आज तक बॉलीवुड में 50+ सुपरस्टार्स..फिर भी इतनी भारी गलती!
वैसे तो हमारे बॉलीवुड में नोवेल के उपर एक से एक फिल्में बनती हैं। कई ऐसी फिल्में हैं जो नोवेल पर बनीं और दर्शकों को खूब पसंद भी आई। ये अलग बात है की आजकल लेखकों में चेतन भगत ही छाए हुए हैं जिनकी लिखी हर किताब पर फिल्म बनने जाती है।
चाहे थ्री इडियट हो या टू स्टेट्स। चेतन भगत की कहानियों पर बनी कई फिल्में हिट भी हुई हैं। लेकिन हम आज चेतन भगत के बारे में कोई बात नहीं कर रहे हैं। आज हमारे देश के सबसे बेहतरीन हिंदी राइटर प्रेमचंद की जयंती है। प्रेमचंद ने एक से बढ़कर एक उपन्यास और कहानियां लिखे।
[ना 'प्रतीक्षा' ना 'जलसा'..'बच्चन परिवार' का है ये नया आशियाना..देखिए तस्वीरें!]
बॉलीवुड में देवदास पर 1936, 1955 और 2002 में मतलब तीन बार फिल्म बनीं लेकिन आज के समय कोई भी डायरेक्टर या प्रोड्यूसर मुंशी प्रेमचंद की कहानियों पर फिल्म बनाने के लिए हाथ नहीं लगाना चाहते क्योंकि जो तड़का फिल्मों को बनाने के लिए चाहिए वो शायद प्रेमचंद की कहानियों में नहीं ढूंढ पाते। ये सब की बस की बात नहीं है। लेकिन ये बॉलीवुड के लिए बड़े दुख की बात भी है।
सत्यजीत रे एक ऐसे महानतम फिल्ममेकर थे जिन्होंने दो हिंदी फिल्म डायरेक्ट की और दोनों प्रेमचंद की कहानियों पर ही थी। कभी आपको शायद पता ना हो लेकिन प्रेमचंद खुद भी बॉलीवुड फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग कर चुके हैं। आगे की स्लाइड्स पर देखिए प्रेमचंद की कहानियों पर कब कब फिल्में बनी और कौन कौन सी प्रमुख फिल्में बनी।


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