॉकी' फिल्म से दत्त परिवार की खास यादें हैं। बेटा संजय दत्त इस फिल्म के जरिए बॉलीवुड में इंटरड्यूस हुआ तो पिता सुनील दत्त ने रोमांटिक एक्शन फिल्म रॉकी का निर्देशन किया। फिल्म पर्दे पर जब रिलीज हुई तो सुनील दत्त की उम्मीद पर खरी उतरी लेकिन एक परिवार के तौर पर दिल में खाली सी जगह रह गई। क्योंकि पत्नी नरगिस के साथ सुनील दत्त बेटे संजय दत्त की इस फिल्म को न देख सके थे।

रॉकी में संजय दत्त के साथ ये स्टार्स भी थे
फिल्म 'रॉकी' में संजय दत्त के साथ टीना मुनीम, शम्मी कपूर, राखी, रीना रॉय, अमज़द ख़ान, राखी, रंजीत, शक्ति कपूर और अरुणा ईरानी समेत कई कलाकार नजर आए। पिता के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने शानदार बिजनेस किया और हिट का तमगा हासिल किया।

पहली बार जब संजय दत्त पर्दे पर आए नजर
संजय दत्त की सिल्वर स्क्रीन पर एंट्री धमाकेदार तरीके से होती है। वह बाइक पर सवार होकर 'रॉकी मेरा नाम...' गाते हुए पहली बार पर्दे पर आते हैं। फैंस को ये सुंदर कद-काठी, गौरा, लंबे बाल वालालड़का काफी भाया। ऊपर से इस नौजवान के ऊपर दो सुपरस्टार का तमगा था, सुनील दत्त और नरगिस।

रॉकी से मुन्नाभाई फिल्मों का दौर- बदलते गए संजय दत्त
संजय दत्त ने अपने करियर के 40 सालों में खुद को एक्टिंग के मामले में खूब निखारा है। 'रॉकी' में जहां वह अभिनय के मामले में थोड़ा कच्चे नजर आए थे तो 'मुन्ना भाई' जैसी फिल्मों तक उनका जबरदस्त कॉन्फिडेंस देखने को मिलता है। ये आत्मविश्वास उनकी सफलता की सीढ़ी बना है।

डेब्यू के 40 साल बाद भी फिल्मों में दबदबा
जैसा कि अक्षय कुमार कहते हैं कि फिल्मों में डेब्यू करना नहीं बल्कि खुद को इस इंडस्ट्री में बनाए रखना ज्यादा कठिन होता है। ठीक ऐसे ही संजय दत्त ने खुद को इन सालों में निखारा है और सफल भी बनाया है। तभी उनके पास आज के समय में फिल्मों की कमी नहीं है। 'पृथ्वीराज' हो या 'केजीएफ चैप्टर 2', इंडस्ट्री के बड़े प्रोजेक्ट्स का वह आज भी हिस्सा होते हैं।


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