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    8Years: दो नए एक्टर बन गए सुपरस्टार, शाहरुख-सलमान सबकी छुट्टी, छोटी फिल्म का बड़ा तहलका

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    बॉलीवुड में आपको हर फ्लेवर और हर इमोशन की फिल्म मिल जाएगी। वहीं पिछले कुछ सालों से एक्शन और रोमांस से बॉलीवुड कुछ आगे भी बढ़ा है। बॉलीवुड फिल्मों में कई तरह के एक्सपेरिमेंट हो रहे हैं। अब हर फिल्म मेकर ऑडिएंस को एक अलग तरह की फिल्म ऑफर करना चाहता है। वहीं ऐसी ही एक फिल्म 8 साल पहले आज के ही दिन रिलीज हुई थी। इस फिल्म में दो ऐसे नए स्टार थे जो आज बॉलीवुड के सबसे बड़े सुपरस्टार बनकर बैठे हैं। हटके सब्जेक्ट पर बनी इस फिल्म को तो लोगों ने पसंद किया ही साथ ही इन दो स्टार्स को भी सिरआखों पर बिठा लिया।

    [B'day Spcl: अजय देवगन-अक्षय कुमार को तगड़ी टक्कर, एक्शन धमाके ने बनाया स्टार]

    दरअसल, हम बात कर रहे हैं 2010 में रिलीज हुई फिल्म बैंड बाजा बारात की। ये अनुष्का शर्मा की दूसरी फिल्म थी तो वहीं रणवीर सिंह की ये पहली फिल्म थी। जी हां! इसी फिल्म से रणवीर सिंह ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था और क्या शानदार डेब्यू था। रणवीर सिंह को देखकर ये कोई भी कह सकता था कि वे एक्टिंग के लिए ही पैदा हुए हैं। बैंड बाजा बारात में भले ही दो नए एक्टर हों लेकिन सुपर-डुपर हिट साबित हुई थी। इस फिल्म ने बता दिया कि पिक्चर में दम होना चाहिए तो स्टारडम की वाट लग जाती है।

    फिल्म में सब कुछ नया था स्टोरी, रोमांस, दोस्ती, एक्टर और डायरेक्टर। फिल्म के रिलीज़ होते ही केवल इस फिल्म के ही चर्चे थे। इस एक फिल्म ने भारत का पूरा शादी सिस्टम बदल डाला। फिल्म के रिलीज़ होते ही ये तय हो गया था कि सुपरस्टार्स की गद्दी अब हिलने वाली है। इतना ही नहीं फिल्म में शादी को भी इतने ताज़ा अंदाज़ में परोसा गया कि लोगों का शादी करने और करवाने का भी मन कर गया। तो चलिए इसी बात पर आगे जानिए ऐसी 10 बातें जो बैंड बाजा बाराज के साथ रणवीर-अनुष्का ऑडिएंस को समझा गए-

    इंफ्लेशन हो या रिसेशन शादियां कभी नहीं रुकतीं

    इंफ्लेशन हो या रिसेशन शादियां कभी नहीं रुकतीं

    अगर आप बिज़नेसमैन हैं तो याद रखिए कि ये शादी का बिज़नेस सबसे बढ़िया है। भई दुनिया इधर की उधर हो जाए न तो लोग शादी करना छोड़ेंगे और न ही शादियों पर खर्च।

    बिज़नेस नहीं बिन्नेस करो...अकल से

    बिज़नेस नहीं बिन्नेस करो...अकल से

    रणवीर और अनुष्का का बिज़नेस प्लान बहुत ही रॉकिंग था। बिल्कुल कम खर्च में बिन्नेस सेट कर के उसे अकल के साथ ऊंचाई पर पहु्चाना। इसलिए कहते हैं, एमबीए करने से कुछ नहीं होता बिन्नेस तो जुगाड़ टेक्नॉलॉजी से ही चलता है।

    जिसके साथ व्यापार करो....

    जिसके साथ व्यापार करो....

