करण - अर्जुन के 26 साल: सनी देओल - बॉबी थे पहली कास्ट, शाहरूख ने अजय देवगन को धोखा देकर की साइन
राकेश रोशन की ब्लॉकबस्टर फिल्म करण - अर्जुन की रिलीज़ को 26 साल पूरे हो चुके हैं। फिल्म आज भी लोगों के ज़ेहन में ताज़ा है और इस फिल्म के कारण, शाहरूख खान और सलमान खान आज भी बॉलीवुड के करण - अर्जुन कहे जाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि फिल्म की ओरिजिनल कास्ट शाहरूख खान - सलमान खान नहीं बल्कि बॉबी देओल और सनी देओल थे।

जी हां, राकेश रोशन दरअसल, सगे भाईयों के साथ करण - अर्जुन बनाना चाहते थे लेकिन बॉबी देओल उस साल बरसात से डेब्यू कर रहे थे। ऐसे में सनी देओल को लगा कि उनके साथ फिल्म करने पर वो बॉबी को चमकने का मौका नहीं दे पाएंगे और उन्होंने फिल्म रिजेक्ट कर दी।
वहीं ये फिल्म अजय देवगन को भी ऑफर की गई थी। अजय देवगन को मिला था सलमान खान का किरदार। लेकिन अजय उस दौरान, काफी एक्शन फिल्में कर रहे थे इसलिए वो शाहरूख खान वाला रोमांटिक रोल करना चाहते थे। लेकिन राकेश रोशन इसके लिए तैयार नहीं थे। शाहरूख खान को भी फिल्म में ज़्यादा दिलचस्पी नहीं थी।
ऐसे में अजय देवगन और शाहरूख खान ने मिलकर तय किया कि वो दोनों ही ये फिल्म छोड़ देंगे। अजय देवगन ने ऐसा ही किया। लेकिन वो तब चौंक गए जब शाहरूख खान ने फिल्म साईन कर ली। बस इसके बाद दोनों के बीच करीब 2 दशकों तक खटास रही। जानिए फिल्म से जुड़े कुछ और दिलचस्प किस्से

गौरी खान को अश्लील लगा था जाती हूं मैं
फिल्म का मशहूर गाना जाती हूं मैं, जल्दी है क्या एक रिजेक्ट किया हुआ अधूरा गाना था। राजेश रोशन को ये गाना बिल्कुल पसंद नहीं था। लेकिन जब राकेश रोशन ने इसे सुना तो उन्होंने राजेश को इस गाने को रिकॉर्ड करने को कहा। बाद में ये गाना चार्टबस्टर साबित हुआ। हालांकि राजेश रोशन कभी भी इस गाने से संतुष्ट नहीं हुए। इतना ही नहीं शाहरूख खान की पत्नी, गौरी खान को भी ये गाना काफी अश्लील लगा था।

एक्शन के लिए झगड़ा
फिल्म के लिए स्टंट्स और एक्शन डिज़ाइन कर रहे थे अजय देवगन के पिता वीरू देवगन। लेकिन उनके पास डेट्स की कमी थी और राकेश रोशन को फिल्म जल्दी पूरी करनी थी। इसलिए राकेश रोशन ने फिल्म के लिए भीखू वर्मा को साइन कर लिया। लेकिन तब तक वीरू देवगन, करण अर्जुन के लिए काफी काम कर चुके थे। बाद में वीरू देवगन वो सारे आईडिया, अजय देवगन की फिल्म विजयपथ में इस्तेमाल किए जिसे देखकर राकेश रोशन बहुत दुखी हुए। राकेश रोशन ने कहा, करण अर्जुन में शाहरूख खान हमेशा एक कट्टी साथ में लिए रहते हैं जो कि क्लाईमैक्स में इस्तेमाल होती है। ये राकेश का आईडिया था जिसे वीरू देवगन ने विजयपथ में इस्तेमाल किया। राकेश रोशन का कहना था कि अगर ये आईडिया वीरू का होता, तो भी ये आईडिया करण - अर्जुन के लिए था और उन्हें कोई हक नहीं बनता था इसका इस्तेमाल किसी और फिल्म में करें।

बस सलमान को भरोसा
जब ये फिल्म बन रही थी तो कोई भी पुनर्जन्म के आईडिया से सहमत नहीं था। फिल्म की पूरी टीम चाहती थी कि फिल्म बंद हो जाए। शाहरूख खान, अमरीश पुरी और राखी भी इस पुनर्जन्म के कॉन्सेप्ट पर भरोसा नहीं करना चाहते थे। केवल एक इंसान को लगा था कि ये पुनर्जन्म का आईडिया ब्लॉकबस्टर साबित होगा। वो इंसान थे - सलमान खान।

