सत्यमेव जयते- दहेज की आग बुझाने का एक प्रयास

चंद बातों पर हम गौर फरमाना चाहेंगे-
1. रानी ने कहा मैं लड़की हूं आपना तन ढकना खुद जानती हूं- यह बात एकदम सही है कि आज की ई-जैनरेशन में अधिकांश लड़के चाहते हैं कि उनकी पत्नी जींस, टॉप, टीशर्ट, मिनी स्कर्ट, आदि पहनें। सत्यमेव जयते में रानी ने कहा कि हमपर कोई कैसे दबाव डाल सकता है। मैं अच्छी तरह जानती हूं अपने तन को कैसे ढका जाता है। ससुराल वालों के बताये गये कपड़े ही मैं क्यों पहनूं।
2. भाई और पिता के चहरे पर तनाव- यह बात एकदम सही है, हमारे देश में करोड़ों लड़कियां हर रोज दहेज की वजह से अपने भाई और पिता के चेहरों पर तनाव देखती हैं। रानी ने तो तनाव की लकीरों को गहरा होने से पहले ही दहेज के खिलाफ आवाज उठा दी, लेकिन क्या घर में दबी कुचली लड़कियां आवाज़ उठाने में सक्षम हैं? अगर नहीं हैं तो सक्षम होना होगा, नहीं तो आज की खामोशी जिंदगी भर का शोर लेकर आ सकती है।
3. भाई ने समझा बहन को- रानी ने कहा उसकी शादी के ठीक दो दिन पहले जब ससुराल वालों ने कार मांगी तो मैंने सोचा कि आज मुंह खुला है, कल पता नहीं क्या-क्या मांगेंगे। उसने यही सोच कर अपने भाई से कहा कि वो शादी नहीं करना चाहती। उसने भाई से कहा कि आज मुझे विदा कर दोगे, कल मुझे जला दिया गया तब क्या करोगे। सत्यमेव जयते की उन भाईयों से अपील है कि अपनी बहनों को समझें और उन्हें दहेज की आग में मत झोकें।
4. लानत है ऐसे जीवन पर- आमिर ने शो में देश के नौजवानों से कहा, "क्या हम इतने गैरगुजरे हैं कि हम इज्जत की रोटी नहीं कमा सकते। हम लोगों के सामने हाथ फैलाने लगे। लानत है हम पर। खुद्दार बनो और दहेज को लात मारो।
5. लड़कियां चलाती हैं देश- आमिर ने कहा कि लड़कियां ये मत भूलें कि यह देश उन्हीं की वजह से चल रहा है। अपनी जिंदगी को दूसरों के हाथों में न सौंपें। जिंदगी को अपने हाथ में लें। अगर आप अटल रहेंगी तो दुनिया की कोई भी ताकत आपसे आपकी खुशी नहीं छीन सकती।
6. लड़के वालों की तरफ से ज्वेलरी- आमिर के शो में एक नॉर्थ-ईस्ट की एक महिला ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों में शादी के वक्त लड़की के गहने, कपड़े, आदि का खर्च लड़के वाले उठाते हैं। इस पर आमिर ने इस समाज की सराहना की, लेकिन शायद आमिर को यह नहीं मालूम कि यूपी, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, आदि राज्यों में भी यही रिवाज है, लेकिन यहां लड़के वाले बहू के जेवर, कपड़े, आदि खरीदने के लिए लड़के वालों से ही पैसा मांगते हैं, वो भी कैश।
7. बिना खर्च होती है लड़के की शादी- यूपी और एमपी में एक ट्रेंड कई वर्षों से चला आ रहा है, जिसमें लड़के वाले अपने घर पर जितने भी कार्यक्रम या दावतें करते हैं, लड़की के लिए जेवर खरीदते हैं या अन्य खर्च करते हैं, उसकी कीमत लड़की वालों से वसूलते हैं। उदाहरण- अगर लड़के वाले 5 से 10 लाख रुपए कैश मांग रहे हैं, तो समझ लीजिये कि वो दावत, गहने आदि पर 3 से 4 लाख रुपए खर्च करेंगे और बाकी से अपनी जेब भरेंगे।
सत्यमेव जयते का यह एपिसोड अगर बेटे की शादी में दहेज लेने वाले मां-बाप ने देखा होगा तो उनकी आंखें जरूर शर्म से झुक गई होंगी। और वो लोग तो जरूर असहज हो गये होंगे जो अपनी बहू के साथ बैठे इस कार्यक्रम को देख रहे होंगे। आज का एपिसोड देखने वाली उन लड़कियों को एक शक्ति का अहसास जरूर हुआ होगा, जिनकी शादी दहेज की वजह से नहीं हो पा रही है। उन लड़कियों के माता-पिता के चेहरे पर आशा की किरण जरूर जगायी होगी, जो अपनी बेटी की शादी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं।


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