»   » रिलीज़ से पहले बड़े बड़े धमाके..सबको हिला गई ये फिल्म..BLOCKBUSTER तय !

रिलीज़ से पहले बड़े बड़े धमाके..सबको हिला गई ये फिल्म..BLOCKBUSTER तय !

By: shivani verma
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पिछले काफी समय से लिपस्टिक अंडर माई बुर्का विवादों में थीं। कारण ये था कि सेंसर बोर्ड ने इसे इसके कंटेंट के कारण पास करने से मना कर दिया था। लेकिन काफी मशक्कत के बाद फाइनली ये फिल्म कल रिलीज़ हो रही है जो टाइगर श्रॉफ की मुन्ना माइकल के साथ क्लैश करेगी।

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इस फिल्म को क्रिटिक्स ने पहले ही स्टार्स दे दिए हैं और उनकी मानें तो ये फिल्म वाकई में देखने लायक है। फिल्म में कोंकणा सेन शर्मा,रत्ना पाठक शाह, आहना कुमरा, पल्बिता बोरठाकुर, सुशांत सिंह, वैभव तत्ववादी, विक्रांत मेसी, शशांक अरोड़ा नज़र आएंगे।

Lipstick Under My Burkha Director talks about the idea behind the name; Watch video | FilmiBeat

फिल्म के डायरेक्टर अलंकृता श्रीवास्तव और प्रोड्यूसर हैं प्रकाश झा। अब इतने विवादों के बाद ये फिल्म रिलीज़ हो रही है तो हम आपको बताते हैं कि क्यों हमें ये फिल्म देखनी चाहिए...

फिल्म का मुद्दा

फिल्म का मुद्दा

एक महिला सिर्फ उपभोग की वस्तु नहीं जिसे जब चाहा इस्तेमाल कर लिया। वो इससे कही बढ़कर है, जिसके अपने सपने हैं, और उसे पूरा करने का पूरा हक है। हमें खुश हैं कि फिल्म के मेकर्स ने इस मुद्दे को उठाया।

सेंसर से विवाद

सेंसर से विवाद

सेंसर बोर्ड का कहना था कि फिल्म में हद से ज्यादा सेक्स सीन दिखाए गए हैं जिसके कारण इसे सर्टिफिकेट नहीं दिया जा सकता, लेकिन इतनी मशक्कत के बाद ये फिल्म अब रिलीज़ हो रही है। तो देखना बनता है कि आखिर ऐसा क्या था जिसे हमारे संस्कारी सेंसर बोर्ड लोगों के सामने आने से रोक रहे थे।

शानदार कास्ट

शानदार कास्ट

वहीं इस फिल्म की स्टार कास्ट बहुत शानदार है जिसपर कोई शक नहीं। कोंकणा सेन की एक्टिंग देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे तो वहीं रत्ना पाठक आपको काफी इम्प्रेस करेंगी।

रत्ना शाह पाठक

रत्ना शाह पाठक

इसमें सबसे ज्यादा अाकर्षित कर रहा है तो वो है रत्ना शाह पाठक का कैरेक्टर। 55 साल की महिला का किरदार जिस तरह एकदम अलग तरह से हमारे सामने लाया गया है वो वाकई में शानदार लग रहा है।

तकनीकी रूप से पर्फेक्ट

तकनीकी रूप से पर्फेक्ट

अक्षय सिंह की सिनेमेटोग्राफी फिल्म के माहौल को परफेक्ट तरीके से दिखाती है।चारू श्री रॉय की एडिटिंग भी अच्छी है। गजल धाईवाल के डायलोग भी काफी क्सुअल संकेतो को दिखाता है लेकिन काफी इमोशनल है जो फिल्म की और मजबूती देता है।

काफी समय बाद ऐसी फिल्म

काफी समय बाद ऐसी फिल्म

महिलाओं के इस मुद्दे को उठाती हुई ऐसी फिल्म नहीं बनी। तो एक बार ये फिल्म ज़रूर देखनी चाहिए।

English summary
Reason To Watch Lipstick Under My Burkha.
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