सुपरहिट है फिल्म
जब राजकमल स्टूडियो में फिल्म का पहला ट्रायल रखा गया तो सलमान खान ने दो रील देखने के बाद राकेश रोशन को गले से लगा लिया और कहा कि उन्होंने एक सुपरहिट फिल्म बनाई है। सलीम खान ने भी राकेश रोशन को कहा कि उन्होंने जो बनाया है वो परदे पर आग लगा देगा। राकेश रोशन ने जवाब दिया - मुझे नहीं पता कि फिल्म कैसी होगी, रिलीज़ के बाद बॉक्स ऑफिस पर चलेगी या नहीं चलेगी लेकिन फिल्म की तारीफ के लिए उन्होंने सलीम खान और सलमान खान का शुक्रिया अदा किया था।

एक ही कॉन्सेप्ट की फिल्में
ये फिल्म उस समय की तीसरी फिल्म थी जहां राखी ने दो भाईयों की मां का किरदार निभाया, अमरीश पुरी फिल्म के विलेन थे और फिल्म का नाम दो भाईयों की जोड़ी पर रखा गया जो विलेन से बदला लेते हैं। करण - अर्जुन के पहले सुभाष घई की राम - लखन (1989) और इसके बाद 1998 में आई श्याम - घनश्याम भी इसी कॉन्सेप्ट पर थी।

हीरोइनों की अदला बदली
जब तक अजय देवगन फिल्म में थे, उनकी हीरोइन पहले रवीना टंडन थीं जिनके साथ अजय देवगन का बहुत ही बुरा ब्रेकअप हुआ था। अजय ने फिल्म से रवीना को बाहर करवा दिया और फिल्म में एंट्री हुई करिश्मा कपूर की, जिन्हें अजय देवगन उस समय डेट कर रहे थे। अजय के फिल्म छोड़ने के बाद ये रोल, ममता कुलकर्णी ने किया।

ममता कुलकर्णी के नखरे
ममता कुलकर्णी ने शाहरूख और सलमान खान पर उस समय आरोप लगाया था कि दोनों साथ में गुट बनाकर उनका मज़ाक उड़ाते हैं। हालांकि शाहरूख खान का कहना था कि ममता केवल पब्लिसिटी के लिए ये सब कर रही हैं क्योंकि फिल्म में उनके पास और कुछ करने को है नहीं। वैसे इस फिल्म में ममता कुलकर्णी का एक बैकलेस सीन था जो काफी मशहूर हुआ था।

ऋतिक रोशन का साथ
इस फिल्म में ऋतिक रोशन ने राकेश रोशन को असिस्ट किया था और उनका काम था दोनों हीरो - शाहरूख खान और सलमान खान की सारी ज़रूरतों का ध्यान रखना। ऋतिक के साथ शाहरूख - सलमान की ये तस्वीर काफी मशहूर है। बाद में शाहरूख खान ने कहो ना प्यार है छोड़कर, राकेश रोशन को सलाह दी थी कि इस फिल्म से ऋतिक को लॉन्च करें।

सलमान भी करने वाले थे रिजेक्ट
जब अजय देवगन ने फिल्म छोड़ी तो ये किरदार अक्षय कुमार, आमिर खान, सुनील शेट्टी और अरमान कोहली के पास गया। लेकिन अंत में सलमान खान ही इस फिल्म के लिए फाईनल किए गए। सलमान खान ने जब करण अर्जुन साईन की तो वो इसे रिजेक्ट करने वाले थे क्योंकि उस समय वो सूरज बड़जात्या की हम आपके हैं कौन कर रहे थे। लेकिन सूरज बड़जात्या ने सलमान को समझाया कि इतनी शानदार फिल्म हाथ से नहीं जाने दें।

काजोल का मूड
फिल्म की शूटिंग के दौरान काजोल और राकेश रोशन का झगड़ा हुआ क्योंकि काजोल को अपने कॉसट्यूम नहीं पसंद थे। लेकिन राकेश रोशन उनके कपड़े बदलने को तैयार नहीं थे और ऑर्डर देते हुए कहा कि काजोल को वही कपड़े पहनने पड़ेंगे। बाद में काजोल के दोस्त शाहरूख खान ने उन्हें समझाया कि उन्हें डायरेक्टर की बाक की इज़्जत रखनी चाहिए।


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