    बिन्नेस का पहला उसूल है कि जिसके साथ व्यापार करो उससे कभी ना प्यार करो। ये रूल तोड़ा कि आप की ज़िंदगी में बवाल मचना तय है। हालांकि सेकंड हाफ में रूल टूट जाता है पर उसूल थोड़ा गलत था दरअसल...जिसके साथ प्यार करो उसके साथ व्यापार न करो!

    ब्रेड पकौड़े की कसम

    ब्रेड पकौड़े की कसम

    भई वेटेज आदमी की ज़बान में होना चाहिए। इसलिए ब्रेड पकौड़े की कसम खाओ या पिज्ज़ा बर्गर की..किसी को की फर्क पैंदा। इसलिए रणवीर भी अनुष्का को ब्रेड पकौड़े की कसम खाकर पटा लेते हैं।

    मार्केट वैल्यू बनी तो ही दुकान चली

    मार्केट वैल्यू बनी तो ही दुकान चली

    रणवीर अनुष्का एक बहुत बड़ी वेडिंग प्लानर को चैलेंज करते हैं कि मार्केट में मिलेंगे। तो भई अगर आप अपनी वैल्यू नहूीं बनाएंगे तो दुकान चलने का सवाल ही नहीं उठता... और एक बार चैलेंज कर दिया तो पूरा करेंगे।

    दारू और दोस्ती मिक्स नहीं करनी चाहिए

    दारू और दोस्ती मिक्स नहीं करनी चाहिए

    रणवीर और अनुष्का साथ में सेलिब्रेट करते हैं फिर दोनों में कुछ कुछ की जगह बहुत कुछ हो जाता है। हालांकि सारी गलती दारू की रहती है पर अनुष्का को रणवीर से प्यार हो जाता है..तो दारू में दोस्ती मिक्स करना बैड आइडिया है!

    आधा इश्क...पूरा हो ही जाता है

    आधा इश्क...पूरा हो ही जाता है

    श्रुति को बिट्टू से आधा इश्क होता है पर एंड में जाकर वो पूरा हो ही जाता है। और इसके लिए कुछ ज़्यादा करने की ज़रूरत नहीं, बस प्यार को जाने मत दो, पकड़ कर रखो, इग्नोर करके ;)

    पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ अलग

    पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ अलग

    श्रुति और बिट्टू ने ये भी सिखाया कि पर्सनल झगड़े को प्रोफेशन में नहीं लाना चाहिए। दोनों साथ में कितने सक्सेसफुल थे पर अलग होते ही बैंड बज गया। हालांकि दोनों ने पर्सनल ईगो हटाकर वापस बिल्कुल प्रोफेशनली काम किया। कुछ सीखा!

    कभी कभी ऐंवई लुट जाओ

    कभी कभी ऐंवई लुट जाओ

    श्रुति और बिट्टू का बिंदासपन ही फिल्म की टीआरपी है और लाइफ की भी। आप भी कभी ऐंवई ऐंवई लुट कर देखो, बड़ा मज़ा आएगा। छोटे छोटे मूमेंट्स भी इंजॉय कर लेने चाहिए।

    फेयरीटेल वेडिंग सड़क पर भी होती है

    फेयरीटेल वेडिंग सड़क पर भी होती है

    शादी करने के लिए अच्छा आइडिया और दिमाग चाहिए ताज होटल नहीं। सड़क पर ढाई लाख की शादी भी बिल्कुल फेयरीटेल वेडिंग का एहसास दे सकती है...हाइपर होने की ज़रूरत नहीं है।

    BONUS POINT:दोस्त के साथ काम मतलब फन!

    BONUS POINT:दोस्त के साथ काम मतलब फन!

    रणवीर फिल्म के एंड में बोल ही देते हैं कि दोस्त के साथ काम करने में ही मौज होती है वरना सबकुछ फीका है। दोस्तों के साथ काम करने में काम काम या बोझ नहीं होता, सब कुछ मौज होती। ट्राई करके देख लीजिए।

    English summary
    Ranveer Singh Anushka Sharma film Band Baja Barat clocks 8 years know interesting.
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