REVIEW: कुशाल टंडन की वेब सीरीज बेबाकी- प्यार में कोई हद नहीं सिर्फ जुनून की बेबाकी
वेब सीरीज- बेबाकी ( ऑल्ट बालाजी,जी5)
कलाकार-कुशाल टंडन, शिवज्योति राजपूत, करण जोतवानी आदि।
निर्देशन-मुजामिल देसाई
शिमला के सबसे बड़े अखबार के मालिक आदिल और फरहाद के आलीशान महल से शुरू होती है बेबाकी की कहानी। एकता कपूर की यूएसपी उनकी क्रिएटिविटी टीम रही है। कहानी को स्क्रीनप्ले में उतारते वक्त भले ही किरदार में कमी रह जाए लेकिन वह किरदार के सेटअप पर हमेशा से ध्यान खींच लेती हैं। आदिल और फरहाद शिमला के सबसे बड़े मीडिया हाउस के मालिक हैं। हालांकि ये दोनों भाई नहीं दोस्त हैं। जो 40 से अधिक साल से दोस्त और 25 साल से बिजनेस पार्टनर हैं। दो दोस्त अपने परिवार के साथ रहते हैं। आदिल के बड़े बेटे सूफियां जल्द एक वेबसाइट लांच करने वाला है। अपने पिता के दो शादी के कारण उसका रिश्ते-प्यार से विश्वास उठ चुका है।

वह अपने पिता के दोस्त फरहाद के करीब है। फरहाद की पत्नी को अब्दुल्ला का परिवार नापसंद है। पिता की दोस्ती की परछाई सूफियां और इम्तियाज की दोस्ती की तरह जिगरी है। इसी में एंट्री होती है प्रोफेसर की बेटी कायनात की। कायनात जर्नलिस्ट हैं। अपनी वेबसाइट लांच करने के लिए सूफियां एक ब्रेकिंग खबर लाता है जो कि कायनात के हाथ लग जाती है। इसी के साथ शुरू होती है कायनात-सूफियां की जंग। इम्तियाज विदेश से सूफियां के कहने पर बिजनेस संभालने शिमला आता है।
आगाज होता है नई मोहब्बत की कहानी का। कायनात-सूफियां-इम्तियाज। एक अनार दो बीमार वाली हालत बेबाकी की कहानी का जोड़ है। 8 एपिसोड की इस पहले सीजन के साथ बेबाकी खत्म नही शुरू होती है। शुरू के दो एपिसोड रूखे हुए से लगते हैं। सूफियां की भूमिका में कुशाल टंडन और कायनात के किरदार में शिवज्योति राजपूत 3 एपिसोड से रस घोलने का सफल प्रयास शुरू करते हैं। हालांकि कुछ अनदेखा नहीं है।
बेबाकी परिचित सी महसूस होती त्रिकोणीय प्रेम कहानी है। कई आते-जाते किरदार के बीच सूफियां-कायनात की नफरत बांधे रखने का सतत प्रयास करती है। एकता कपूर के बाकी के लार्जर देन लाइफ टीवी शोज की तरह यहां पर भी नजर कपड़े, ज्वेलरी कुल मिलाकर शानो शौकत पर जाती है। सुचित्रा पिल्लई और कृतिका देसाई अपने अनुभव की छाप सीरीज में छोड़ती हैं।
इम्तियाज के किरदार में करण जोतवानी स्क्रीन पर सरल दिखाई देते हैं। मुजामिल देसाई का निर्देशन और स्क्रीन प्ले एकता कपूर की लेखनी टीम की सबसे मजबूत कड़ी रही है। जो गिरते हुए कलाकारों को बाकी के सहायक अनुभवी कलाकारों के साथ संभाल लेती है। कई ब्रेकिंग न्यूज के साथ स्टोरी हर एपिसोड में आपकी सोच के अनुसार ही खुलती है। कोई सरप्राइज नहीं है।
मुख्य एक्ट्रेस की भूमिका में शिवज्योति बालाजी का नया चेहरा बन कायनात के किरदार में खुद को बिठा लेती हैं। कुशल टंडन अपने रूड अंदाज से बता देते हैं सूफियां का किरदार उन्हीं के लिए लिखा गया था। कुशल की खामी रही है कि उनके चेहरे पर किरदार का कोई भाव नहीं दिखता।
सूफियां इसी तरह का किरदार है। कुशल अपने स्टाइल और रवैया से निभा ले जाते हैं। संगीत के लिहाज से एकता ने अपनी रोमांटिक सीरीज का स्तर ऊंचा किया है। बारिश और ब्रोकन बट ब्यूटीफुल के बाद बेबाकी का संगीत कहानी को संगीतमय बनाता है। कुल मिलाकर बेबाकी में नयापन नहीं है। फिर भी अगर आप एकता कपूर की लव स्टोरी की लंबी फेहरिस्त के कायल है। तो ये लव स्टोरी चलती का नाम गाड़ी है।


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