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    7 कारण: स्वरा भास्कर की 'अनारकली ऑफ आरा' है.. 2017 की सबसे दमदार फिल्म!

    By Neeti
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    स्वरा भास्कर की फिल्म 'अनारकली ऑफ आरा' देशभर में रिलीज हो चुकी है। जैसी की उम्मीद थी फिल्म को चारों ओर से तारीफ पर तारीफ मिल रही है, खासकर फिल्म की अनारकली 'स्वरा' को। फिल्म देखने के बाद हमें यह कहने में कोई गुरेज़ नहीं कि यह 2017 में रिलीज अब तक की सबसे दमदार फिल्म है।

    [EXCLUSIVE: ''लोग आज भी मुझे मेरे काम से जानते हैं.. नाम से नहीं..'']

    अनिरूद्ध रॉय चौधरी ने 2016 में फिल्म 'पिंक' के जरीए काफी साफ सटीक मैसेज दिया था.. No Means No.. उसी संकेत के साथ आई 2017 'अनारकली ऑफ आरा'। लेकिन कहीं ना कहीं यह अनारकली ज्यादा सशक्त है। या आप बोल्ड भी बोल सकते हैं।

    अविनाश दास के निर्देशन में बनी यह फिल्म नारीवाद की सही तार को छेड़ती नजर आई है। यहां अनारकली ना ही अबला है.. ना सती सावित्री.. ना ही शक्तिमान है.. ना भगवान। यहां अनारकली बस एक औरत है.. जो अपने मान.. अपनी गरिमा की लड़ाई लड़ती है।

    यहां जानें, 7 कारण, क्यों है अनारकली ऑफ आरा 2017 की सबसे दमदार फिल्म-

    काम पर नाज़

    काम पर नाज़

    यह अनारकली है.. ऑरकेस्ट्रा में नाचने गाने का काम करती हैं। आप भले ही इनके बारे में जो भी सोचें.. लेकिन फिल्म में अनारकली जिस सच्चाई के साथ अपने काम से जुड़ी है.. वह काबिलेतारीफ है। वह दिल से गाती है और फिल्म के कई सीन में गाने- बजाने को लेकर उसकी व्याकुलता आपका दिल छू लेगी।

    नो मतलब नो

    नो मतलब नो

    जी हां, फिल्म दमदार तरीके से यह बात सामने रखती है कि.. बिना मर्जी के आप किसी औरत को नहीं छू सकते। चाहे वह कोई भी हो.. आपकी बीवी हो या गाने नाचने वाली हो या वेश्या हो..

    डटकर सामना करना

    डटकर सामना करना

    अनारकली भले ही शहर से भागकर दिल्ली चली जाती है। लेकिन कुछ ही दिनों में उसे अहसास हो जाता है कि गलत से भागा नहीं जा सकता, बल्कि उसका डटकर सामना करना पड़ता है।

    महिला सशक्तिकरण

    महिला सशक्तिकरण

    सीधे साधे शब्दों में यह फिल्म महिला सशक्तिकरण का भी उदाहरण है। यदि औरत चाहे तो वह किसी का भी सामना कर सकती है.. भले ही कोई उसका साथ दे या ना दे.. भले ही उसके सामने कितना ही ताकतवर इंसान क्यों ना खड़ा हो।

    कला को ना आंके

    कला को ना आंके

    आज भी नचनिया- गवैया.. ये शब्द जुड़ते ही आपकी कला कहीं पीछे छूट जाती है और आपको समाज अलग नजरों से देखने लगता है। निर्देशक ने इस फिल्म में इस अंतर को काफी दमदार तरीके से खत्म करते दिखाया है।

    दुनिया में सिर्फ बुरे लोग ही नहीं

    दुनिया में सिर्फ बुरे लोग ही नहीं

    फिल्म आपको किसी भी मोड़ पर नकारात्मक नहीं लगेगी। यहां यदि पॉवर से लबरेज बुरे लोगों को दिखाया गया है.. तो वहीं अनारकली को समाज में कुछ अच्छे लोगों से भी भेंट होती है। जो अपने अपने तरीके से अनारकली की मदद करते हैं।

    अपनी मदद आप ही करें

    अपनी मदद आप ही करें

    जब रंगीला भी अनारकली को नहीं समझता है.. तो यह साफ हो जाता है कि यह जंग अकेले अनारकली की है। वह कई तरह के झमेलों से जूझती है.. अकेले ही। लेकिन हां, कई भले लोगों का साथ उसे मिलता रहता है।

    English summary
    7 reasons, why Swara Bhaskar's Anaarkali Of Aarah is most powerful movie of 2017.
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