गुरु दत्त ने जब मौत से कुछ घंटे पहले ही कह दिया था "मैं अब रिटायर होना चाहता हूं"
वसंत कुमार शिवशंकर पादुकोण का नाम सुन आप सोच रहे होंगे कि इनका नाता कहीं दीपिका पादुकोण से तो नहीं....लेकिन नहीं ये कोई और नहीं बल्कि हिंदी सिनेमा को अमरता देने वाले गुरु दत्त हैं। जिनका पूरा नाम कुछ इस तरह से है। महज 39 साल की उम्र में गुरु दत्त हिंदी सिनेमा की रीढ़ बन गए लेकिन छोटी सी उम्र में हासिल हुआ ये नाम, शोहरत व प्रतिभा छोड़ वह दुनिया को अलविदा कह गए।
गुरु दत्त फिल्मों में अव्वल रहे। फिल्मों के लेखन की बात हो या निर्देशन की। सभी में वह निपुण थें। लेकिन गुरु दत्त बहुत ही भावुक व पजेसिव इंसान थे जिन्हें जिंदगी और लोगों से बहुत उम्मीदें थीं लेकिन ये सब उन्हें मिला नहीं... गुरु दत्त की जिंदगी तो बहुत नामी थी ही लेकिन मौत ऐसी जिसे लेकर आज भी सिर्फ लोगों के जहन में सिर्फ ढेरों सवाल है। आज तक ये रहस्य है कि उनकी मौत एक्सीडेंटल थी? आत्महत्या थी? हत्या थी या फिर कोई और साजिश?
गुरु दत्त को तरक्की तो मिल गई...लेकिन प्यार नसीब नहीं हो पाया। जिंदगी में दो बार उन्होंने प्यार किया लेकिन मुकम्मल न हो पाया। कहते है...इसी वजह से गुरु दत्त ने मौत को गले लगा लिया। वहीं कुछ कहते हैं गुरु दत्त की मौत एक दुर्घटना थी। गुरु दत्त 10 अक्टूबर 1964 को अपने घर पर मृत पाए गए थे। कहा गया कि अत्यधिक शराब व नींद की गोलियां खाने की वजह से अभिनेता, फिल्मकार व निर्देशक की मौत हुई थी।


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